Explore

Search

23/03/2026 2:33 am

[the_ad id="14531"]
लेटेस्ट न्यूज़
[the_ad_group id="32"]

रांची में इस बार सबसे भव्य रामनवमी महोत्सव: 175 अखाड़ों के साथ निकलेगी ऐतिहासिक शोभायात्रा

झारखंड की राजधानी रांची में रामनवमी का पर्व हर साल श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस वर्ष इसे और भी भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है। श्री महावीर मंडल रांची महानगर द्वारा आयोजित बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इस बार का आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा।

रांची की रामनवमी पहले से ही अपनी भव्य शोभायात्राओं और अखाड़ों की प्रस्तुति के लिए प्रसिद्ध रही है, लेकिन इस बार इसे देश के सबसे बड़े आयोजनों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक का आयोजन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम

रविवार को चैंबर भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से महावीर मंडल और अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत श्री महावीर मंडल के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय तिलक राज अजमानी को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई, जिससे पूरे माहौल में सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला।

इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने उनके योगदान को याद किया और संगठन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। यह बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं थी, बल्कि एकजुटता और समर्पण का प्रतीक भी बनी।

अखाड़ों और पदाधिकारियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान महावीर मंडल और विभिन्न अखाड़ों के अध्यक्षों को अंगवस्त्र, तलवार और महावीरी झंडा भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी भूमिका को दर्शाता है, बल्कि रामनवमी के आयोजन में उनकी जिम्मेदारी और योगदान को भी रेखांकित करता है।

इस सम्मान समारोह ने सभी उपस्थित लोगों में उत्साह और गर्व की भावना पैदा की, जिससे आगामी आयोजन के प्रति ऊर्जा और समर्पण और भी बढ़ गया।

जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों का संदेश

इस बैठक में विधायक सी.पी. सिंह ने सभी रामभक्तों से अपील की कि वे रामनवमी शोभायात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है।

महावीर मंडल के अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने भी स्पष्ट किया कि जिन अखाड़ाधारियों को किसी प्रकार की समस्या हो, वे सीधे संगठन से संपर्क करें, ताकि उन्हें हर संभव सहायता मिल सके। इससे यह संदेश गया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

भव्य आयोजन की तैयारियां

महामंत्री मुनचुन राय ने बताया कि इस वर्ष रामनवमी को भव्य और मनोरम बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसमें सुरक्षा, व्यवस्था, झांकियों की सजावट और शोभायात्रा के मार्ग की योजना शामिल है।

प्रवक्ता बादल सिंह ने कहा कि रांची के रामभक्तों का उत्साह इतना अधिक है कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन देश की सबसे बड़ी रामनवमी के रूप में पहचान बना सकता है। यह बयान इस बात का संकेत है कि आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

175 अखाड़ों की भागीदारी: ऐतिहासिक क्षण

इस वर्ष रांची की रामनवमी में 175 अखाड़ों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। ये अखाड़े न केवल धार्मिक प्रदर्शन करेंगे, बल्कि अपनी पारंपरिक कला, अनुशासन और शक्ति प्रदर्शन के माध्यम से दर्शकों को आकर्षित करेंगे।

अखाड़ों की यह बड़ी संख्या इस आयोजन की विशालता को दर्शाती है और यह बताती है कि यह केवल एक स्थानीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।

आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सदस्य

बैठक में कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें संरक्षक, संयोजक, उपाध्यक्ष, सचिव और मीडिया प्रभारी शामिल थे। इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर आयोजन को सफल बनाने के लिए जिम्मेदारी ली।

मंच संचालन से लेकर प्रचार-प्रसार और व्यवस्था तक, हर क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो इस आयोजन की सफलता का आधार बनेगी।

आम लोगों के लिए महत्व और लाभ

रामनवमी जैसे आयोजन आम लोगों के लिए केवल धार्मिक उत्सव नहीं होते, बल्कि यह सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का माध्यम भी होते हैं। इस तरह के आयोजनों से लोगों को एक-दूसरे के करीब आने और सामूहिक रूप से खुशी मनाने का अवसर मिलता है।

इसके अलावा, यह आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देता है, क्योंकि इसमें छोटे व्यवसाय, कलाकार और अन्य लोग भी जुड़ते हैं। इस तरह यह समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी साबित होता है।

रांची की पहचान बनेगा भव्य आयोजन

रांची में इस वर्ष आयोजित होने वाला रामनवमी महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शहर की पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला है। 175 अखाड़ों की भागीदारी और व्यापक तैयारियों के साथ यह आयोजन एक ऐतिहासिक रूप लेने जा रहा है।

यदि इसी तरह लोगों का सहयोग और उत्साह बना रहा, तो आने वाले समय में रांची की रामनवमी देश के सबसे बड़े और भव्य आयोजनों में शामिल हो सकती है। यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि एकता, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भी संदेश देगा।

Leave a Comment