हरी मूंग दाल भारतीय रसोई की सबसे पौष्टिक और हल्की दालों में से एक है। यह न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए औषधि का काम करते हैं। आयुर्वेद में हरी मूंग को सात्त्विक आहार का हिस्सा माना गया है क्योंकि यह पाचन में हल्की, ऊर्जा देने वाली और वात-पित्त को संतुलित करने वाली होती है। इसे खिचड़ी, सूप, सलाद, चिल्ला या दाल के रूप में खाया जा सकता है।
प्रोटीन का खज़ाना: मांसपेशियों को बनाए मज़बूत
हरी मूंग दाल शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का सर्वोत्तम स्रोत है। इसमें मौजूद उच्च गुणवत्ता वाला प्लांट बेस्ड प्रोटीन शरीर की मरम्मत, मांसपेशियों की मजबूती और सेल ग्रोथ में सहायक होता है। यह शरीर को आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करती है, जिससे थकान दूर होती है और शरीर ऊर्जावान बना रहता है।
ब्लड शुगर लेवल को रखे नियंत्रण में
हरी मूंग दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखती है। डायबिटीज़ के रोगियों के लिए यह एक वरदान है क्योंकि यह धीरे-धीरे ग्लूकोज को शरीर में रिलीज़ करती है। इससे इंसुलिन का स्तर स्थिर रहता है और शुगर स्पाइक नहीं होता।
आयरन और फोलेट से भरपूर: एनीमिया से बचाए
हरी मूंग दाल में आयरन और फोलेट की भरपूर मात्रा होती है, जो खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने में मदद करती है। यह शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति को बेहतर बनाती है। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए यह दाल अत्यंत लाभदायक है।
इम्यूनिटी बढ़ाए और संक्रमण से बचाए
हरी मूंग दाल में विटामिन-C, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। नियमित सेवन से शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं की कार्यक्षमता बेहतर होती है और सर्दी-जुकाम, संक्रमण या मौसमी बीमारियों से रक्षा मिलती है।
आंखों की रोशनी और त्वचा के लिए लाभकारी
हरी मूंग दाल में मौजूद विटामिन-A आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है। यह रेटिना की कोशिकाओं को पोषण देता है और आंखों की सूजन, सूखापन जैसी समस्याओं से बचाता है। साथ ही इसमें मौजूद विटामिन-E और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को ग्लोइंग और स्वस्थ बनाते हैं।
पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त
हरी मूंग दाल फाइबर से भरपूर होती है, जो पाचन क्रिया को मजबूत बनाती है। यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करती है। अंकुरित मूंग का सेवन पेट के लिए हल्का और डिटॉक्सिफाइंग होता है, जिससे आंतों की सफाई भी होती है।
वजन घटाने में सहायक
यदि आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो हरी मूंग दाल को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इसमें मौजूद फाइबर और प्रोटीन लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है। इसके कम कैलोरी और लो फैट गुण वजन कम करने में मदद करते हैं।
दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
हरी मूंग दाल में पोटैशियम और मैग्नीशियम मौजूद होता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाते हैं और दिल की धमनियों को स्वस्थ रखते हैं। इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है।
शरीर को ठंडक और डिटॉक्सिफिकेशन में मददगार
आयुर्वेद के अनुसार, हरी मूंग दाल शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालती है। गर्मियों में यह शरीर को ठंडक प्रदान करती है और किडनी व लीवर की कार्यक्षमता को भी बढ़ाती है। अंकुरित मूंग खाने से शरीर में हाइड्रेशन और एनर्जी लेवल बना रहता है।
मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में सहायक
हरी मूंग दाल मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती है, जिससे शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण तेजी से होता है। यह ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया को भी मजबूत करती है और मोटापे से जुड़ी कई बीमारियों से बचाव करती है।
कैसे करें सेवन
हरी मूंग दाल को अंकुरित कर सुबह सलाद के रूप में खाएं, तो इससे अधिकतम पोषण मिलता है। इसके अलावा दाल या सूप बनाकर रात के खाने में लेना भी लाभदायक होता है। इसे तले हुए मसालों के साथ न बनाएं, बल्कि हल्के तड़के के साथ सेवन करें।
रोज़मर्रा के आहार में शामिल करने योग्य सुपरफूड
हरी मूंग दाल एक संपूर्ण आहार है जो प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिजों का उत्कृष्ट स्रोत है। यह वजन कम करने, ब्लड शुगर नियंत्रित रखने, पाचन सुधारने और इम्यूनिटी बढ़ाने में बेहद मददगार है। आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर के तीनों दोषों—वात, पित्त और कफ—को संतुलित करती है। इसलिए इसे अपने आहार में जरूर शामिल करें।






