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01/09/2026 12:09 pm

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रांची में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, वॉल्कथोन के बाद पौधारोपण

‘एक पेड़ मां के नाम’

रांची। पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से मारवाड़ी युवा मंच रांची दक्षिण शाखा एवं जागृति महिला शाखा के संयुक्त तत्वावधान में ‘एक कदम देश के नाम, एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत वॉल्कथोन का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों शाखाओं के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हिनू चौक से एयरपोर्ट पार्किंग पार्क तक सदस्यों ने पैदल चलकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। इसके बाद एयरपोर्ट पार्किंग पार्क पहुंचकर सभी सदस्यों ने पार्क की सुंदरता बनाए रखने और पर्यावरण की सुरक्षा के संकल्प के साथ पौधारोपण किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’

पर्यावरण संरक्षण के साथ देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ यह संदेश देना था कि प्रकृति की रक्षा केवल किसी संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘एक कदम देश के नाम, एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान लोगों को पर्यावरण के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास करते हैं। पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल करने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में शामिल सदस्यों ने इसी भावना के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। एक पेड़ मां के नाम’

हिनू चौक से एयरपोर्ट पार्क तक वॉल्कथोन

कार्यक्रम की शुरुआत हिनू चौक से हुई, जहां से मारवाड़ी युवा मंच रांची दक्षिण शाखा और जागृति महिला शाखा के सदस्य वॉल्कथोन के लिए रवाना हुए। सभी सदस्यों ने पैदल चलते हुए एयरपोर्ट पार्किंग पार्क तक की दूरी तय की। इस दौरान वॉल्कथोन ने सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण जागरूकता का स्वरूप लिया। बड़ी संख्या में सदस्यों की भागीदारी से कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना रहा। आयोजन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि छोटी-छोटी व्यक्तिगत पहल भी सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है। एक पेड़ मां के नाम’

एयरपोर्ट पार्क में लगाए गए पौधे

वॉल्कथोन के बाद सभी सदस्य एयरपोर्ट पार्किंग पार्क पहुंचे, जहां सामूहिक रूप से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सदस्यों ने पार्क की हरियाली और सुंदरता को बढ़ाने के उद्देश्य से एक-एक पौधा लगाया। बारिश के मौसम को पौधारोपण के लिए अनुकूल समय माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मिट्टी में नमी उपलब्ध रहती है और नए पौधों के विकास के लिए प्राकृतिक परिस्थितियां बेहतर होती हैं। कार्यक्रम के माध्यम से सदस्यों ने केवल पौधे लगाने तक सीमित रहने के बजाय पर्यावरण के प्रति निरंतर जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया।

एक पेड़ मां के नाम’

रोहित शारदा ने किया पौधारोपण कार्यक्रम का उद्घाटन

कार्यक्रम में मारवाड़ी युवा मंच के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच के पूर्व उपाध्यक्ष रोहित शारदा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने हाथों से प्रथम पौधा लगाकर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि जिस प्रकार व्यक्ति अपने परिवार की सुरक्षा और सुख-समृद्धि के बारे में सोचता है, उसी प्रकार उसे अपने देश और समाज के प्रति भी जिम्मेदारी का भाव रखना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपनी मां के नाम एक पेड़ लगाने के साथ-साथ आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की अपील की।

एक पेड़ मां के नाम’

‘एक पेड़ मां के नाम’ को जनभागीदारी से जोड़ने की पहल

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की विशेषता यह है कि यह पौधारोपण को केवल पर्यावरण से जोड़ने के बजाय परिवार और भावनाओं से भी जोड़ता है। मां के नाम लगाए गए पौधे की देखभाल करना प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी के साथ पारिवारिक भावनाओं को भी मजबूत करता है। इस तरह के अभियान लोगों को यह समझाने में मदद करते हैं कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। पौधा लगाने के बाद उसके जीवित रहने और पेड़ बनने तक उसकी नियमित देखभाल करना ही वास्तविक पर्यावरण सेवा है। एक पेड़ मां के नाम’

पूरे प्रांत में एक साथ आयोजित हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम के संयोजक राजीव केडिया और सौरभ विजय ने बताया कि मारवाड़ी युवा मंच की ओर से यह कार्यक्रम पूरे प्रांत में एक साथ, एक समय और एक दिन आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विभिन्न शाखाओं को एक साझा पर्यावरणीय अभियान से जोड़ना और पौधारोपण के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाना है। इस तरह एक ही समय पर अलग-अलग स्थानों पर आयोजित गतिविधियों के माध्यम से समाज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया। एक पेड़ मां के नाम’

