रांची, 10 सितंबर 2026। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से 3rd International Conference on Computational Intelligence (ICCI) 2026 का गुरुवार को शुभारंभ किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन का केंद्र Computational Intelligence, Artificial Intelligence, Machine Learning और Geospatial Technology जैसी तेजी से विकसित हो रही तकनीकों पर रहा। विशेषज्ञों ने इन तकनीकों के शोध के साथ-साथ वास्तविक जीवन की समस्याओं, उद्योग, वैज्ञानिक अनुसंधान और सतत विकास में बढ़ते उपयोग पर विस्तार से विचार साझा किए।

Computational Intelligence के नए आयामों पर सम्मेलन
ICCI 2026 का उद्देश्य कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हो रहे नए शोध और तकनीकी विकास को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है। सम्मेलन में विशेष रूप से इस बात पर चर्चा हुई कि आधुनिक कंप्यूटिंग तकनीकों, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल वास्तविक दुनिया की जटिल समस्याओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने में किस तरह किया जा सकता है। सम्मेलन में Geospatial Technology, Machine Learning और Artificial Intelligence के विभिन्न अनुप्रयोगों को प्रमुखता दी गई।
सम्मेलन के कन्वीनर डॉ. सुदीप कुमार साहाना और डॉ. देबजानी मुस्तफी हैं, जबकि डॉ. संदीप दत्ता और डॉ. शमामा अनवर को-कन्वीनर की भूमिका निभा रहे हैं। इनके नेतृत्व में सम्मेलन को अकादमिक शोध, तकनीकी विचार-विमर्श और उद्योग से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को जोड़ने वाला मंच बनाया गया है। “BIT Mesra ICCI 2026”
Geospatial Data और Machine Learning के मेल पर जोर
उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मेलन के कन्वीनर डॉ. सुदीप कुमार साहाना ने सम्मेलन की विषय-वस्तु और इसके उद्देश्य का परिचय कराया। उन्होंने विशेष रूप से वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में Geospatial Data और Machine Learning के एकीकरण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उनका जोर इस बात पर रहा कि बड़ी मात्रा में उपलब्ध स्थानिक आंकड़ों का विश्लेषण यदि आधुनिक मशीन लर्निंग तकनीकों के साथ किया जाए तो जटिल भौगोलिक और सामाजिक समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।
आज के दौर में Geospatial Technology का इस्तेमाल शहरी नियोजन, प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी, आपदा प्रबंधन, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत संरचना की योजना जैसे अनेक क्षेत्रों में किया जा रहा है। ऐसे में मशीन लर्निंग और AI के साथ इसका संयोजन शोध और नीति निर्माण दोनों के लिए महत्वपूर्ण संभावनाएं पैदा करता है। “BIT Mesra ICCI 2026”
झारखंड की Geospatial चुनौतियों पर भी हुई चर्चा
प्रो. अभिजीत मुस्तफी, प्रमुख, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, BIT Mesra ने सम्मेलन के दौरान झारखंड से जुड़ी Geospatial चुनौतियों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने में Geospatial Data महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने Geospatial Data के विश्लेषण में सरकारी पहलों और Machine Learning की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की। आधुनिक तकनीक की मदद से बड़े पैमाने पर उपलब्ध डेटा को व्यवस्थित तरीके से समझना और उससे उपयोगी निष्कर्ष निकालना प्रशासनिक योजना और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। झारखंड जैसे खनिज संपदा, वन क्षेत्र और विविध भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में ऐसी तकनीक का उपयोग शोध के लिए विशेष महत्व रखता है। “BIT Mesra ICCI 2026”
वैज्ञानिक अनुसंधान में AI की बढ़ती भूमिका
प्रो. अशोक शेरॉन, Dean of Faculty Affairs (DoFA), BIT Mesra ने संस्थान के शैक्षणिक और शोध परिवेश पर प्रकाश डालते हुए वैज्ञानिक क्षेत्रों में Artificial Intelligence के बढ़ते इस्तेमाल की चर्चा की। उन्होंने Protein Sequence Analysis जैसे वैज्ञानिक विषयों में AI के अनुप्रयोगों की संभावनाओं को रेखांकित किया।
प्रोटीन से जुड़े जटिल जैविक आंकड़ों का अध्ययन एक अत्यंत डेटा-गहन प्रक्रिया है। ऐसे क्षेत्रों में AI और Machine Learning का इस्तेमाल पैटर्न पहचानने, बड़े डेटा सेट का विश्लेषण करने और शोधकर्ताओं को संभावित निष्कर्षों तक तेजी से पहुंचने में सहायता कर सकता है। इस तरह AI अब केवल कंप्यूटर विज्ञान तक सीमित तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि विज्ञान और अनुसंधान के अनेक क्षेत्रों में इसका प्रभाव बढ़ रहा है। “BIT Mesra ICCI 2026”
उद्योग और Sustainable Development में AI का व्यावहारिक इस्तेमाल
सम्मेलन के मुख्य अतिथि श्री दीपक जैन, Executive Director (Digital Transformation), SAIL Digital Transformation Division, Ranchi ने Artificial Intelligence के व्यावहारिक उपयोग पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI की वास्तविक उपयोगिता केवल सैद्धांतिक अवधारणाओं और शोध तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे उद्योग और व्यवसाय की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने Business और Sustainable Development में AI की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि डिजिटल परिवर्तन के दौर में कंपनियां डेटा और AI आधारित तकनीकों के जरिए अपनी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बना सकती हैं। औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन, संसाधन प्रबंधन, पूर्वानुमान, गुणवत्ता नियंत्रण और निर्णय लेने जैसे क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल भविष्य में और व्यापक हो सकता है। “BIT Mesra ICCI 2026”
