आज के तेज़ रफ्तार और भौतिक जीवन में मनुष्य बाहरी उपलब्धियों के पीछे दौड़ते हुए आंतरिक शांति से दूर होता जा रहा है। तनाव, असंतोष और मानसिक अशांति आधुनिक समाज की आम समस्याएँ बन चुकी हैं। ऐसे समय में श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले प्रकाश स्तंभ की तरह कार्य करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, उपदेशों और जीवन दर्शन के माध्यम से यह कथा मानव को धर्म, सत्य, प्रेम और करुणा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर: आस्था और साधना का केंद्र
रांची के पुंदाग क्षेत्र में स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर वर्षों से आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र रहा है। यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि भक्ति, साधना और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है। प्रणामी परंपरा के सिद्धांतों पर आधारित यह मंदिर प्रेम, समानता और ईश्वर के निराकार–साकार स्वरूप के संतुलित दर्शन को आत्मसात कराता है। यही कारण है कि यहाँ आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम दूर-दराज़ से श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।
तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा का भव्य आयोजन
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में 9 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा एवं वाणी चर्चा का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक संपन्न होगा। इन तीन दिनों में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर गीता के गूढ़ उपदेशों तक का आध्यात्मिक रसपान करेंगे। कथा के माध्यम से जीवन के व्यावहारिक पक्षों को आध्यात्मिक दृष्टि से समझने का अवसर मिलेगा, जो इसे केवल धार्मिक नहीं बल्कि जीवनोपयोगी आयोजन बनाता है।
सुप्रसिद्ध कथावाचक सदानंद जी महाराज का आध्यात्मिक योगदान
इस पावन अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक एवं सुप्रसिद्ध कथावाचक सदानंद जी महाराज अपने श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा का अमृत प्रवाह करेंगे। सदानंद जी महाराज देश-विदेश में विख्यात हैं और उनकी कथाओं में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उनकी वाणी सरल होते हुए भी गहरी होती है, जो सीधे श्रोता के हृदय को स्पर्श करती है। यही कारण है कि उनके प्रवचनों में हर आयु वर्ग और हर पृष्ठभूमि के लोग सहज रूप से जुड़ जाते हैं।
रांची में 39वीं कथा: एक ऐतिहासिक निरंतरता
यह तथ्य विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्ष 1986 से सदानंद जी महाराज रांची में निरंतर श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा का आयोजन करते आ रहे हैं। वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली यह कथा रांची में उनकी 39वीं कथा होगी। यह निरंतरता न केवल उनकी साधना और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि रांची के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में उनकी गहरी छाप को भी रेखांकित करती है। इतने वर्षों से लगातार एक ही शहर में कथा का आयोजन होना अपने आप में दुर्लभ और प्रेरणादायक है।
देश-विदेश में 2454 कथाओं का अनुभव
अब तक सदानंद जी महाराज देश और विदेश में कुल 2454 श्रीमद् भागवत कृष्ण कथाएँ संपन्न करा चुके हैं। यह संख्या केवल आँकड़ा नहीं, बल्कि उनके आध्यात्मिक प्रभाव, अनुभव और अथक साधना का प्रमाण है। इतनी व्यापक यात्रा और विविध श्रोताओं के बीच कथा कहने का अनुभव उनकी वाणी को और अधिक प्रामाणिक तथा प्रभावशाली बनाता है। यही कारण है कि उनकी कथा केवल सुनने का विषय नहीं रहती, बल्कि जीवन में उतारने योग्य दर्शन बन जाती है।
श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा का जीवनोपयोगी संदेश
श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा केवल भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन नहीं करती, बल्कि मानव जीवन के प्रत्येक पहलू को स्पर्श करती है। इसमें धर्म का अर्थ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि सत्य और नैतिकता से जुड़ा जीवन जीना बताया गया है। कथा के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि कर्म, भक्ति और ज्ञान तीनों का संतुलन ही जीवन को पूर्ण बनाता है।
तैयारियाँ पूर्ण, श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल और प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कथा आयोजन की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। बैठने, ध्वनि व्यवस्था और समग्र अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के कथा का आनंद ले सकें।
समाज के लिए आध्यात्मिक आयोजनों का महत्व
ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। जब लोग एक साथ भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में एकत्र होते हैं, तो आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता को भी बल मिलता है। श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा जैसे आयोजन युवाओं को भी भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं, जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।
सभी श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट की ओर से सभी श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की गई है कि वे सपरिवार इस दिव्य आयोजन में उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करें। यह तीन दिन केवल कथा सुनने के नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर हैं।
भक्ति और ज्ञान से जीवन का उत्थान
श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में आयोजित होने वाली यह तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा 2026 निश्चित रूप से रांची के धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगी। सदानंद जी महाराज की अमृतमयी वाणी के माध्यम से श्रद्धालु न केवल भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ेंगे, बल्कि अपने जीवन को अधिक संतुलित, सार्थक और शांत बनाने की प्रेरणा भी पाएँगे।