पर्यावरण के साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर

आयोजकों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ना आज के समय की आवश्यकता है। शहरों में लगातार बढ़ते निर्माण और बदलती जीवनशैली के बीच हरियाली को बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में सार्वजनिक पार्कों और खाली स्थानों में पौधारोपण के साथ उनकी नियमित देखभाल भी आवश्यक है। पौधों की संख्या बढ़ाने के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहें और आने वाले वर्षों में बड़े पेड़ों का रूप ले सकें।

महिला शाखा ने किया अतिथियों का स्वागत

कार्यक्रम में जागृति महिला शाखा की अध्यक्ष प्रमिला सराफ और खुशबू शारदा ने उपस्थित अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत किया। महिला शाखा की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और व्यापक स्वरूप दिया। पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक विषयों पर महिलाओं की भागीदारी परिवार और समुदाय दोनों स्तरों पर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कार्यक्रम में महिला सदस्यों ने भी पौधारोपण में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। एक पेड़ मां के नाम’

मानसून में लगातार पौधारोपण की अपील

कार्यक्रम के दौरान मंच की पुरुष एवं महिला शाखा के अध्यक्षों ने पौधारोपण अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम पौधारोपण के लिए अनुकूल अवसर प्रदान करता है और इस अवधि में लगातार पौधारोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल पौधा लगा देना पर्याप्त नहीं है। उसकी नियमित देखभाल, पानी की व्यवस्था और उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करनी होगी, तभी पौधारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकेगा। एक पेड़ मां के नाम’

स्वच्छता और हरियाली का साथ-साथ संदेश

कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ अपने आसपास सफाई बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। पर्यावरण संरक्षण का अर्थ केवल अधिक से अधिक पेड़ लगाना नहीं है, बल्कि स्वच्छ हवा, साफ सार्वजनिक स्थान, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा भी इसका हिस्सा है। पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता बनाए रखने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इस दृष्टि से वॉल्कथोन और पौधारोपण को एक साथ आयोजित करना लोगों तक पर्यावरण संरक्षण का व्यापक संदेश पहुंचाने की पहल रही। एक पेड़ मां के नाम’

सामाजिक संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण

पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने में सामाजिक संस्थाओं और संगठनों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। सरकारी स्तर पर चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियानों को तब अधिक प्रभाव मिलता है, जब स्थानीय संस्थाएं और नागरिक भी उसमें सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। मारवाड़ी युवा मंच और जागृति महिला शाखा की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम भी सामुदायिक भागीदारी का उदाहरण रहा, जिसमें लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। एक पेड़ मां के नाम’

बड़ी संख्या में सदस्य रहे मौजूद

कार्यक्रम में मंच के पूर्व अध्यक्ष रोहित शारदा के साथ बालवीर जैन, कृष्ण कुमार पिलानिया, संजय अग्रवाल, राजीव केडिया, संजय कुमार अग्रवाल, मनीष खटोड़, राघव शारदा, सौरभ विजय, समर्थ तायल, पवन केडिया, अनुराग सिंघानिया, नितिन अग्रवाल, अनमोल सिंघानिया और काव्यांश केडिया सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। महिला जागृति शाखा की पूर्व अध्यक्ष मधु पिलानिया, बिना शारदा, अनीता अग्रवाल, अध्यक्ष प्रमिला सराफ, सचिव खुशबू शारदा और रीना केडिया सहित अन्य महिला सदस्यों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। एक पेड़ मां के नाम’

पौधारोपण से आगे संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ। सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं मापी जानी चाहिए, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि कितने पौधे सुरक्षित रहकर बड़े पेड़ों में बदलते हैं। एक पौधे को पेड़ बनने में वर्षों लगते हैं और इस पूरी प्रक्रिया में नियमित देखभाल की आवश्यकता होती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक यदि अपने लगाए पौधे की जिम्मेदारी स्वीकार करे तो शहरों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव संभव है। एक पेड़ मां के नाम’

‘एक कदम देश के नाम’ का व्यापक संदेश

मारवाड़ी युवा मंच रांची दक्षिण शाखा और जागृति महिला शाखा का यह संयुक्त आयोजन ‘एक कदम देश के नाम, एक पेड़ मां के नाम’ के संदेश को जमीनी स्तर पर पहुंचाने की कोशिश रहा। वॉल्कथोन के जरिए लोगों को जागरूक करने और इसके बाद पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की इस पहल ने सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। कार्यक्रम ने यह भी रेखांकित किया कि पर्यावरण को बचाने के लिए बड़े अभियानों के साथ व्यक्तिगत स्तर पर उठाए गए छोटे कदम भी महत्वपूर्ण होते हैं। यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधे की जिम्मेदारी लेकर उसे पेड़ बनाने का संकल्प करे, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और हरा-भरा वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। एक पेड़ मां के नाम’

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