रांची, 5 अक्टूबर 2026। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा में एहसास ड्रामेटिक्स सोसाइटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘ड्रामानाइट’26’ ने रंगमंच, अभिनय, संगीत, सिनेमा और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध रूपों को एक मंच पर जीवंत कर दिया। दो दिनों तक चले इस आयोजन में विद्यार्थियों ने अपनी अभिनय प्रतिभा, कल्पनाशीलता और मंचीय कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जहां कॉस्प्ले और मूक अभिनय जैसी रचनात्मक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया, वहीं हास्य नाटक, संगीतमय नाटिका, लघु फिल्मों और मंच नाटक ने कार्यक्रम को मनोरंजन तथा विचार के रंगों से भर दिया।
‘ड्रामानाइट’26’ ने दिखाई विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा
एहसास ड्रामेटिक्स सोसाइटी की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता और अभिनय प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करता दिखाई दिया। रंगमंच किसी भी संस्थान के विद्यार्थियों के लिए संवाद, भावनाओं और विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ‘ड्रामानाइट’26’ में भी विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं के माध्यम से यह दिखाया कि तकनीकी शिक्षा के साथ कला और संस्कृति के प्रति उनकी रुचि भी उतनी ही जीवंत है।
‘किरदार-ए-इश्क’ में मंच पर जीवंत हुए काल्पनिक किरदार
कार्यक्रम के पहले दिन की शुरुआत ‘किरदार-ए-इश्क’ कॉस्प्ले प्रतियोगिता से हुई। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी पसंद के विभिन्न काल्पनिक पात्रों की वेशभूषा धारण कर उन्हें मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया। केवल पोशाक पहनना ही इस प्रतियोगिता का उद्देश्य नहीं था, बल्कि प्रतिभागियों को अपने किरदार की भाव-भंगिमा, संवाद शैली और मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से उस पात्र को प्रभावशाली रूप देना था। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और आत्मविश्वास ने इस प्रस्तुति को खास बना दिया। “Dramanite’26 BIT Mesra”
हंसी और मनोरंजन से भर गया कार्यक्रम का माहौल
कॉस्प्ले प्रतियोगिता के बाद प्रस्तुत किए गए हास्य नाटक ने पूरे माहौल को हल्का-फुल्का और मनोरंजक बना दिया। कलाकारों ने अपने अभिनय, संवाद और हास्य परिस्थितियों के माध्यम से दर्शकों को खूब हंसाया। रंगमंच की खूबी यही है कि गंभीर विषयों के साथ-साथ सामान्य जीवन की परिस्थितियों और सामाजिक व्यवहार को हास्य के माध्यम से भी दर्शकों के सामने रखा जा सकता है। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को पूरे समय बांधे रखा और कार्यक्रम में ऊर्जा बनाए रखी।
संगीत और अभिनय का खूबसूरत मेल बना म्यूजिकल स्किट
पहले दिन एहसास ड्रामेटिक्स सोसाइटी के सदस्यों ने एक मनोरंजक संगीतमय नाटक यानी म्यूजिकल स्किट भी प्रस्तुत किया। अभिनय के साथ संगीत, संवाद और मंचीय प्रस्तुति के तालमेल ने इसे अलग अंदाज दिया। संगीतमय नाटक में कलाकारों को अभिनय के साथ-साथ अपनी प्रस्तुति की लय और भावनाओं को संगीत के साथ जोड़ना होता है। विद्यार्थियों ने इस चुनौती को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया और दर्शकों ने भी प्रस्तुति का उत्साहपूर्वक आनंद लिया। “Dramanite’26 BIT Mesra”
डीजे नाइट के साथ पहले दिन का शानदार समापन
