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04/11/2026 8:23 pm

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Narendra Modi ETV visit- नरेंद्र मोदी, रामोजी राव और ETV गुजरात डेस्क की अनमोल यादें

कुछ तस्वीरें सिर्फ तस्वीरें नहीं होतीं। वे अपने भीतर एक पूरा दौर, कई चेहरे, कई मुलाकातें और अनगिनत यादें समेटे रहती हैं। हैदराबाद स्थित ETV के उन दिनों की कुछ तस्वीरें भी ऐसी ही हैं, जिन्हें देखने के बाद पुरानी यादें एक बार फिर जीवंत हो उठती हैं। नरेंद्र मोदी के ETV और रामोजी संस्थान से जुड़े उस दौर के ये दृश्य आज भी उन लोगों के लिए खास हैं, जो उस समय वहां काम कर रहे थे।

इन तस्वीरों में एक तरफ नरेंद्र मोदी नजर आते हैं, दूसरी तरफ ETV के संस्थापक और रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक रामोजी राव नजर आते हैं। एक तस्वीर में फूलों का गुलदस्ता लेकर स्वागत का दृश्य है, तो दूसरी तस्वीर में ETV के साथियों के बीच नरेंद्र मोदी और रामोजी राव साथ दिखाई देते हैं। तीसरी तस्वीर रामोजी फिल्म सिटी के भव्य सेट की है, जहां नरेंद्र मोदी बैठे नजर आ रहे हैं। “Narendra Modi ETV visit”

2010 का वह दौर और नरेंद्र मोदी की हैदराबाद यात्रा

साल 2010 का दौर नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का समय था। उस समय ETV नेटवर्क और रामोजी फिल्म सिटी मीडिया और मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं 2024 में रामोजी राव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा था कि वर्ष 2010 के आसपास रामोजी राव ने उन्हें रामोजी फिल्म सिटी आमंत्रित किया था। मोदी ने उस मुलाकात के दौरान गुजरात में बच्चों के लिए प्रस्तावित Children’s University सहित शासन और शिक्षा से जुड़े विषयों पर हुई बातचीत को भी याद किया था।

यही तथ्य इन पुरानी तस्वीरों को और महत्वपूर्ण बनाता है। 2010 में रामोजी राव द्वारा नरेंद्र मोदी को रामोजी फिल्म सिटी आमंत्रित किया गया था. वहीं ETV ऑफिस, गुजरात डेस्क और उस दिन के स्वागत से जुड़ी कई बारीकियां उन लोगों की व्यक्तिगत स्मृतियों और उपलब्ध तस्वीरों से सामने आती हैं, जो उस समय वहां मौजूद थे। “Narendra Modi ETV visit”

रामोजी राव के स्वागत की वह तस्वीर

तस्वीर में नरेंद्र मोदी और रामोजी राव एक-दूसरे के सामने खड़े हैं और दोनों के हाथों में फूलों का बड़ा गुलदस्ता दिखाई देता है। दोनों के चेहरे पर मुस्कान है और माहौल में आत्मीयता साफ नजर आती है। यह तस्वीर उस दौर की औपचारिक मुलाकात से आगे बढ़कर दो अलग-अलग क्षेत्रों के प्रभावशाली व्यक्तित्वों के बीच संवाद की झलक देती है।

रामोजी राव केवल ETV नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति नहीं थे, बल्कि उन्होंने Eenadu, ETV नेटवर्क और Ramoji Film City जैसे संस्थानों के जरिए मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में बड़ा संस्थागत ढांचा खड़ा किया था। उनके निधन के बाद नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें भारतीय मीडिया और फिल्म जगत में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला दूरदर्शी व्यक्तित्व बताया था। “Narendra Modi ETV visit”

ETV और रामोजी फिल्म सिटी को करीब से देखना

उस समय ETV का हैदराबाद परिसर केवल एक टेलीविजन न्यूज़ नेटवर्क का कार्यालय नहीं था। अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों के लिए काम करने वाली टीमें एक ही बड़े मीडिया वातावरण का हिस्सा थीं। ETV की क्षेत्रीय भाषाओं की पत्रकारिता और न्यूज प्रोडक्शन व्यवस्था ने देश के कई हिस्सों तक अपनी पहुंच बनाई थी।

