रांची। जन्माष्टमी के अवसर पर रांची में भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की मनमोहक झलक देखने को मिलेगी। श्री शिव मंदिर महावीर मंदिर न्यास समिति के तत्वावधान में श्री राधा कृष्ण मंदिर, राजेंद्र चौक के समीप, श्री राम भरत मिलाप समिति की ओर से श्री राधा कृष्ण बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता 4 सितंबर 2026 को शाम 7 बजे से मंदिर परिसर में आयोजित होगी। प्रतियोगिता को लेकर मंदिर परिसर में पोस्टर विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से आयोजन की तैयारियों और प्रतिभागियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गई। “Janmashtami 2026”
जन्माष्टमी पर सजेगा कृष्ण का बाल रूप
जन्माष्टमी को लेकर रांची के विभिन्न मंदिरों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और इसी क्रम में श्री राधा कृष्ण मंदिर में भी विशेष आयोजन की तैयारी की जा रही है। बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगी, जिसमें छोटे बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा के बाल रूप में सजकर अपनी प्रस्तुति देंगे। बच्चों की मासूमियत और आकर्षक वेशभूषा के साथ धार्मिक वातावरण में आयोजित यह प्रतियोगिता श्रद्धालुओं और परिवारों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है। “Janmashtami 2026”
प्रतिभागियों के लिए Online Registration की सुविधा
इस वर्ष प्रतियोगिता में शामिल होने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए Online Registration की व्यवस्था की गई है। श्री राम भरत मिलाप समिति के अध्यक्ष रोहित शारदा ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए अभिभावकों को रजिस्ट्रेशन के लिए अनावश्यक रूप से कहीं आने-जाने की परेशानी न हो, इसलिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
पोस्टर पर दिए गए QR Code को Scan करके प्रतिभागी Google Form भर सकते हैं और प्रतियोगिता के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आयोजन समिति की ओर से इस व्यवस्था को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए QR Code वाले पोस्टर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभिभावक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया तक पहुंच सकेंगे। “Janmashtami 2026”
तीन आयु वर्ग में बच्चे ले सकेंगे हिस्सा
आयोजन समिति ने प्रतियोगिता में बच्चों की उम्र को ध्यान में रखते हुए तीन अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की हैं। पहली श्रेणी में 0 से 3 वर्ष तक के बच्चे, दूसरी श्रेणी में 4 से 7 वर्ष तक के बच्चे और तीसरी श्रेणी में 8 से 12 वर्ष तक के बच्चे हिस्सा ले सकेंगे। इस आयु वर्गीकरण का उद्देश्य छोटे बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार प्रतियोगिता में भाग लेने का समान अवसर देना है।
आयु के अनुसार अलग-अलग श्रेणी होने से अभिभावकों के लिए भी प्रतियोगिता में अपने बच्चों को शामिल करना आसान होगा। बच्चों की पोशाक, सज्जा और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप से जुड़ी प्रस्तुतियां जन्माष्टमी के धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को और आकर्षक बनाएंगी। “Janmashtami 2026”
मंदिरों और Social Media पर पहुंचेगा Registration QR Code
आयोजन समिति ने प्रतियोगिता के Online Registration को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर QR Code उपलब्ध कराने की तैयारी की है। क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में ऐसे पोस्टर लगाए जाएंगे, जिन पर QR Code मौजूद रहेगा। श्रद्धालु और अभिभावक पोस्टर पर दिए गए QR Code को मोबाइल फोन से स्कैन कर सीधे Google Form तक पहुंच सकेंगे।
इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इस जानकारी को लोगों तक पहुंचाने की योजना है। इससे वे परिवार भी प्रतियोगिता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जो मंदिर तक सीधे नहीं पहुंच पाते हैं। डिजिटल माध्यम से रजिस्ट्रेशन की यह व्यवस्था आयोजन को अधिक सुविधाजनक और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। “Janmashtami 2026”
परेशानी होने पर इस नंबर पर करें संपर्क
Online Registration के दौरान यदि किसी प्रतिभागी या अभिभावक को किसी प्रकार की परेशानी होती है तो आयोजन समिति ने सहायता के लिए संपर्क नंबर भी जारी किया है। रजिस्ट्रेशन या प्रतियोगिता से जुड़ी जानकारी के लिए कार्यक्रम संयोजक प्रिंस पांडे से 8210394897 पर संपर्क किया जा सकता है। समिति की कोशिश है कि किसी भी इच्छुक प्रतिभागी को तकनीकी या अन्य कारणों से प्रतियोगिता में शामिल होने में परेशानी न हो।
जन्माष्टमी के लिए भव्य सजावट की तैयारी
श्री शिव मंदिर महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव हरिप्रसाद विजयवर्गीय ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर मंदिर को भव्य रूप से सजाने का काम तेजी से चल रहा है। मंदिर की सजावट के लिए बंगाल से आए कारीगर विशेष रूप से काम कर रहे हैं। फूल, मोती, मेथी दाना और अन्य इको-फ्रेंडली सामग्री का इस्तेमाल कर मंदिर परिसर को आकर्षक रूप देने की तैयारी की जा रही है।
