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05/08/2026 6:02 pm

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शशांकासन के फायदे: तनाव कम करने से लेकर पीठ दर्द में राहत

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव, चिंता, अनियमित दिनचर्या और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत के कारण लोगों में पीठ दर्द, गर्दन में जकड़न और मानसिक थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अधिकतर लोग इन समस्याओं के समाधान के लिए दवाओं या महंगे उपचारों का सहारा लेते हैं, जबकि योग विज्ञान में ऐसे कई सरल उपाय बताए गए हैं, जो शरीर और मन दोनों को प्राकृतिक रूप से संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं।

इन्हीं योग मुद्राओं में शशांकासन का विशेष महत्व माना जाता है। संस्कृत में “शशांक” का अर्थ चंद्रमा होता है, जो शांति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इस आसन को मानसिक शांति और विश्राम प्रदान करने वाले योगासनों में विशेष स्थान दिया गया है।

क्या है शशांकासन और क्यों कहा जाता है इसे चाइल्ड पोज?

शशांकासन को अंग्रेजी में “चाइल्ड पोज” या “Rabbit Pose” के नाम से भी जाना जाता है। इस आसन में व्यक्ति वज्रासन की स्थिति में बैठकर अपने शरीर को आगे की ओर झुकाता है और दोनों हाथों को सामने फैलाकर माथे को जमीन से स्पर्श करने का प्रयास करता है। इस स्थिति में शरीर पूरी तरह आराम की अवस्था में पहुंच जाता है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार यह आसन शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क को भी विश्राम देने में सहायक माना जाता है। यही कारण है कि कई योग अभ्यासों के बीच विश्राम मुद्रा के रूप में भी इसका उपयोग किया जाता है।

शशांकासन करने की सही विधि

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठना चाहिए। इसके बाद गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे की ओर झुकाएं। हाथों को सामने की दिशा में फैलाएं और माथे को जमीन से लगाने का प्रयास करें। इस दौरान कंधों और गर्दन को ढीला छोड़ना चाहिए तथा सामान्य गति से सांस लेते रहना चाहिए।

कुछ सेकंड या अपनी क्षमता के अनुसार इस स्थिति में बने रहने के बाद धीरे-धीरे शरीर को ऊपर उठाकर प्रारंभिक अवस्था में लौटना चाहिए। योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस आसन को बिना किसी झटके और आरामदायक गति से करना अधिक लाभकारी होता है।

मानसिक तनाव और चिंता को कम करने में क्यों है प्रभावी

आज तनाव आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन चुका है। लगातार तनाव के कारण शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिसका असर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ता है।

शशांकासन के दौरान शरीर की मांसपेशियां शिथिल होती हैं और मस्तिष्क को आराम की अनुभूति होती है। कई योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह आसन पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करने में मदद कर सकता है, जिससे मन को शांति और तनाव में कमी महसूस हो सकती है। नियमित अभ्यास व्यक्ति को भावनात्मक रूप से अधिक स्थिर बनाने में सहायक हो सकता है।

रीढ़ और पीठ को आराम देने वाला प्राकृतिक उपाय

जो लोग लंबे समय तक कंप्यूटर या कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, उनमें पीठ दर्द और रीढ़ की जकड़न की समस्या आम होती जा रही है। शशांकासन के दौरान रीढ़ की हड्डी को हल्का खिंचाव मिलता है, जिससे मांसपेशियों को आराम मिल सकता है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार नियमित अभ्यास से पीठ और कमर की मांसपेशियों का तनाव कम हो सकता है और शरीर की लचक बढ़ सकती है। हालांकि गंभीर स्लिप डिस्क या तीव्र पीठ दर्द वाले लोगों को विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही इस आसन का अभ्यास करना चाहिए।

पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मिल सकती है सहायता

शशांकासन के दौरान पेट के हिस्से पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन तंत्र को सक्रिय होने में सहायता मिल सकती है। योग चिकित्सकों का मानना है कि यह आसन कब्ज, गैस और अपच जैसी सामान्य समस्याओं में सहायक हो सकता है।

हालांकि इसे किसी बीमारी का उपचार नहीं माना जाता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित भोजन के साथ इसका नियमित अभ्यास पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में योगदान दे सकता है।

रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है सकारात्मक प्रभाव

योग और ध्यान से जुड़े कई वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित योगाभ्यास तनाव को कम करने और शरीर को रिलैक्स करने में सहायक हो सकता है। तनाव कम होने से रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ हृदय स्वास्थ्य को भी मिल सकता है।

शशांकासन स्वयं किसी हृदय रोग का इलाज नहीं है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली के एक हिस्से के रूप में इसे अपनाना लाभकारी माना जाता है।

एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने में सहायक

आज के डिजिटल युग में लगातार मोबाइल और सोशल मीडिया के कारण लोगों की एकाग्रता प्रभावित हो रही है। शशांकासन के दौरान सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मन धीरे-धीरे शांत होता है और अनावश्यक विचारों की तीव्रता कम हो सकती है।

कई लोग नियमित अभ्यास के बाद मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता में सुधार का अनुभव करते हैं। यही कारण है कि ध्यान और प्राणायाम के साथ इस आसन को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

देश के जाने-माने डॉक्टर और विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

भारत के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. देवी शेट्टी कई बार इस बात पर जोर दे चुके हैं कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए तनाव प्रबंधन और नियमित शारीरिक गतिविधि अत्यंत आवश्यक है। उनका मानना है कि योग और ध्यान व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

योग विज्ञान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध डॉ. एच.आर. नागेंद्र का कहना है कि योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन और तंत्रिका तंत्र को भी संतुलित करता है। उनके अनुसार शशांकासन जैसे विश्राम देने वाले आसन मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकते हैं।

प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. समीर पारिख का मानना है कि तनाव और चिंता से निपटने के लिए योग, ध्यान और माइंडफुलनेस जैसी तकनीकें काफी उपयोगी साबित हो सकती हैं। उनके अनुसार मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नियमित अभ्यास और सकारात्मक जीवनशैली आवश्यक है।

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

हालांकि शशांकासन सामान्य रूप से सुरक्षित माना जाता है, लेकिन जिन लोगों को घुटनों में गंभीर दर्द, हाल ही में पेट की सर्जरी, गंभीर चक्कर आने की समस्या या उच्च रक्तचाप की गंभीर स्थिति हो, उन्हें इसका अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

गर्भवती महिलाओं और रीढ़ की गंभीर समस्याओं से पीड़ित लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अभ्यास के दौरान किसी प्रकार का दर्द या असुविधा महसूस होने पर तुरंत रुक जाना चाहिए।

निष्कर्ष

शशांकासन एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी योगासन है, जो शरीर को विश्राम देने, मानसिक तनाव कम करने, रीढ़ को आराम पहुंचाने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक माना जाता है। नियमित और सही तरीके से किया गया अभ्यास व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

हालांकि किसी भी योगासन की तरह इसे भी संतुलित जीवनशैली, पौष्टिक आहार और पर्याप्त नींद के साथ अपनाना चाहिए। यदि इसे नियमित रूप से और सही तकनीक के साथ किया जाए, तो यह स्वस्थ और शांत जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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