देश के कई हिस्सों में नौतपा के दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। यह केवल बाहर की गर्मी नहीं होती, बल्कि इसका असर शरीर के अंदर भी महसूस होने लगता है। इस दौरान कई लोगों को पेट में जलन, बार-बार प्यास, एसिडिटी, भारीपन, थकान और बेचैनी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। अधिक गर्मी में शरीर तेजी से पानी और इलेक्ट्रोलाइट खोता है, जिससे पाचन प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मौसम में गलत खानपान समस्या को और बढ़ा सकता है। इसलिए केवल पेट भरना ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि लंच में क्या और कितना खाया जा रहा है।
नौतपा में लंच हल्का रखें, लेकिन पोषण पूरा होना चाहिए
गर्मियों में बहुत भारी भोजन शरीर को अतिरिक्त मेहनत करवाता है। इसलिए लंच ऐसा होना चाहिए जो पेट को अधिक बोझ न दे और शरीर को ऊर्जा भी देता रहे। इस मौसम में हल्का, ताजा और पानी से भरपूर भोजन अधिक उपयोगी माना जाता है।
पोषण विशेषज्ञ बताते हैं कि दोपहर के भोजन में जौ या गेहूं की हल्की रोटी, मौसमी हरी सब्जियां, दाल, सलाद और दही या छाछ शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे शरीर को कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और तरल पदार्थ मिलते हैं।
लंच में क्या खाएं ताकि पेट में गर्मी न बढ़े
गर्मी के मौसम में खीरा, ककड़ी, लौकी, तोरी, परवल और मौसमी हरी सब्जियां शरीर को हल्का महसूस करा सकती हैं। इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर के हाइड्रेशन में मदद करती है।
दोपहर के भोजन में छाछ भी अच्छा विकल्प हो सकती है। कई डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ मानते हैं कि हल्की मसाला छाछ पाचन में सहायक हो सकती है। नींबू पानी या सादा पानी भी शरीर के लिए उपयोगी हो सकता है।
तरबूज और खरबूजा जैसे फल भी दिन के अलग समय पर लाभकारी हो सकते हैं क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है।
नौतपा में किन चीजों से दूरी बनाना बेहतर हो सकता है
तेज गर्मी में बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन कुछ लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। अधिक मिर्च वाला भोजन पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या पैदा कर सकता है।
अत्यधिक चाय, कॉफी और कैफीन वाले पेय भी शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं। इसी तरह बहुत ज्यादा फास्ट फूड, पैकेज्ड स्नैक्स और अत्यधिक तैलीय चीजें पाचन को प्रभावित कर सकती हैं।
कुछ लोग गर्मी में बार-बार ठंडा पेय या बर्फ वाला ड्रिंक लेते हैं, लेकिन बहुत अधिक ठंडी चीजें भी अचानक कुछ लोगों में असुविधा पैदा कर सकती हैं।
डॉक्टर क्या कहते हैं?
देश के कई गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट और न्यूट्रिशन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मियों में भोजन की गुणवत्ता और समय दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। डॉक्टरों के अनुसार बहुत देर तक भूखे रहना और फिर अचानक भारी भोजन करना पाचन संबंधी परेशानी बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे और संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और हाइड्रेशन पर ध्यान देना गर्मी से बचाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार एसिडिटी, उल्टी, चक्कर या लू के लक्षण महसूस हों, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
केवल खाने पर नहीं, खाने के तरीके पर भी ध्यान दें
गर्मी में जल्दी-जल्दी खाना, भोजन के तुरंत बाद धूप में निकलना और पानी बहुत कम पीना भी परेशानी बढ़ा सकता है। भोजन आराम से करें और खाने के तुरंत बाद भारी शारीरिक काम से बचें।
कुछ लोग खाने के बाद कुछ मिनट आराम से बैठना या हल्की वॉक करना पसंद करते हैं, जिससे पाचन बेहतर महसूस हो सकता है।
कम मसाले वाला भोजन
नौतपा की भयंकर गर्मी में लंच केवल पेट भरने का माध्यम नहीं बल्कि शरीर को संतुलित रखने का तरीका भी बन जाता है। हल्का, पानी से भरपूर और कम मसाले वाला भोजन पेट की गर्मी और एसिडिटी से बचाने में मदद कर सकता है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और संतुलित आदतें इस मौसम में आपको अधिक सुरक्षित और ऊर्जावान रख सकती हैं।