सजावट में पारंपरिक धार्मिक सौंदर्य के साथ पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्राकृतिक और इको-फ्रेंडली सामग्री से सजावट किए जाने के कारण मंदिर परिसर में जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं को एक अलग और आकर्षक दृश्य देखने को मिल सकता है। “Janmashtami 2026”
बारिश को देखते हुए बनेगा Waterproof Pandal
सितंबर में बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों की सुविधा के लिए Waterproof Pandal तैयार करने का निर्णय लिया है। मंदिर परिसर में पंडाल निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। आयोजन समिति का प्रयास है कि बारिश होने की स्थिति में भी बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता और जन्माष्टमी से जुड़े कार्यक्रमों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पंडाल की व्यवस्था विशेष रूप से बच्चों और उनके अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि प्रतियोगिता में छोटे बच्चों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। मौसम की चुनौती के बावजूद कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए समिति स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। “Janmashtami 2026”
बच्चों के साथ परिवारों के लिए भी खास होगा आयोजन
Krishna Janmashtami भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रमुख पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के दौरान बच्चों को कृष्ण के बाल रूप में सजाने की परंपरा कई परिवारों में विशेष उत्साह के साथ निभाई जाती है। ऐसे में बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता बच्चों को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ परिवारों को भी सामूहिक रूप से उत्सव मनाने का अवसर देती है।
श्री राधा कृष्ण मंदिर में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जन्माष्टमी के धार्मिक वातावरण में बच्चों की भागीदारी को बढ़ाने का माध्यम भी बनेगी। छोटे-छोटे बच्चे कृष्ण और राधा के रूप में सजकर जब मंदिर परिसर में पहुंचेंगे तो पूरे आयोजन का माहौल और अधिक उत्सवपूर्ण होने की उम्मीद है। “Janmashtami 2026”
पोस्टर विमोचन के साथ शुरू हुआ प्रचार अभियान
बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता को लेकर आयोजित पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में आयोजन समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतियोगिता की तारीख, समय, आयु वर्ग और Online Registration से जुड़ी जानकारी साझा की गई। समिति ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में बच्चों को प्रतियोगिता में शामिल कराने की अपील की।
पोस्टर विमोचन के साथ प्रतियोगिता के प्रचार अभियान को भी गति मिलने की उम्मीद है। मंदिरों और सोशल मीडिया पर जानकारी पहुंचने के बाद रांची और आसपास के क्षेत्रों के अधिक परिवारों तक प्रतियोगिता की सूचना पहुंच सकेगी। “Janmashtami 2026”
आयोजन को सफल बनाने में जुटी समिति
श्री राम भरत मिलाप समिति और श्री शिव मंदिर महावीर मंदिर न्यास समिति से जुड़े सदस्य आयोजन को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से श्री राम भरत मिलाप समिति के अध्यक्ष रोहित शारदा, महेश विजय, आरके गुप्ता, प्रिंस पांडे, विनीता शर्मा, जितेंद्र बरनवाल, प्रिया सिन्हा, राघव शारदा, शिव शंकर वैद्य, संजू मिश्रा और ममता देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
समिति के सदस्यों के बीच आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर समन्वय बनाया जा रहा है। बच्चों की प्रतियोगिता, मंदिर की सजावट, पंडाल निर्माण और Registration व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
4 सितंबर को दिखेगा कृष्ण के बाल रूप का आकर्षण
रांची में Janmashtami 2026 के अवसर पर 4 सितंबर को आयोजित होने वाली श्री राधा कृष्ण बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता बच्चों और उनके परिवारों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन सकती है। एक ओर जहां मंदिर को फूलों और इको-फ्रेंडली सामग्री से सजाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बारिश को देखते हुए Waterproof Pandal की व्यवस्था की जा रही है।
Online Registration की सुविधा ने प्रतियोगिता में भाग लेने की प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में आसान बनाया है। अब अभिभावक QR Code Scan करके घर बैठे Google Form के माध्यम से अपने बच्चे का Registration करा सकेंगे। धार्मिक आस्था, बच्चों की रचनात्मकता और आधुनिक डिजिटल सुविधा के इस मेल के साथ रांची में इस वर्ष की जन्माष्टमी का यह आयोजन खास रंग में नजर आने की तैयारी में है। “Janmashtami 2026”





