समाज सेवा केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होती, बल्कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच को साकार करते हुए मारवाड़ी युवा मंच, दक्षिण महिला जागृति शाखा, रांची ने “सृजन से सम्मान तक” अभियान के अंतर्गत एक व्यापक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। यह शिविर पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष गोविंद मेवाड़ के सम्मान में आयोजित किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य जांच कराना नहीं था, बल्कि लोगों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना भी था।
80 से अधिक लोगों ने उठाया स्वास्थ्य जांच का लाभ
शिविर में 80 से अधिक पुरुषों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी स्वास्थ्य जांच कराई। बड़ी संख्या में लोगों ने आंखों की जांच कराकर अपनी दृष्टि संबंधी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा मधुमेह की जांच, ब्लड प्रेशर, एसपीओ2, वजन मापन तथा सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। महिलाओं के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ की विशेष परामर्श सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे कई महिलाओं ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विशेषज्ञों से सीधे चर्चा की। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जांच के बाद लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी, ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही बीमारियों की पहचान कर उनका उचित उपचार कराया जा सके।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी ने बढ़ाया शिविर का महत्व
इस स्वास्थ्य शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। पल्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन डॉ. रौनक कुमार ने सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जांच और परामर्श दिया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी ने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और सलाह प्रदान की। वहीं नेत्र विशेषज्ञ डॉ. रियाज अहमद ने आंखों की विस्तृत जांच कर लोगों को दृष्टि सुरक्षा और आंखों की देखभाल के उपाय बताए। पूरे शिविर के समन्वय की जिम्मेदारी कुंदन कुमार सिंह ने निभाई, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संचालित हुआ।
समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर शाखा की अध्यक्ष प्रमिला सराफ ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का स्वस्थ रहना किसी भी विकसित समाज की पहली आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि मंच समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित करता है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के लोग भी बिना किसी खर्च के अपनी नियमित स्वास्थ्य जांच करा सकें। उन्होंने कहा कि कई गंभीर बीमारियां शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती हैं। यदि समय पर जांच हो जाए तो उनका इलाज आसान और कम खर्चीला हो सकता है। इसी उद्देश्य से मंच लगातार समाजहित के कार्यक्रम आयोजित करता रहा है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
पल्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और टाटा एआईजी का मिला सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में पल्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और टाटा एआईजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। दोनों संस्थानों ने चिकित्सा विशेषज्ञों, स्वास्थ्य जांच उपकरणों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की। टाटा एआईजी की ओर से राजीव दास, रंजिता पोद्दार, वर्तिका चौधरी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी शिविर में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनके सहयोग से स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से संचालित हुई और प्रत्येक लाभार्थी को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इस प्रकार सरकारी और निजी संस्थानों के सहयोग से सामाजिक संगठनों द्वारा स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के दौरान मंच के कोषाध्यक्ष रामचंद्र अग्रवाल तथा पूर्व अध्यक्ष रोहित शारदा ने उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल बीमारी होने पर डॉक्टर के पास जाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम तथा तनावमुक्त जीवन भी अच्छे स्वास्थ्य की आधारशिला हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर चिकित्सकीय जांच अवश्य कराएं। उनका मानना था कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
अंगदान जागरूकता अभियान बना कार्यक्रम का विशेष आकर्षण
स्वास्थ्य जांच शिविर के साथ-साथ अंगदान जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसने कार्यक्रम को एक नई सामाजिक दिशा प्रदान की। विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को बताया कि मृत्यु के बाद किए गए अंगदान से कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए इसके सामाजिक और मानवीय महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। लोगों को यह भी समझाया गया कि अंगदान केवल एक चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। इस जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने रुचि दिखाई और भविष्य में अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।
सामाजिक संगठनों की ऐसी पहल समाज के लिए क्यों है आवश्यक
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनेक लोग नियमित स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज कर देते हैं। आर्थिक कठिनाइयों या जागरूकता की कमी के कारण कई लोग डॉक्टर तक भी नहीं पहुंच पाते। ऐसे समय में सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर समाज के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। इन आयोजनों से लोगों को बिना किसी आर्थिक बोझ के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और आवश्यक जांच की सुविधा मिलती है। साथ ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। मारवाड़ी युवा मंच दक्षिण महिला जागृति शाखा का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि सामाजिक संस्थाएं, निजी अस्पताल और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिलकर कार्य करें तो समाज के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
स्वास्थ्य सेवा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का प्रेरक उदाहरण
रांची में आयोजित यह निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर केवल एक चिकित्सा कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रेरक उदाहरण भी था। एक ओर लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं और स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिली, वहीं दूसरी ओर स्वस्थ जीवनशैली और अंगदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया गया। ऐसे आयोजन यह संदेश देते हैं कि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का भी विषय है। यदि समाज के विभिन्न संगठन इसी प्रकार आगे आते रहें तो न केवल बीमारियों की समय पर पहचान संभव होगी, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ेंगे।





