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20/09/2026 2:45 pm

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आयुर्वेद
Cat-cow benefits

Cat-cow benefits-सुबह करें मार्जरी आसन, रीढ़ और कमर के लिए जबरदस्त फायदेमंद

सुबह की शुरुआत ऐसे योग-अभ्यास से की जा सकती है जिसमें शरीर पर बहुत अधिक दबाव डाले बिना रीढ़ की गतिशीलता, कंधों और कूल्हों के

Maharashtra Food

Maharashtra Food-महाराष्ट्र की रान भाजियां सिर्फ पोषण नहीं, मौसम की कहानी हैं

भारत में सब्जी का मतलब आमतौर पर बाजार में मिलने वाले आलू, टमाटर, बैंगन, पालक या फूलगोभी से लिया जाता है। लेकिन देश के ग्रामीण

Food Literacy

Food Literacy-स्वस्थ खाने की जानकारी है, फिर भी थाली क्यों बिगड़ रही है?

सिर्फ कैलोरी गिनना काफी नहीं: दिल्ली-NCR के युवाओं पर 2026 की रिसर्च ने बताया ‘फूड लिटरेसी’ क्यों बन रही है हेल्दी लाइफस्टाइल की नई कुंजी

Sudarshan Kriya Yoga

Sudarshan Kriya Yoga-अब आसनों के साथ सांस पर भी बढ़ रहा वैज्ञानिक ध्यान

योग को लेकर आधुनिक शोध का एक बड़ा हिस्सा लंबे समय तक आसनों, लचीलेपन और शारीरिक गतिविधि पर केंद्रित रहा। लेकिन योग की परंपरा में श्वास का अभ्यास भी उतना ही महत्वपूर्ण रहा है। अब वैज्ञानिक शोध यह समझने की कोशिश कर रहा है कि नियंत्रित श्वसन और ध्यान आधारित योग अभ्यास शरीर की तनाव … Read more

Urban Indian Youth

Urban Indian Youth-फिटनेस ऐप से लेकर हेल्दी डाइट तक, फिर भी जिंदगी क्यों नहीं बदलती

आज की युवा पीढ़ी के पास स्वास्थ्य को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जानकारी है। मोबाइल में फिटनेस ऐप हैं, सोशल मीडिया पर योग और एक्सरसाइज के वीडियो हैं, ऑनलाइन डाइट प्लान हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी सामग्री कुछ सेकंड में उपलब्ध हो जाती है। इसके बावजूद नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव … Read more

Northeast Food

Northeast Food-भारत के पूर्वोत्तर में भोजन सिर्फ स्वाद नहीं, एक जीवित विज्ञान है

भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र अपनी भाषाई, सांस्कृतिक और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। लेकिन इसकी फूड कल्चर की एक खास पहचान है—फर्मेंटेशन। आठ राज्यों और 150 से अधिक जातीय समुदायों वाले इस क्षेत्र में पौधों, मछली, मांस और अन्य स्थानीय खाद्य पदार्थों को अलग-अलग पारंपरिक तरीकों से किण्वित किया जाता है। जून 2026 … Read more

Traditional Medicine

Traditional Medicine- असम के गांवों में बचा है 101 औषधीय पौधों का ज्ञान

भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य संस्कृति केवल आयुर्वेद की पुस्तकों तक सीमित नहीं रही है। देश के अलग-अलग आदिवासी और ग्रामीण समुदायों ने अपने आसपास उगने वाले पेड़-पौधों, जड़ों, पत्तियों और फलों के बारे में पीढ़ियों के अनुभव से एक विशाल लोकज्ञान विकसित किया है। इस ज्ञान का बड़ा हिस्सा लिखित रूप में दर्ज नहीं हुआ, … Read more