पहले दिन की तमाम नाटकीय और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद कार्यक्रम का समापन एक ऊर्जावान डीजे नाइट के साथ हुआ। दिनभर अभिनय और मंचीय गतिविधियों में शामिल रहे प्रतिभागियों तथा दर्शकों ने संगीत की धुनों पर जमकर आनंद लिया। डीजे नाइट ने कार्यक्रम के गंभीर और रचनात्मक माहौल को एक उत्सवपूर्ण रूप दे दिया और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से नृत्य और संगीत के बीच पहले दिन को यादगार बनाया। “Dramanite’26 BIT Mesra”
दूसरे दिन कैट हॉल में दिखा अलग जोश
कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत कैट हॉल में बेहद उत्साहपूर्ण माहौल के साथ हुई। दूसरे दिन का कार्यक्रम अभिनय की ऐसी विधाओं पर केंद्रित रहा, जिनमें कलाकारों की व्यक्तिगत अभिव्यक्ति, शरीर की भाषा और मंचीय नियंत्रण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दर्शकों के सामने एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को लगातार रोचक बनाए रखा और विद्यार्थियों को अपनी अलग-अलग प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
एकल अभिनय ने मंच पर पैदा किया भावनाओं का प्रभाव
दूसरे दिन की शुरुआत एक बेहद ऊर्जावान एकल अभिनय प्रस्तुति से हुई। एकल अभिनय किसी कलाकार के लिए चुनौतीपूर्ण विधा मानी जाती है, क्योंकि पूरे मंच को अकेले कलाकार को अपनी आवाज, चेहरे के भाव, शारीरिक हाव-भाव और संवाद के जरिए संभालना होता है। इस प्रस्तुति में कलाकार ने अपनी ऊर्जा और अभिनय क्षमता के माध्यम से दर्शकों का ध्यान केंद्रित रखा और कार्यक्रम की शुरुआत को प्रभावशाली बना दिया। “Dramanite’26 BIT Mesra”
मूक अभिनय में बिना शब्दों के कही गई कहानी
इसके बाद एकल मूक अभिनय की प्रस्तुति ने दर्शकों को अभिव्यक्ति की एक अलग दुनिया से परिचित कराया। मूक अभिनय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कलाकार को संवादों के बिना केवल चेहरे के भाव, शारीरिक गतिविधियों और हाव-भाव से कहानी या भावनाओं को दर्शकों तक पहुंचाना होता है। इसके बाद सोसाइटी के सदस्यों ने सामूहिक मूक अभिनय प्रस्तुत किया, जिसमें कई कलाकारों ने मिलकर मौन के माध्यम से एक सार्थक कथा को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।
‘किरदार कौन’ ने सिनेमा को मंच से जोड़ा
कार्यक्रम में ‘किरदार कौन’ नामक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। लघु फिल्में विद्यार्थियों को कहानी कहने का ऐसा माध्यम उपलब्ध कराती हैं जिसमें अभिनय के साथ कैमरा, संपादन, निर्देशन, दृश्य संरचना और ध्वनि जैसे कई रचनात्मक पक्ष शामिल होते हैं। ‘किरदार कौन’ का प्रदर्शन इस बात का उदाहरण रहा कि एहसास ड्रामेटिक्स सोसाइटी की गतिविधियां केवल पारंपरिक रंगमंच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों की रुचि सिनेमा और दृश्य माध्यमों में भी दिखाई देती है।
आजादी से पहले के दौर की कहानी ने जगाई देशभक्ति
दूसरे दिन प्रस्तुत किया गया आजादी से पूर्व के दौर की देशभक्ति पर आधारित एकल अभिनय कार्यक्रम के महत्वपूर्ण हिस्सों में शामिल रहा। इतिहास और देशभक्ति को रंगमंच के माध्यम से प्रस्तुत करने से दर्शकों को उस दौर की परिस्थितियों और भावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। कलाकार की एकल प्रस्तुति में देश के लिए समर्पण और संघर्ष की भावना को मंचीय अभिव्यक्ति के माध्यम से सामने लाया गया, जिसने दर्शकों के भीतर देशभक्ति का भाव जगाया।
लघु फिल्म प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला मंच
कार्यक्रम के दौरान आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता की विजेता फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण की दिशा में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है। कैमरे के सामने अभिनय करने के साथ-साथ पर्दे के पीछे कहानी लिखने, निर्देशन, छायांकन, संपादन और ध्वनि संयोजन जैसे कई कौशलों की जरूरत होती है। विजेता फिल्मों का प्रदर्शन विद्यार्थियों की इसी बहुआयामी रचनात्मक क्षमता को सामने लाने वाला रहा।
