
Healthy Snacks- कैसे बिहार का पारंपरिक भोजन बन गया दुनिया का हेल्दी स्नैक?
बिहार के मिथिला क्षेत्र का नाम लेते ही मखाना याद आता है। सदियों से तालाबों में उगने वाला यह पारंपरिक खाद्य पदार्थ पहले मुख्य रूप

‘ऑ’ (Awe) का विज्ञान: क्या प्रकृति में 20 मिनट बिताने से तनाव कम और जीवन में खुशी बढ़ सकती है?
डिजिटल युग ने हमें दुनिया से जोड़ दिया है, लेकिन प्रकृति से दूर भी कर दिया है। सुबह उठते ही मोबाइल स्क्रीन, दिनभर कंप्यूटर और रात तक सोशल मीडिया—यह दिनचर्या धीरे-धीरे हमारे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। ऐसे समय में मनोविज्ञान और न्यूरोसाइंस की दुनिया में एक दिलचस्प शब्द तेजी से चर्चा में … Read more

लगातार बैठकर काम करना कितना खतरनाक? हर 30 मिनट बाद उठना आसान मंत्र
डिजिटल युग ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। आज लाखों लोग दिन के आठ से दस घंटे कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन के सामने बैठकर काम करते हैं। घर से काम करने की संस्कृति ने यह समय कई लोगों के लिए और बढ़ा दिया है। पहले जहां काम के दौरान स्वाभाविक … Read more

बड़ी सफलता का राज 5 मिनट की छोटी आदतों में छिपा है? ‘माइक्रो हैबिट्स’ का नया मंत्र
हर नया साल आते ही लाखों लोग संकल्प लेते हैं कि अब रोज़ एक घंटा व्यायाम करेंगे, चीनी छोड़ देंगे, सुबह पांच बजे उठेंगे या हर दिन दस हजार कदम चलेंगे। लेकिन कुछ ही सप्ताह बाद अधिकांश लोग अपनी पुरानी दिनचर्या में लौट आते हैं। सवाल यह है कि ऐसा क्यों होता है? व्यवहार विज्ञान … Read more

क्या दूसरों की मदद करने से बढ़ सकती है आपकी उम्र? क्या है नई ‘हेल्थ थेरेपी’?
आज की दुनिया में सफलता को अक्सर अच्छी नौकरी, बड़ा घर, ऊंची आय और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है। लेकिन आधुनिक मनोविज्ञान और स्वास्थ्य विज्ञान एक अलग सवाल पूछ रहे हैं—यदि किसी व्यक्ति के पास सब कुछ हो, लेकिन उसके जीवन में कोई स्पष्ट उद्देश्य न हो, तो क्या वह वास्तव में स्वस्थ और … Read more

क्या डॉक्टर भविष्य में दवा के साथ ‘दोस्ती’ भी लिखेंगे? नई रिसर्च में खुलासा
आधुनिक चिकित्सा ने संक्रामक रोगों से लेकर जटिल सर्जरी तक अद्भुत उपलब्धियां हासिल की हैं। फिर भी तनाव, अकेलापन, चिंता, अवसाद और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सामने अब एक नया सवाल है—क्या हर समस्या का समाधान केवल दवा हो सकती है? इसी प्रश्न ने दुनिया … Read more

क्या नाश्ते का समय तय कर सकता है आपकी सेहत?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सबसे पहले जिस आदत की अनदेखी होती है, वह है समय पर भोजन करना। कई लोग सुबह नाश्ता छोड़ देते हैं, कुछ लोग दोपहर तक केवल चाय या कॉफी के सहारे रहते हैं, जबकि कुछ देर रात भारी भोजन करके सो जाते हैं। आधुनिक जीवनशैली में भोजन का समय … Read more

क्या हर दिन एक ही समय पर खाना है बेहतर? भोजन की टाइमिंग और सेहत के बीच बताया गहरा संबंध
आधुनिक जीवनशैली में भोजन का समय लगातार अनियमित होता जा रहा है। कभी नाश्ता छोड़ देना, कभी देर रात खाना खाना और कभी पूरे दिन कुछ न खाकर शाम को भारी भोजन कर लेना अब सामान्य बात बन गई है। घर से काम करने की संस्कृति, देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग तथा … Read more

क्या धीरे-धीरे खाना खाने से कम हो सकता है ब्लड शुगर? नई रिसर्च का क्या कहना है?
आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि लोगों के पास भोजन खरीदने का समय है, लेकिन उसे आराम से खाने का समय नहीं। ऑफिस की मीटिंग के बीच जल्दी-जल्दी खाना, मोबाइल देखते हुए भोजन करना, कार में स्नैक्स खा लेना या टीवी के सामने डिनर करना लाखों लोगों की दिनचर्या बन चुका है। … Read more

क्या मोटे अनाज सिर्फ मधुमेह के लिए हैं? नई रिसर्च बताती है रागी का दिमाग, नींद और स्वस्थ उम्र बढ़ने से भी है गहरा संबंध
कुछ दशक पहले तक भारत के कई राज्यों में रागी, बाजरा, ज्वार, कोदो और सांवा जैसे मोटे अनाज रोज़मर्रा की थाली का हिस्सा थे। हरित क्रांति के बाद गेहूं और चावल का उत्पादन बढ़ा और धीरे-धीरे मोटे अनाज पीछे छूटने लगे। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ती मधुमेह की समस्या और जीवनशैली … Read more

Special Train-सुपौल-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन: 6 अगस्त से रोजाना चलेगी नई ट्रेन

Mental Wellness Convention Inspires India’s Security Forces

राम मंदिर भूमि पूजन: सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक


Fermented Foods- क्या दही, इडली, कांजी और ढोकला सचमुच आंतों के लिए फायदेमंद हैं?

Slow Living- क्या तेज़ रफ्तार जीवन ही सफलता की पहचान है?
