Explore

Search

17/10/2026 4:07 am

[the_ad id="14531"]

Shastra Pujan-रांची में विजयादशमी पर भव्य शस्त्र पूजन, श्री माहेश्वरी सभा ने की तैयारी

Shastra Pujan

रांची में सनातन परंपरा और धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से श्री माहेश्वरी सभा रांची की ओर से विजयादशमी के अवसर पर भव्य शस्त्र पूजन समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 20 अक्टूबर, मंगलवार को सेवा सदन पथ स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित होगा। आयोजन के दौरान माता के भव्य आगमन, सामूहिक शस्त्र पूजन, हनुमान चालीसा के महापाठ, आरती और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। सभा का उद्देश्य विजयादशमी से जुड़ी धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और समाज में सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। “Shastra Pujan”

विजयादशमी पर शस्त्र पूजन के साथ सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने की पहल

विजयादशमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत, धर्म की स्थापना और शक्ति के सम्मान का प्रतीक माना जाता है। भारतीय परंपरा में शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। इसे शक्ति, साहस, कर्तव्य और धर्म की रक्षा के संकल्प से जोड़कर देखा जाता है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए श्री माहेश्वरी सभा रांची ने विजयादशमी पर सामूहिक शस्त्र पूजन का आयोजन करने का निर्णय लिया है।

सभा की ओर से इस कार्यक्रम को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रखते हुए सनातन परंपराओं के पुनर्जागरण और सामाजिक सहभागिता के अवसर के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजकों का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन से जुड़ें और अपने परिवारों में भी भारतीय संस्कृति तथा परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करें। “Shastra Pujan”

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में होगा भव्य आयोजन

श्री माहेश्वरी सभा रांची की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, सेवा सदन पथ, रांची में होगा। 20 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे से शुरू होकर यह आयोजन दोपहर 12:30 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम में समाज के सदस्यों के साथ-साथ रांची के गणमान्य लोगों को भी आमंत्रित करने की योजना है।

आयोजन की शुरुआत माता के भव्य आगमन के साथ होगी। इसके बाद सामूहिक शस्त्र पूजन किया जाएगा। धार्मिक वातावरण में हनुमान चालीसा का महापाठ और आरती आयोजित होगी। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया जाएगा। इस तरह धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से समाज के लोगों को एक साथ जोड़ने और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। “Shastra Pujan”

मुकेश काबरा के नेतृत्व में 25 सदस्यीय टीम संभाल रही आयोजन की जिम्मेदारी

श्री माहेश्वरी सभा रांची के अध्यक्ष मुकेश काबरा के नेतृत्व में कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं। शस्त्र पूजन के सफल आयोजन के लिए अशोक साबू को संयोजक बनाया गया है, जबकि रूपेश भाला, चैतन्य सोमानी और लक्ष्मी चितलांगिया को सहसंयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके साथ 25 सदस्यीय टीम आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में अपनी भूमिका निभा रही है।

सभा के युवा संगठन और महिला समिति के सदस्य भी उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों के अनुसार तैयारियों में जुटे हैं। आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है। आयोजकों का प्रयास है कि मंदिर परिसर में होने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और धार्मिक पाठ में शामिल होने का अवसर मिले तथा कार्यक्रम गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो। “Shastra Pujan”

क्या है विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का धार्मिक महत्व?

विजयादशमी को दशहरा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस दिन मां दुर्गा की आराधना, भगवान राम की विजय से जुड़े आयोजन और शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई जाती है।

शस्त्र पूजन का अर्थ केवल हथियारों की पूजा करना नहीं, बल्कि शक्ति के साथ जिम्मेदारी, आत्मरक्षा के साथ संयम और सामर्थ्य के साथ धर्मसम्मत आचरण के महत्व को स्वीकार करना भी है। परंपरागत रूप से सैनिकों, सुरक्षा बलों, योद्धाओं और कुछ व्यवसायों से जुड़े परिवारों में शस्त्र या अपने कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की जाती रही है। अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में इस परंपरा के तरीके भिन्न हो सकते हैं।

श्री माहेश्वरी सभा रांची का यह आयोजन इसी सांस्कृतिक विरासत को सामूहिक रूप से मनाने का प्रयास है। आयोजकों की मंशा है कि विजयादशमी के अवसर पर लोग अपनी धार्मिक परंपराओं को समझें और उनके मूल संदेश को अपने जीवन में अपनाएं। “Shastra Pujan”

‘नवारंभ’ के चार संकल्पों में शामिल है शस्त्र पूजन

सभा के मीडिया प्रभारी रोहित शारदा ने बताया कि ‘नवारंभ’ के अंतर्गत चार संकल्प निर्धारित किए गए हैं। इनमें पहला संकल्प गौ रक्षा, दूसरा भोजन की बर्बादी रोकना, तीसरा शस्त्र पूजन और चौथा मरणोपरांत नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

इन संकल्पों के माध्यम से धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी महत्व दिया जा रहा है। गौ रक्षा और भोजन की बर्बादी रोकने से जुड़े प्रयास समाज में संवेदनशीलता और संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हैं। वहीं, मरणोपरांत नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों के लिए दृष्टि से संबंधित सहायता की संभावनाओं को समझाना है। नेत्रदान के बारे में सही जानकारी और पंजीकरण के लिए अधिकृत नेत्रदान संस्थानों से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।

सभा की ओर से इन चारों संकल्पों को समाज के बीच पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को उनसे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस दृष्टि से विजयादशमी पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता से जोड़कर देखा जा सकता है।

समाज के लोगों से आयोजन में भाग लेने की अपील

श्री माहेश्वरी सभा रांची की ओर से समाज के सदस्यों और श्रद्धालुओं से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई है। आयोजकों का लक्ष्य है कि विजयादशमी पर होने वाला सामूहिक शस्त्र पूजन सनातन परंपराओं के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक जागरूकता का माध्यम बने।

सभा का संदेश है कि लोग अपने घरों में भी अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपराओं के अनुसार शस्त्र पूजन कर सकते हैं। हालांकि, शस्त्र पूजन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना और हथियारों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना आवश्यक है। धार्मिक आस्था के साथ जिम्मेदारी और सावधानी का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

इस आयोजन की जानकारी श्री माहेश्वरी सभा रांची के मीडिया प्रभारी रोहित शारदा, गिरिजा शंकर पेड़ीवाल और रश्मि मालपानी की ओर से दी गई है।

Leave a Comment