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04/02/2026 9:32 am

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बार-बार टॉयलेट जाना कहीं बढ़ी हुई शुगर का संकेत तो नहीं? जानिए पूरी सच्चाई

अक्सर लोग दिन में बार-बार टॉयलेट जाने को सामान्य बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह आदत लगातार बनी रहे तो यह शरीर के अंदर चल रही किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकती है। खासतौर पर मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों में बार-बार पेशाब आना एक शुरुआती और प्रमुख लक्षण माना जाता है। जब कोई व्यक्ति दिन में सात से दस बार से अधिक पेशाब करने लगे या रात में नींद बार-बार इसी वजह से टूटने लगे, तो इसे सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। शरीर इस तरह हमें संकेत देता है कि ब्लड शुगर नियंत्रण से बाहर जा रही है।

मधुमेह में पेशाब ज्यादा क्यों आता है

जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है, तो किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। किडनी का काम खून को साफ करना होता है, लेकिन जब उसमें ग्लूकोज की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है, तो किडनी उसे पेशाब के रास्ते बाहर निकालने की कोशिश करती है। इस प्रक्रिया में शुगर के साथ-साथ शरीर का ज्यादा पानी भी बाहर निकलने लगता है। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को बार-बार पेशाब आने लगती है और शरीर में पानी की कमी महसूस होने लगती है।

ज्यादा पेशाब और बढ़ी प्यास का आपस में संबंध

बार-बार पेशाब आने के कारण शरीर से पानी तेजी से बाहर निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से व्यक्ति को बार-बार प्यास लगती है और वह ज्यादा पानी पीने लगता है। यह एक दुष्चक्र बन जाता है, जिसमें ज्यादा पानी पीने से पेशाब बढ़ता है और पेशाब बढ़ने से फिर प्यास लगती है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह स्पष्ट संकेत हो सकता है कि शरीर में ब्लड शुगर का स्तर असामान्य रूप से बढ़ा हुआ है।

भूख ज्यादा लगना लेकिन वजन कम होना क्यों होता है

मधुमेह में शरीर की कोशिकाएं ग्लूकोज का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पातीं। इसका परिणाम यह होता है कि शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती, भले ही व्यक्ति पर्याप्त भोजन कर रहा हो। ऊर्जा की कमी के कारण दिमाग बार-बार भूख का संकेत देता है, लेकिन दूसरी ओर शुगर पेशाब के जरिए बाहर निकलने लगती है। इसी वजह से व्यक्ति की भूख बढ़ जाती है, लेकिन वजन धीरे-धीरे कम होने लगता है, जो कि एक गंभीर चेतावनी संकेत माना जाता है।

थकान और कमजोरी भी हैं महत्वपूर्ण लक्षण

जब शरीर को ऊर्जा के रूप में ग्लूकोज नहीं मिल पाता, तो व्यक्ति को हर समय थकान और कमजोरी महसूस होती है। छोटे-छोटे काम करने में भी परेशानी होने लगती है और मन किसी काम में नहीं लगता। कई बार लोग इसे उम्र, तनाव या ज्यादा काम का असर मान लेते हैं, लेकिन असल में यह अनियंत्रित ब्लड शुगर का परिणाम हो सकता है। लगातार थकान महसूस होना डायबिटीज की जांच करवाने का एक मजबूत कारण बन सकता है।

धुंधली नजर और अन्य संकेतों को न करें नजरअंदाज

ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने से आंखों की नसों पर भी असर पड़ता है। इससे नजर धुंधली होने लगती है और पढ़ने या दूर की चीजें देखने में परेशानी हो सकती है। अगर यह समस्या बार-बार होती है और कुछ समय बाद खुद-ब-खुद ठीक भी हो जाती है, तो भी इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह डायबिटीज से जुड़ी आंखों की शुरुआती समस्या हो सकती है, जो समय रहते संभाली न जाए तो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है।

सही समय पर जांच क्यों है जरूरी

अगर किसी व्यक्ति को बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, थकान, वजन कम होना या धुंधली नजर जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो उसे बिना देर किए ब्लड शुगर की जांच करवानी चाहिए। फास्टिंग ब्लड शुगर, पोस्टप्रांडियल ब्लड शुगर और HbA1c टेस्ट से यह साफ पता चल जाता है कि शुगर नियंत्रण में है या नहीं। इसके साथ ही यूरिन टेस्ट से इंफेक्शन या कीटोन की स्थिति का भी पता लगाया जा सकता है, जो डायबिटीज में आम समस्या होती है।

जीवनशैली में बदलाव से कैसे मिलेगी राहत

मधुमेह को केवल दवाओं से ही नहीं, बल्कि सही जीवनशैली अपनाकर भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। संतुलित आहार जिसमें कम कार्बोहाइड्रेट और ज्यादा फाइबर हो, ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। नियमित व्यायाम शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है, जिससे शुगर बेहतर तरीके से नियंत्रित होती है। इसके अलावा समय पर दवा या इंसुलिन लेना और डॉक्टर की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी होता है।

रात में बार-बार पेशाब से कैसे बचें

रात में बार-बार पेशाब आना न सिर्फ शरीर को थकाता है, बल्कि नींद की गुणवत्ता को भी खराब करता है। सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा तरल पदार्थ लेने से बचना चाहिए, खासतौर पर चाय, कॉफी या मीठे पेय। अगर फिर भी समस्या बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से परामर्श लें, क्योंकि यह अनियंत्रित डायबिटीज या किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

समय रहते सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज

अगर कोई व्यक्ति दिन में सात से दस बार से ज्यादा पेशाब कर रहा है और इसके साथ अन्य लक्षण भी मौजूद हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि शरीर मदद की मांग कर रहा है। समय रहते जांच और सही इलाज से न केवल डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि इससे होने वाली जटिलताओं से भी बचा जा सकता है। जागरूकता और सही जानकारी ही इस बीमारी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

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