Responsible AI को लेकर विशेषज्ञ ने चेताया
सम्मेलन के एक अन्य मुख्य अतिथि प्रो. उत्पल गारैन, Professor, ISI Kolkata ने Artificial Intelligence के संभावित दुरुपयोग से उत्पन्न चुनौतियों पर विशेष ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने AI के विकास के साथ Accountability और Responsible AI Development की आवश्यकता पर जोर दिया।
AI जितना शक्तिशाली होता जा रहा है, उतना ही महत्वपूर्ण यह सवाल भी बन रहा है कि इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से और किस प्रकार किया जा रहा है। गलत सूचना, पक्षपातपूर्ण एल्गोरिदम, डेटा के दुरुपयोग और स्वचालित निर्णयों में जवाबदेही जैसे विषय AI के भविष्य से सीधे जुड़े हुए हैं। ऐसे में Responsible AI केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी का भी हिस्सा बन गया है। “BIT Mesra ICCI 2026”
AI के विकास के साथ जवाबदेही भी जरूरी
ICCI 2026 में Responsible AI पर हुई चर्चा सम्मेलन के व्यापक दृष्टिकोण को सामने लाती है। तकनीक का विकास तभी समाज के लिए उपयोगी साबित हो सकता है जब उसके साथ पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही को भी महत्व दिया जाए। शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के सामने अब केवल अधिक शक्तिशाली AI मॉडल विकसित करने की चुनौती नहीं है, बल्कि ऐसे सिस्टम बनाने की जिम्मेदारी भी है जो विश्वसनीय, सुरक्षित और समाज के हित में उपयोग किए जा सकें। “BIT Mesra ICCI 2026”
शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने संभाली अहम जिम्मेदारी
सम्मेलन के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. पूनम मोरल, डॉ. कोमल नाज़, डॉ. लोपामुद्रा होता, डॉ. रतिंद्रनाथ दत्ता, डॉ. संदीप घोषाल और डॉ. अदिति पांडा सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्यों ने सम्मेलन की तैयारियों और संचालन में योगदान दिया।
वहीं BIT Mesra के शोधार्थियों, M.Tech और B.Tech विद्यार्थियों ने भी आयोजन एवं समन्वय से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। विद्यार्थियों की सहभागिता ने सम्मेलन को केवल विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि संस्थान के युवा तकनीकी प्रतिभाओं को भी इससे सीधे जोड़ने का अवसर दिया। “BIT Mesra ICCI 2026”
विद्यार्थियों के लिए शोध और करियर का महत्वपूर्ण मंच
ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों के लिए अपने विषय से जुड़े नवीनतम शोध को समझने और विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर प्रदान करते हैं। Computational Intelligence, AI और Machine Learning जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहा है और इन क्षेत्रों में करियर की संभावनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। ICCI 2026 जैसे सम्मेलन विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ उद्योग और शोध जगत की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर देते हैं। “BIT Mesra ICCI 2026”
आने वाले सत्रों में जारी रहेंगी तकनीकी चर्चाएं
सम्मेलन का उद्घाटन केवल शुरुआत है। आगामी सत्रों में Computational Intelligence के विभिन्न आयामों और उनके अनुप्रयोगों पर तकनीकी एवं अकादमिक चर्चाएं जारी रहेंगी। AI, Machine Learning, Geospatial Technology और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में शोधकर्ता अपने अध्ययन और निष्कर्ष साझा करेंगे। इससे सम्मेलन में भाग लेने वाले शोधकर्ताओं को नए विचारों पर चर्चा करने, संभावित सहयोग तलाशने और भविष्य के शोध की दिशा तय करने का अवसर मिलेगा। “BIT Mesra ICCI 2026”
BIT Mesra में AI Research को मिला नया मंच
ICCI 2026 का आयोजन यह भी दर्शाता है कि BIT Mesra में Artificial Intelligence, Machine Learning और Computational Intelligence जैसे उभरते क्षेत्रों में शोध को महत्व दिया जा रहा है। सम्मेलन के जरिए अकादमिक जगत, शोध संस्थानों और उद्योग के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया है। AI और Machine Learning का Geospatial Technology, Healthcare, Industry और Scientific Research में बढ़ता इस्तेमाल आने वाले समय में तकनीकी विकास की दिशा को प्रभावित कर सकता है। “BIT Mesra ICCI 2026”
तकनीक के साथ जिम्मेदारी का संदेश
ICCI 2026 के उद्घाटन सत्र से एक महत्वपूर्ण संदेश सामने आया कि भविष्य की तकनीक केवल अधिक स्मार्ट सिस्टम बनाने तक सीमित नहीं होगी। AI और Computational Intelligence के विकास के साथ यह भी तय करना होगा कि इन तकनीकों का इस्तेमाल सुरक्षित, जिम्मेदार और मानव हित में कैसे किया जाए। Geospatial Data से लेकर Protein Sequence Analysis और उद्योग से लेकर Sustainable Development तक AI के व्यापक उपयोग पर हुई चर्चा ने सम्मेलन को तकनीकी ज्ञान के साथ सामाजिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा। “BIT Mesra ICCI 2026”