नरेंद्र मोदी की रामोजी फिल्म सिटी यात्रा को लेकर उनके अपने संस्मरण से यह भी सामने आता है कि उस मुलाकात में गुजरात के विकास, शिक्षा और शासन से जुड़े विषयों पर रामोजी राव ने उनसे बातचीत की थी। मोदी ने बाद में कहा था कि रामोजी राव गुजरात में कृषि और शिक्षा सहित सुशासन से जुड़े प्रयासों के बारे में जानने में विशेष रुचि रखते थे। “Narendra Modi ETV visit”

ETV गुजरात डेस्क पर पहुंचने का वह खास पल

इन यादों का सबसे खास हिस्सा ETV के गुजरात डेस्क से जुड़ा है। उस समय गुजरात डेस्क पर काम करने वाले पत्रकारों और कर्मचारियों के लिए नरेंद्र मोदी का वहां पहुंचना अपने आप में एक यादगार क्षण था। डेस्क के साथियों ने उनका स्वागत किया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।

आज जब उस तस्वीर को देखा जाता है तो सबसे ज्यादा ध्यान उन चेहरों पर जाता है, जो उस समय शायद अपने करियर के शुरुआती या महत्वपूर्ण दौर में थे। एक ही फ्रेम में पत्रकार, संपादकीय टीम के सदस्य, डेस्क के सहयोगी, रामोजी राव और नरेंद्र मोदी दिखाई देते हैं। वर्षों बाद वही तस्वीर उस दौर के ETV न्यूज़रूम की कार्यसंस्कृति और वहां काम करने वाली टीम की एक झलक बन गई है। “Narendra Modi ETV visit”

एक तस्वीर में पूरा ETV परिवार

समूह तस्वीर की खासियत यह है कि इसमें सिर्फ दो प्रमुख व्यक्तित्व नहीं हैं, बल्कि ETV से जुड़े कई कर्मचारी और सहयोगी भी दिखाई देते हैं। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि वर्षों बाद यह तस्वीर उन सभी के लिए अतीत की एक महत्वपूर्ण निशानी बन जाएगी।

मीडिया संस्थानों में काम करने वाले लोगों के लिए ऐसे समूह चित्रों की अपनी अलग अहमियत होती है। रोज की भागदौड़, खबरों की तैयारी, बुलेटिन की समयसीमा और डेस्क की जिम्मेदारियों के बीच तस्वीरें अक्सर सामान्य लगती हैं। लेकिन समय बीतने के साथ वही तस्वीरें किसी संस्थान के इतिहास और वहां काम कर चुके लोगों की साझा स्मृति बन जाती हैं। “Narendra Modi ETV visit”

रामोजी राव का डेस्क पर आना

इस स्मृति का एक भावनात्मक पहलू रामोजी राव का डेस्क पर नरेंद्र मोदी के साथ मौजूद होना भी है। लंबे समय तक मीडिया संस्थान का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति का अपने न्यूज़रूम और कर्मचारियों के बीच आना उस समय वहां काम कर रहे लोगों के लिए विशेष अनुभव रहा होगा।

रामोजी राव की कार्यशैली और मीडिया संस्थानों के निर्माण की कहानी भारतीय मीडिया इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। Eenadu और ETV से लेकर Ramoji Film City तक उनके बनाए संस्थानों ने मीडिया, मनोरंजन और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक प्रभाव डाला। उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी समेत अनेक सार्वजनिक हस्तियों ने उनके योगदान को याद किया था।

नरेश दवे की भूमिका और एक यादगार मुलाकात

इन यादों में नरेश दवे का नाम भी खास तौर पर सामने आता है। उस समय ETV News Gujarati के नरेश दवे संपादकीय भूमिका में थे । 2014 में ETV News Gujarati के लॉन्च के समय भी वे चैनल के संपादक थे.

आपकी साझा की गई स्मृति में , 2010 की इस यात्रा और गुजरात डेस्क से जुड़ी मुलाकात को संभव बनाने में नरेश दवे का महत्वपूर्ण योगदान था। उस समय साथ काम करने वाले लोगों के लिए किसी बड़े अतिथि का डेस्क तक पहुंचना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि टीम के लिए उत्साह और गर्व का क्षण भी रहा होगा।

आज उन चेहरों को देखकर बदलता नजर आता है समय

पुरानी तस्वीरों की सबसे बड़ी खूबसूरती यही होती है कि वे समय के बदलाव को एक ही फ्रेम में दिखा देती हैं। उस तस्वीर में दिखाई देने वाले कई चेहरे आज अपने-अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ चुके हैं। किसी ने मीडिया में लंबी पारी खेली, किसी ने संपादकीय और प्रबंधन की जिम्मेदारियां संभालीं और कई लोग अपने-अपने पेशेवर क्षेत्र में महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे।

