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14/03/2026 1:04 am

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शशांकासन के फायदे: तनाव, पीठ दर्द और मोटापे को कम करने में मददगार

योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने का एक वैज्ञानिक तरीका भी माना जाता है। इन्हीं योगासनों में से एक महत्वपूर्ण आसन है शशांकासन, जिसे अंग्रेजी में Child Pose भी कहा जाता है। संस्कृत में “शशांक” शब्द का अर्थ होता है चंद्रमा या खरगोश। इस आसन में शरीर की आकृति ऐसी बनती है जैसे कोई खरगोश शांत मुद्रा में बैठा हो, इसलिए इसे शशांकासन कहा जाता है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार यह आसन मानसिक शांति और शरीर को आराम देने वाले सबसे प्रभावी आसनों में से एक है। आधुनिक जीवनशैली में जहां लोगों को लगातार तनाव, पीठ दर्द, थकान और मोटापे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, वहां शशांकासन एक सरल लेकिन अत्यंत लाभकारी योग अभ्यास साबित हो सकता है। यह आसन किसी भी उम्र के व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है और इसे नियमित रूप से करने से शरीर के कई हिस्सों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

शशांकासन करने की सही विधि

किसी भी योगासन का पूरा लाभ तभी मिलता है जब उसे सही तरीके से किया जाए। शशांकासन को करने के लिए सबसे पहले किसी समतल स्थान पर योगा मैट बिछाकर वज्रासन की स्थिति में बैठना चाहिए। दोनों घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। इसके बाद धीरे-धीरे सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और फिर सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे की ओर झुकाएं।

इस दौरान हाथों को सामने की ओर फैलाते हुए माथे को जमीन से लगाने की कोशिश करें। शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें और सामान्य गति से सांस लेते रहें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक स्थिति में लौट आएं। योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस आसन को रोजाना 5 से 10 बार किया जाए तो यह शरीर को गहरा आराम देने में मदद करता है और मानसिक तनाव भी कम करता है।

तनाव और मानसिक थकान को कम करने में सहायक

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव एक आम समस्या बन चुकी है। लगातार काम का दबाव, नींद की कमी और डिजिटल स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल के कारण दिमाग थकान महसूस करने लगता है। ऐसे में शशांकासन को मानसिक शांति देने वाला आसन माना जाता है।

इस आसन को करने से शरीर आगे की ओर झुकता है जिससे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बेहतर होता है। इससे दिमाग को अधिक ऑक्सीजन मिलती है और मानसिक थकान कम होने लगती है। कई योग विशेषज्ञ मानते हैं कि शशांकासन ध्यान और मेडिटेशन की तरह मन को शांत करने में मदद करता है। जो लोग चिंता, बेचैनी या हल्के तनाव से गुजर रहे होते हैं, उनके लिए यह आसन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

पीठ और कमर दर्द में राहत देने वाला योगासन

लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत आज के समय में आम हो चुकी है। ऑफिस में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है और धीरे-धीरे पीठ और कमर में दर्द की समस्या शुरू हो जाती है। शशांकासन इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।

जब व्यक्ति इस आसन में आगे की ओर झुकता है तो रीढ़ की हड्डी और पीठ की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव आता है। यह खिंचाव मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है। नियमित अभ्यास से पीठ की जकड़न कम होती है और रीढ़ की लचीलापन बढ़ता है। यही कारण है कि कई योग प्रशिक्षक इसे बैक पेन से राहत देने वाले प्रभावी आसनों में शामिल करते हैं।

पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार

पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, अपच और कब्ज आजकल बहुत आम हो गई हैं। गलत खान-पान, कम शारीरिक गतिविधि और तनाव इसके मुख्य कारण माने जाते हैं। शशांकासन को पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी माना जाता है।

इस आसन में पेट के हिस्से पर हल्का दबाव पड़ता है जिससे पाचन अंगों की मालिश होती है। इससे आंतों की कार्यक्षमता बेहतर होती है और भोजन को पचाने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती है। नियमित योग अभ्यास के साथ संतुलित आहार लेने से पाचन संबंधी कई समस्याओं को कम किया जा सकता है।

मोटापा और पेट की चर्बी कम करने में सहायक

मोटापा आज के समय की बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। खासकर पेट के आसपास जमा चर्बी कई बीमारियों का कारण बन सकती है। शशांकासन सीधे तौर पर भारी कैलोरी बर्न करने वाला आसन नहीं है, लेकिन यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित करने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है।

जब शरीर का मेटाबॉलिज्म सही तरीके से काम करता है तो अतिरिक्त वसा धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसके साथ अगर संतुलित डाइट और अन्य योगासन भी शामिल किए जाएं तो वजन नियंत्रण में रखने में मदद मिल सकती है। इसलिए कई योग विशेषज्ञ इसे वेट मैनेजमेंट रूटीन का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं।

रक्त संचार और हार्मोन संतुलन में मदद

शरीर में सही रक्त संचार होना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। जब रक्त का प्रवाह सही तरीके से होता है तो शरीर के सभी अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं। शशांकासन करते समय शरीर की स्थिति ऐसी बनती है जिससे मस्तिष्क और ऊपरी शरीर की ओर रक्त प्रवाह बेहतर हो सकता है।

इसके अलावा योग अभ्यास का संबंध हार्मोन संतुलन से भी जोड़ा जाता है। नियमित योग करने से शरीर की कई ग्रंथियों की कार्यप्रणाली बेहतर हो सकती है, जिससे शरीर का संतुलन बना रहता है और व्यक्ति अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।

शशांकासन करते समय जरूरी सावधानियां

हालांकि शशांकासन एक सरल और सुरक्षित योगासन माना जाता है, लेकिन इसे करते समय कुछ सावधानियां रखना जरूरी है। जिन लोगों को गंभीर घुटने का दर्द, हाल ही में सर्जरी या रीढ़ की गंभीर समस्या है, उन्हें इस आसन को करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

इसके अलावा आसन करते समय शरीर पर जोर नहीं डालना चाहिए। धीरे-धीरे अभ्यास करने से ही शरीर इस मुद्रा में सहज हो पाता है। सही तकनीक और नियमित अभ्यास के साथ यह आसन शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

शरीर और मन दोनों को आराम

शशांकासन एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी योगासन है जो शरीर और मन दोनों को आराम देने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से तनाव कम करने, पीठ दर्द में राहत देने, पाचन सुधारने और शरीर को लचीला बनाने में सहायता मिल सकती है। आधुनिक जीवनशैली में जहां तनाव और शारीरिक समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, वहां शशांकासन जैसे योगासन को दैनिक दिनचर्या में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक कदम हो सकता है।

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