रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में उस समय एक अद्भुत आध्यात्मिक और श्रद्धामय वातावरण का निर्माण हुआ, जब हटिया विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक नवीन जायसवाल मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर परिसर में उनके आगमन को लेकर पहले से ही उत्साह का माहौल था और जैसे ही वे पहुंचे, श्रद्धालुओं और ट्रस्ट के सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया। पूरा वातावरण भक्ति, सम्मान और उल्लास से भर गया, जो इस मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा को और भी अधिक प्रखर बना रहा था।
भव्य मंदिर और अद्भुत वास्तुकला ने किया मंत्रमुग्ध
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित यह मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जिसकी भव्यता और वास्तुकला किसी को भी आकर्षित करने के लिए पर्याप्त है। मंदिर की दीवारों पर बनी कलाकृतियां, आकर्षक मूर्तियां और संपूर्ण परिसर की सजावट इतनी सुंदर है कि वहां पहुंचने वाला हर व्यक्ति स्वतः ही आध्यात्मिक भाव में डूब जाता है। विधायक नवीन जायसवाल भी इस दिव्य वातावरण को देखकर काफी प्रभावित हुए और उन्होंने इसे झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का एक जीवंत उदाहरण बताया।
विधिवत सम्मान और धार्मिक अनुष्ठान
मंदिर पहुंचने पर पुजारी अरविंद पांडे और ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने विधायक का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्हें अंगवस्त्र ओढ़ाकर और भगवान राधा-कृष्ण का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत स्वागत समारोह से हुई, जिसमें मंदिर प्रशासन और उपस्थित गणमान्य लोगों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया। इस सम्मान ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।
गर्भगृह में दर्शन और प्रदेश की खुशहाली की कामना
सम्मान ग्रहण करने के बाद विधायक सीधे मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उनका यह आध्यात्मिक भाव दर्शाता है कि राजनीति के साथ-साथ वे सामाजिक और धार्मिक मूल्यों से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। मंदिर में उनकी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं में भी एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
मंदिर बना आस्था और संस्कृति का केंद्र
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं है, बल्कि यह झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। उन्होंने मंदिर की स्वच्छता, व्यवस्था और आध्यात्मिक वातावरण की विशेष रूप से सराहना की। उनका मानना है कि ऐसे धार्मिक स्थल समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने के साथ-साथ लोगों को नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ते हैं।
आश्रम में सेवा कार्यों का लिया जायजा
मंदिर दर्शन के बाद विधायक मंदिर परिसर में संचालित सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम पहुंचे, जहां निराश्रित, असहाय और दिव्यांगजन रहते हैं। उन्होंने वहां रह रहे लोगों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम में उपलब्ध सुविधाओं और सेवा कार्यों की जानकारी भी ली, जिससे उन्हें ट्रस्ट के कार्यों की वास्तविकता का अनुभव हुआ।
मानवीय सेवा भावना की सराहना
आश्रम में रह रहे लोगों की देखभाल और सेवा व्यवस्था को देखकर विधायक नवीन जायसवाल बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है और जो संस्था इस कार्य को समर्पण भाव से कर रही है, वह वास्तव में समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने ट्रस्ट के कार्यों को अनुकरणीय बताते हुए उनकी खुलकर प्रशंसा की।
भविष्य में सहयोग का आश्वासन
विधायक ने यह भी कहा कि वे भविष्य में ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों में हर संभव सहयोग देंगे। उनका यह आश्वासन ट्रस्ट के लिए एक बड़ी प्रेरणा है और इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार और समाज मिलकर इस प्रकार के सेवा कार्यों को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर ट्रस्ट के कई प्रमुख सदस्य और शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, दीपेश निराला, मनीष जालान, ज्ञान प्रकाश शर्मा और विशाल साहू सहित कई लोग शामिल थे। सभी ने मिलकर इस कार्यक्रम को सफल और यादगार बनाया।