लेकिन उस तस्वीर में वे सभी एक ही जगह, एक ही संस्थान और एक ही दौर के साथी के रूप में नजर आते हैं। यही वजह है कि पुरानी ETV तस्वीरें सिर्फ व्यक्तिगत यादें नहीं हैं, बल्कि उस दौर की पत्रकारिता और टेलीविजन न्यूज़रूम संस्कृति की भी झलक देती हैं।

ETV के उस दौर की पत्रकारिता

ETV के शुरुआती और विस्तार के दौर में क्षेत्रीय भाषा की टेलीविजन पत्रकारिता तेजी से विकसित हो रही थी। अलग-अलग भाषाओं में समाचार उपलब्ध कराने के लिए विशेष डेस्क और टीमें काम करती थीं। उस समय ETV Gujarati हैदराबाद स्थित स्टूडियो से क्षेत्रीय समाचार का प्रसारण होता था.

उस दौर की पत्रकारिता आज के डिजिटल न्यूज़ युग से काफी अलग थी। न्यूज़ डेस्क पर खबरों का चयन, रिपोर्टिंग, वीडियो एडिटिंग, बुलेटिन की तैयारी और प्रसारण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी करनी होती थी। इसलिए किसी बड़े सार्वजनिक व्यक्तित्व का डेस्क पर आना पत्रकारों के लिए केवल मुलाकात नहीं, बल्कि उनके रोजमर्रा के न्यूज़रूम जीवन की एक यादगार घटना बन जाता था।

मोदी और रामोजी राव की मुलाकात 

इन तस्वीरों और व्यक्तिगत स्मृतियों के साथ एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक संदर्भ नरेंद्र मोदी द्वारा 2024 में रामोजी राव को दी गई श्रद्धांजलि है। मोदी ने उस समय अपने गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए कहा था कि 2010 में रामोजी राव ने उन्हें रामोजी फिल्म सिटी आमंत्रित किया था और उस बातचीत में गुजरात के शिक्षा एवं सुशासन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी।

2014 के आम चुनाव अभियान के दौरान भी नरेंद्र मोदी रामोजी फिल्म सिटी पहुंचे थे और ETV नेटवर्क को अपना एक महत्वपूर्ण इंटरव्यू दिया था.

यादों में हमेशा जिंदा रहेगा वह ETV दौर

आज जब इन तस्वीरों को फिर से देखा जाता है तो लगता है कि समय कितनी तेजी से आगे बढ़ जाता है। उस समय जो लोग न्यूज़रूम में रोज साथ काम करते थे, वे आज अलग-अलग जगहों पर हैं। कई चेहरे उम्र और अनुभव के साथ बदल गए हैं, लेकिन तस्वीर में कैद वह पल आज भी वैसा ही है।

नरेंद्र मोदी और रामोजी राव की वह मुलाकात, ETV के साथियों का स्वागत, गुजरात डेस्क की वह तस्वीर और रामोजी राव का डेस्क पर साथ आना उन लोगों के लिए एक ऐसा अध्याय है, जिसे सिर्फ शब्दों में पूरी तरह बयां करना मुश्किल है। ये तस्वीरें उस दौर के उन रिश्तों, पेशेवर जुड़ाव और न्यूज़रूम की सामूहिक भावना को सहेजकर रखती हैं।

रामोजी राव के प्रति एक भावपूर्ण आभार

रामोजी राव आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके बनाए संस्थानों और वहां काम करने वाले हजारों लोगों की यादों में उनका प्रभाव मौजूद है। ETV और Ramoji Film City जैसे संस्थानों ने अनेक पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों को काम करने, सीखने और आगे बढ़ने का मंच दिया। सार्वजनिक रूप से भी उनके योगदान को भारतीय मीडिया और फिल्म जगत में महत्वपूर्ण माना गया है।

इसलिए 2010 की इन तस्वीरों को देखना सिर्फ नरेंद्र मोदी की एक पुरानी यात्रा को याद करना नहीं है। यह उन दिनों को याद करना भी है जब ETV के न्यूज़रूम में कई युवा और अनुभवी पत्रकार एक साथ खबरों की दुनिया को आकार दे रहे थे। वे दिन बीत गए, चेहरे बदल गए, संस्थान का दौर बदल गया, लेकिन तस्वीरों में कैद वे पल आज भी उतने ही जीवंत हैं।

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