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20/03/2026 12:58 am

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BIT Mesra Cyber Security Workshop 2026: डिजिटल सुरक्षा की नई दिशा

आज का दौर पूरी तरह डिजिटल हो चुका है, जहां बैंकिंग से लेकर शिक्षा और निजी जीवन तक हर चीज इंटरनेट से जुड़ी हुई है। ऐसे में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विशेषज्ञों का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह हर आम व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए रांची स्थित बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा में साइबर सुरक्षा कार्यशाला 2026 का आयोजन किया गया, जिसने छात्रों और पेशेवरों को डिजिटल दुनिया के खतरों और उनके समाधान के बारे में जागरूक किया।

आयोजन का उद्देश्य और महत्व

इस दो दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें वास्तविक साइबर खतरों से रूबरू कराना था। कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया कि आज साइबर अपराधी पहले से ज्यादा स्मार्ट हो चुके हैं और आम लोग उनकी सबसे आसान टारगेट बनते हैं। इसलिए जरूरी है कि हर व्यक्ति साइबर सुरक्षा के बेसिक नियमों को समझे और उनका पालन करे।

इस कार्यशाला ने यह भी साबित किया कि शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें छात्रों को भविष्य के खतरों के लिए तैयार करना भी जरूरी है।

उद्घाटन सत्र: विशेषज्ञों की उपस्थिति से बढ़ा महत्व

कार्यक्रम का उद्घाटन डीन ऑफ फैकल्टी अफेयर्स डॉ. अशोक शेरॉन की उपस्थिति में हुआ। इस मौके पर साइबरपीस के संस्थापक मेजर विनीत कुमार, साइबरकल्कि के संस्थापक अश्वनी कुमार और संचालन प्रबंधक विकास कुमार की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गंभीरता और विश्वसनीयता को और बढ़ा दिया।

इन विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि साइबर सुरक्षा केवल टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती हैं।

पहला तकनीकी सत्र: डिजिटल धोखाधड़ी की पहचान

पहले तकनीकी सत्र में कंप्यूटर विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. संदीप दत्ता ने डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आजकल ऑनलाइन फ्रॉड कई रूपों में सामने आ रहा है, जैसे फिशिंग, फेक कॉल, और फर्जी लिंक के जरिए लोगों की निजी जानकारी चुराना।

उन्होंने यह भी समझाया कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करना जरूरी है और कभी भी अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। यह सत्र खासतौर पर आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी रहा, क्योंकि इसमें रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरण दिए गए।

ARM प्रोसेसर और सिस्टम सुरक्षा पर विशेष सत्र

दूसरे सत्र में साइबरकल्कि के सह-संस्थापक प्रतीक भटनागर ने ARM प्रोसेसर में साइबर सुरक्षा पर गहन जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्मार्टफोन और अन्य डिजिटल डिवाइस में इस्तेमाल होने वाले प्रोसेसर में भी कई तरह की कमजोरियां हो सकती हैं, जिनका फायदा हैकर्स उठा सकते हैं।

इस सत्र में सिस्टम लेवल सिक्योरिटी और डिजाइन स्तर के जोखिमों पर चर्चा की गई, जिससे छात्रों को यह समझने में मदद मिली कि साइबर सुरक्षा केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं है, बल्कि हार्डवेयर स्तर पर भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

साइबर जोखिम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा

कार्यशाला के दौरान साइबर सुरक्षा के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा, नेटवर्क संरचना, और ऑपरेशनल सिक्योरिटी शामिल रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए केवल एक स्तर पर काम करना काफी नहीं होता, बल्कि मल्टी-लेयर सिक्योरिटी जरूरी होती है।

इस चर्चा ने यह स्पष्ट किया कि साइबर सुरक्षा एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें लगातार अपडेट और जागरूकता की आवश्यकता होती है।

छात्रों के लिए व्यावहारिक अनुभव

इस कार्यशाला की सबसे खास बात यह रही कि इसमें छात्रों को केवल थ्योरी नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल अनुभव भी दिया गया। उन्हें रियल-लाइफ साइबर अटैक सिचुएशन्स के बारे में बताया गया और उनसे निपटने के तरीके भी सिखाए गए।

इस तरह का अनुभव छात्रों को भविष्य में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करता है और उन्हें इंडस्ट्री के लिए तैयार करता है।

आम लोगों के लिए जरूरी साइबर सुरक्षा टिप्स

आज के समय में हर व्यक्ति को साइबर सुरक्षा के बेसिक नियमों का पालन करना चाहिए। सबसे पहले, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और उन्हें समय-समय पर बदलते रहें। इसके अलावा, किसी भी अनजान लिंक या ईमेल पर क्लिक करने से बचें।

सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतें और केवल भरोसेमंद वेबसाइट्स का ही उपयोग करें। इसके साथ ही, अपने डिवाइस में हमेशा अपडेटेड एंटीवायरस और सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर रखें।

इन छोटी-छोटी सावधानियों से बड़े साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।

जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा

बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा में आयोजित यह साइबर सुरक्षा कार्यशाला 2026 न केवल छात्रों के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि साइबर सुरक्षा केवल आईटी प्रोफेशनल्स की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर इंटरनेट यूजर को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए।

जैसे-जैसे डिजिटल दुनिया आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे साइबर खतरों का दायरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि हम सभी जागरूक रहें और सुरक्षित डिजिटल जीवन जीने के लिए सही कदम उठाएं।

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