सरना टोली हतमा में हुई केंद्रीय सरना समिति की महत्वपूर्ण बैठक
रांची के सरहुल शोभा यात्रा उद्गम स्थल सरना टोली, हतमा में केंद्रीय सरना समिति की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के केंद्रीय अध्यक्ष बबलू मुंडा ने की। इस बैठक में झारखंड के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से JPSC, JSSC, CGL परीक्षा, पेपर लीक, कथित भ्रष्टाचार और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठ रहे विवादों पर समिति ने गहरी चिंता व्यक्त की। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे आज पूरे राज्य में जनचर्चा का विषय बने हुए हैं और इन पर निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है।
पेपर लीक और नियुक्ति विवाद की CBI जांच की मांग
बैठक में केंद्रीय सरना समिति ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर लगातार उठ रहे विवादों ने लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर किया है। केंद्रीय अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि राज्य सरकार को पूरे मामले की CBI जांच कराने का निर्णय लेना चाहिए ताकि यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने से ही युवाओं का विश्वास बहाल होगा और सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत होगी। समिति का मानना है कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था ही राज्य के भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
छात्रों के आंदोलन को भोजन और नैतिक समर्थन देने की घोषणा
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 8 अगस्त 2026 को अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों के बीच केंद्रीय सरना समिति भोजन वितरण करेगी। समिति ने इसे केवल सहयोग नहीं बल्कि युवाओं के संघर्ष के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी बताया। समिति के अनुसार छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और ऐसे समय में समाज के विभिन्न वर्गों को उनके साथ खड़ा होना चाहिए। इस निर्णय को लेकर बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन व्यक्त किया।
आदिवासी महोत्सव के विरोध का भी लिया निर्णय
बैठक में 9 अगस्त 2026 को प्रस्तावित राज्य स्तरीय आदिवासी महोत्सव को लेकर भी चर्चा हुई। केंद्रीय सरना समिति ने निर्णय लिया कि वह इस कार्यक्रम का विरोध करेगी। समिति का कहना है कि नगड़ी क्षेत्र में रिम्स-2 परियोजना के लिए खेती योग्य भूमि के अधिग्रहण के मुद्दे पर आदिवासी समाज की चिंताओं का समाधान किए बिना महोत्सव का आयोजन उचित नहीं है। समिति के अनुसार भूमि, पहचान, अस्तित्व और अस्मिता से जुड़े प्रश्नों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी कारण समिति ने विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित आक्रोश महासभा में भाग लेने का निर्णय लिया।
विधानसभा घेराव में शामिल होने का भी निर्णय
बैठक में यह भी तय किया गया कि 10 अगस्त 2026 को अपनी मांगों को लेकर प्रस्तावित छात्रों के विधानसभा घेराव कार्यक्रम में केंद्रीय सरना समिति प्रत्यक्ष रूप से समर्थन करेगी। समिति का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलन नागरिकों का अधिकार है और युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद और पारदर्शिता के माध्यम से किया जाना चाहिए। समिति ने उम्मीद जताई कि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और उचित समाधान निकालेगी।
बैठक में कई प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में केंद्रीय सरना समिति के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें मुख्य पाहन जगलाल पाहन, केंद्रीय अध्यक्ष बबलू मुंडा, प्रधान महासचिव अशोक मुंडा, महासचिव महादेव टोप्पो, कार्यकारी अध्यक्ष शोभा कच्छप, कोषाध्यक्ष जगन्नाथ तिर्की, संदीप उरांव, आशीष मुंडा, अनीता गाड़ी, प्रदीप लकड़ा, उदय उरांव और मनीष बेदिया सहित कई सदस्य शामिल हुए। बैठक के दौरान संगठन की आगामी रणनीति और सामाजिक मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
झारखंड की राजनीति और युवाओं के मुद्दों पर बढ़ी हलचल
झारखंड में पिछले कुछ समय से JPSC, JSSC, CGL परीक्षा, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के आंदोलन लगातार चर्चा में हैं। ऐसे समय में केंद्रीय सरना समिति का छात्रों के समर्थन में सामने आना इस पूरे आंदोलन को सामाजिक और जनसंगठनों का व्यापक समर्थन मिलने का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के बीच होने वाली गतिविधियों पर पूरे राज्य की नजर रहेगी।