कॉस्प्ले विजेताओं का हुआ सम्मान
‘किरदार-ए-इश्क’ कॉस्प्ले प्रतियोगिता के विजेताओं को भी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। किसी प्रतियोगिता में पुरस्कार केवल विजेता प्रतिभागियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों को भी भविष्य में अपनी रचनात्मक प्रतिभा के साथ मंच पर आने के लिए प्रेरित करता है। कॉस्प्ले जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी कल्पना को दृश्य रूप देने और किसी काल्पनिक पात्र को अपनी शैली में प्रस्तुत करने का अवसर देते हैं।
मंच नाटक ने दर्शकों को कहानी से जोड़े रखा
इसके बाद एहसास ड्रामेटिक्स सोसाइटी के सदस्यों ने एक प्रभावशाली मंच नाटक प्रस्तुत किया। नाटक की कहानी और कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक अपने साथ जोड़े रखा। मंच नाटक में कलाकार और दर्शक के बीच सीधा संबंध होता है और इसी वजह से कलाकारों की आवाज, भाव-भंगिमा और मंच पर उनकी उपस्थिति का विशेष महत्व होता है। सोसाइटी के कलाकारों ने इस प्रस्तुति में सामूहिक अभिनय और मंचीय तालमेल का प्रभावी प्रदर्शन किया।
संगीतमय नाटिका ने बढ़ाई कार्यक्रम की रफ्तार
मंच नाटक के बाद प्रस्तुत की गई जीवंत और ऊर्जावान संगीतमय नाटिका ने कार्यक्रम में एक बार फिर संगीत और अभिनय का मेल प्रस्तुत किया। कलाकारों ने संगीत, संवाद और अभिनय को साथ लेकर दर्शकों के सामने मनोरंजक प्रस्तुति दी। लगातार अलग-अलग विधाओं की प्रस्तुतियों ने ‘ड्रामानाइट’26’ को एक बहुआयामी सांस्कृतिक कार्यक्रम का स्वरूप दिया, जहां दर्शकों को हर चरण में कुछ नया देखने को मिला।
रंगमंच से आगे रचनात्मकता का उत्सव बना ‘ड्रामानाइट’26’
दो दिवसीय आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें रंगमंच को केवल पारंपरिक नाटक तक सीमित नहीं रखा गया। कॉस्प्ले ने कल्पना और किरदारों को नया रूप दिया, हास्य नाटक ने मनोरंजन किया, मूक अभिनय ने बिना शब्दों के कहानी कही, लघु फिल्मों ने सिनेमा की दुनिया को मंच से जोड़ा और संगीत ने पूरे आयोजन में ऊर्जा भर दी। इस तरह ‘ड्रामानाइट’26’ कला की विभिन्न विधाओं को एक साझा मंच पर लेकर आया।
तकनीकी शिक्षा के साथ कला की भूमिका भी महत्वपूर्ण
बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा जैसे तकनीकी संस्थान में इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों का महत्व और बढ़ जाता है। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक तथा व्यावसायिक कौशल प्रदान करती है, जबकि रंगमंच और अन्य रचनात्मक गतिविधियां उनके भीतर संवाद क्षमता, आत्मविश्वास, टीमवर्क और भावनात्मक अभिव्यक्ति जैसे गुणों को विकसित करने का अवसर देती हैं। ‘ड्रामानाइट’26’ इसी संतुलन का उदाहरण बना, जहां तकनीकी शिक्षा के बीच विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाने का मंच मिला।
यादगार अनुभव के साथ हुआ दो दिवसीय आयोजन का समापन
दो दिनों तक चले ‘ड्रामानाइट’26’ का समापन रंगमंच, अभिनय, संगीत, सिनेमा और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध रंगों के साथ हुआ। कार्यक्रम ने यह साबित किया कि विद्यार्थियों के भीतर मौजूद रचनात्मक ऊर्जा को जब सही मंच मिलता है तो वह दर्शकों के लिए भी यादगार अनुभव में बदल जाती है। एहसास ड्रामेटिक्स सोसाइटी का यह आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा, टीमवर्क और कला के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सामने लाने वाला एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन बनकर उभरा।






