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09/08/2026 10:51 am

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JPSC-JSSC Protest- छात्रों के समर्थन में उतरी केंद्रीय सरना समिति, CBI जांच की मांग

JPSC-JSSC Protest

रांची में JPSC, JSSC CGL समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी आंदोलन के बीच केंद्रीय सरना समिति ने छात्रों के समर्थन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है। 8 अगस्त 2026 को समिति के केंद्रीय अध्यक्ष बबलू मुंडा के नेतृत्व में जयपाल सिंह मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। समिति की ओर से छात्रों को भरपेट भोजन कराया गया और उनके आंदोलन को समर्थन देने की बात कही गई।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का यह आंदोलन पिछले कई दिनों से चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, छात्र JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्रों के मार्च और प्रदर्शन की भी रिपोर्ट सामने आई है।

बबलू मुंडा ने CBI जांच की मांग उठाई

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक JPSC, JSSC, CGL और पेपर लीक से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकार से इन मामलों की CBI से जांच कराने और यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

CBI जांच की मांग झारखंड के छात्र आंदोलन में पहले भी प्रमुखता से सामने आई है। 30 जुलाई को रांची में AJSU के युवा और छात्र संगठनों ने JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए 14वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग की थी। JPSC-JSSC Protest

10 अगस्त के विधानसभा घेराव को समर्थन

बबलू मुंडा ने कहा कि छात्रों की ओर से पूर्व घोषित झारखंड विधानसभा घेराव कार्यक्रम को केंद्रीय सरना समिति और विभिन्न आदिवासी संगठन छात्रों के हित में समर्थन देंगे। उनका कहना है कि छात्रों की मांग केवल परीक्षा या भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया में भरोसे से जुड़ा विषय है।

रांची में JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों की ओर से विधानसभा घेराव की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। 6 अगस्त की रिपोर्टों के अनुसार छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इससे साफ है कि परीक्षा संबंधी विवाद अब लगातार व्यापक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे का रूप ले रहा है। JPSC-JSSC Protest

छात्रों के आंदोलन को मिला सामाजिक समर्थन

केंद्रीय सरना समिति की ओर से छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था को आंदोलन के मानवीय पक्ष से जोड़कर देखा जा सकता है। लंबे समय से धरना या प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए भोजन और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना उनके आंदोलन को सामाजिक समर्थन देने का एक तरीका है। समिति ने इसी माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि छात्रों की समस्याओं को केवल परीक्षा से जुड़े विवाद के रूप में नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे के तौर पर देखा जाना चाहिए।

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस समय छात्रों की गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां से छात्रों के मार्च और प्रदर्शन की रिपोर्ट पहले भी सामने आ चुकी है। JPSC-JSSC Protest

अशोक मुंडा ने सरकार पर साधा निशाना

समिति के प्रधान महासचिव अशोक मुंडा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि झारखंड में कानून-व्यवस्था और शासन की स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने राज्य की स्थिति को ‘जंगल राज’ बताते हुए कहा कि प्रदेश का हर वर्ग सरकार से परेशान है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर संगठन पीछे नहीं हटेगा और छात्रों के हित में आंदोलन को समर्थन जारी रहेगा।

अशोक मुंडा का यह बयान केंद्रीय सरना समिति की राजनीतिक और सामाजिक भूमिका को भी रेखांकित करता है। समिति ने छात्रों के आंदोलन को आदिवासी संगठनों की भागीदारी से जोड़ने की बात कही है। हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया का उल्लेख समिति की ओर से जारी जानकारी में नहीं किया गया है। JPSC-JSSC Protest

JPSC-JSSC विवाद क्यों बन रहा बड़ा मुद्दा?

झारखंड में सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए JPSC और JSSC की परीक्षाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में कथित पेपर लीक, परिणामों को लेकर सवाल या चयन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें सामने आने पर अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। आंदोलन कर रहे छात्र पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।

हालिया घटनाक्रम में JPSC और JSSC को लेकर छात्रों का आंदोलन व्यापक हुआ है। मीडिया रिपोर्टों में 14वीं JPSC परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे का उल्लेख किया गया है। 30 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने JPSC में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर मार्च निकाला था। JPSC-JSSC Protest

सरकार से बातचीत के बावजूद आंदोलन जारी

इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की कोशिशें हुई हैं। 8 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और नौकरी के दावेदारों के बीच बातचीत हुई, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन सकी और आंदोलन जारी रखने की बात सामने आई।

इससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में JPSC-JSSC विवाद और छात्र आंदोलन झारखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दा बना रह सकता है। खास तौर पर विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद सरकार के सामने आंदोलन को संभालने के साथ-साथ छात्रों की मांगों पर स्पष्ट रुख रखने की चुनौती भी होगी। JPSC-JSSC Protest

आदिवासी संगठनों की भागीदारी से बढ़ सकता है आंदोलन का दायरा

केंद्रीय सरना समिति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह छात्रों के विधानसभा घेराव कार्यक्रम को समर्थन देगी। यदि विभिन्न आदिवासी और सामाजिक संगठन इस आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होते हैं तो इसका सामाजिक आधार और व्यापक हो सकता है। हालांकि किसी भी आंदोलन की दिशा और प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि छात्रों की मूल मांगों पर सरकार किस तरह प्रतिक्रिया देती है और बातचीत का रास्ता कितना आगे बढ़ता है।

इस घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का असंतोष अब केवल परीक्षा केंद्रों या परिणामों तक सीमित नहीं रह गया है। यह मुद्दा पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्ष भर्ती और युवाओं के भविष्य से जुड़ गया है। JPSC-JSSC Protest

आगे क्या होगा?

8 अगस्त को केंद्रीय सरना समिति के समर्थन के बाद अब सभी की नजर छात्रों के अगले बड़े कार्यक्रम पर है। समिति ने विधानसभा घेराव में समर्थन देने की घोषणा की है, जबकि छात्रों की ओर से भी आंदोलन जारी रखने की बात सामने आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की ओर से बातचीत, जांच या कार्रवाई को लेकर कोई ठोस पहल होती है या नहीं, यह आंदोलन की अगली दिशा तय कर सकता है।

फिलहाल छात्रों की मुख्य मांगों में कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, पेपर लीक के मामलों में दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। केंद्रीय सरना समिति ने इन मांगों को समर्थन देते हुए CBI जांच की मांग उठाई है। ऐसे में JPSC JSSC Protest, JSSC CGL Paper Leak, Jharkhand Student Protest और JPSC CBI Inquiry जैसे विषय आने वाले दिनों में झारखंड की खबरों में प्रमुख सर्च टर्म बने रह सकते हैं।

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