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23/02/2026 3:38 am

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हैदराबाद में श्री श्याम बाबा निशान यात्रा 2026: आस्था, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम

हर वर्ष की तरह इस बार भी Hyderabad में श्री श्याम बाबा की भव्य निशान यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को श्याममय बना दिया। घांसी बाजार झूले सिमलावाला निवास से प्रारंभ हुई यह यात्रा सुबह की हल्की सुनहरी धूप के बीच शुरू हुई। भक्तजन स्नान और ध्यान कर तड़के ही आयोजन स्थल पर पहुंच गए थे। वातावरण में “जय श्री श्याम” के जयकारों और मंत्रोच्चार की गूंज से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा क्षेत्र एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया हो। बढ़ती आस्था और जनसमूह की उपस्थिति यह दर्शा रही थी कि श्याम भक्तों के लिए यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का उत्सव है।

रथ पर विराजे बाबा और मंत्रोच्चार से गूंजा वातावरण

यात्रा आरंभ होने से पहले श्री श्याम बाबा को सुसज्जित रथ पर विराजमान किया गया। फूलों और रंगीन सजावट से सजे रथ को देखकर भक्तों की आंखें श्रद्धा से भर उठीं। इसके बाद पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना प्रारंभ हुई। सिमलावाला परिवार के सदस्यों ने सामूहिक रूप से बाबा का पूजन किया। परिवार के बड़े बुजुर्गों से लेकर महिलाएं, पुरुष और बच्चे—सभी ने श्रद्धा से पूजा में भाग लिया। हर किसी के हाथ में पूजा की सामग्री थी और हर चेहरे पर भक्ति का तेज झलक रहा था। इस दृश्य ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब परिवार एक साथ आस्था में जुड़ता है, तो वह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी मजबूत होती है।

रमेश अग्रवाल के नेतृत्व में स्वागत और आयोजन

सिमलावाला परिवार के मुखिया रमेश अग्रवाल जी इस आयोजन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वे सभी आगंतुकों का आत्मीय स्वागत करते नजर आए। उनकी अगुवाई में पूरा आयोजन सुव्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ। आयोजन में शामिल भक्तों की अटूट श्रद्धा देखकर यात्रा के महत्व को सहज ही समझा जा सकता था। इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकजुटता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जो आमजन के मानसिक संतुलन और सामाजिक सौहार्द के लिए अत्यंत लाभकारी है।

खाटु श्याम बाबा की आरती से भाव-विह्वल हुए भक्त

पूजन के बाद आरती का आयोजन किया गया। जैसे ही Khatu Shyam बाबा के आरती गीत गूंजे, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। सभी श्रद्धालु भक्ति की गंगा में डूबते नजर आए। परिवार के प्रत्येक सदस्य ने बारी-बारी से आरती में हिस्सा लिया। आरती के दौरान कई भक्त भाव-विह्वल होकर आंखों में आंसू लिए बाबा का स्मरण करते दिखाई दिए। यह क्षण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि आस्था और आत्मिक शांति का अनुभव भी था, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अत्यंत आवश्यक है।

निशान और पताकों की पूजा, श्याममय हुआ शहर

आरती के पश्चात यात्रा में शामिल होने वाले निशानों और पताकों की पूजा-अर्चना की गई। भक्तों के हाथों में रंग-बिरंगे झंडे थे, जिन पर श्री श्याम बाबा का चित्र अंकित था। यह दृश्य इतना भव्य था कि ऐसा लग रहा था मानो पूरा हैदराबाद आज श्याम रंग में रंग गया हो। पताकों की पूजा का यह महत्व है कि यह श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक होता है। आमजन के लिए यह संदेश है कि यदि जीवन में दृढ़ आस्था और सकारात्मकता का ध्वज उठाया जाए, तो हर कठिनाई सरल हो सकती है।

फूलों की वर्षा और सुगंधित हुआ वातावरण

यात्रा के दौरान फूलों की भव्य वर्षा की गई। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो आकाश से स्वयं बाबा पर पुष्प अर्पित किए जा रहे हों। फूलों और इत्र की सुगंध से पूरा वातावरण महक उठा। इस तरह के दृश्य भक्तों के मन में गहरी आध्यात्मिक छाप छोड़ते हैं। सुगंधित वातावरण मानसिक शांति और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है।

रथ के साथ भव्य निशान यात्रा का शुभारंभ

इसके बाद रथ पर सवार होकर श्री श्याम बाबा की निशान यात्रा शुरू हुई। भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु झूम उठे। ऐसा लग रहा था कि लोग अपनी सारी परेशानियां भूलकर केवल भक्ति में रम गए हों। भक्त नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे और मार्ग में जगह-जगह रुककर भजन-कीर्तन कर रहे थे। इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और अपने कैमरों में इसे कैद करने लगे। धार्मिक यात्राएं समाज को जोड़ने का माध्यम बनती हैं और सामूहिक उत्सव की भावना को प्रोत्साहित करती हैं।

हाईकोर्ट से काचीगुड़ा तक आस्था की यात्रा

यह यात्रा हाईकोर्ट होते हुए चम्पा दरवाजा पहुंची, जहां श्री हनुमान मंदिर में दर्शन किए गए। इसके बाद ओल्ड बस अड्डा होते हुए यात्रा काचीगुड़ा स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर पहुंची। मंदिर के शिखर पर निशान का आरोहण किया गया और इसी के साथ यात्रा को विराम दिया गया। निशान आरोहण का यह क्षण भक्तों के लिए अत्यंत भावुक और गर्वपूर्ण था। इसके पश्चात सभी ने प्रसाद ग्रहण किया और बाबा से पुनः मिलने का आशीर्वाद प्राप्त किया।

प्रशासन और स्वयंसेवकों का सराहनीय सहयोग

इस यात्रा की विशेषता यह रही कि आयोजन के दौरान किसी भी राहगीर को असुविधा न हो, इसके लिए स्वयंसेवक जगह-जगह तैनात थे। साथ ही हैदराबाद पुलिस ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह दर्शाता है कि जब समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं, तो बड़े से बड़ा आयोजन भी सफलतापूर्वक संपन्न हो सकता है।

सफलता के पीछे समर्पित टीम का योगदान

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में हेमंत अग्रवाल, शिवांग अग्रवाल, मधु अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, यश अग्रवाल, हार्दिक अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, किशनलाल अग्रवाल सहित रमेश अग्रवाल जी का विशेष योगदान रहा। उनके अथक प्रयासों और समर्पण ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बना दिया। सामूहिक प्रयास और निस्वार्थ सेवा की भावना ही ऐसे आयोजनों की असली ताकत होती है।

आम लोगों के लिए संदेश

श्री श्याम बाबा की निशान यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देती है। जब लोग भक्ति में डूबते हैं, तो वे न केवल स्वयं आनंदित होते हैं बल्कि अपने आसपास के वातावरण को भी आनंदमय बना देते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को संस्कृति से जोड़ते हैं और समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।

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