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14/09/2026 9:40 am

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Krishna Chhathi Mahotsav-रांची के श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर में छठी महोत्सव, भजनों पर झूमे श्रद्धालु

Krishna Chhathi Mahotsav

रांची: पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का छठी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। परमहंस संत डॉ. सदानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस धार्मिक समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और चारों ओर भक्ति एवं आध्यात्मिकता का वातावरण दिखाई दे रहा था। भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु देर तक भक्ति में डूबे रहे। “Krishna Chhathi Mahotsav”

आकर्षक सजावट से जगमगाया मंदिर परिसर

छठी महोत्सव को लेकर मंदिर में विशेष सजावट की गई थी। मंदिर परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी सजावटी सामग्री और धार्मिक प्रतीकों से आकर्षक रूप दिया गया था। जैसे ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में प्रवेश कर रहे थे, उन्हें चारों ओर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हो रहा था। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालुओं ने आयोजन में भाग लेकर भगवान श्री राधा-कृष्ण से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। “Krishna Chhathi Mahotsav”

बाल गोपाल का मनोहारी श्रृंगार बना आकर्षण का केंद्र

भगवान श्री राधा-कृष्ण का भव्य और मनोहारी श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। महोत्सव के अवसर पर भगवान को जड़ित एवं आकर्षक आभूषणों से सजाया गया। विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को अत्यंत सुंदर ढंग से तैयार किया गया था। बाल गोपाल के मनमोहक स्वरूप को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। मंदिर में दर्शन के दौरान भक्तों के चेहरे पर श्रद्धा और आनंद की अनुभूति साफ दिखाई दे रही थी। श्रद्धालुओं ने भगवान के बाल स्वरूप के समक्ष माथा टेका और अपने परिवार तथा समाज के कल्याण की प्रार्थना की।

सुंदर झूले में विराजमान हुए बाल कृष्ण

छठी महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का झूलन उत्सव भी विधिवत मनाया गया। बाल गोपाल को सुंदर और आकर्षक झूले में विराजमान कराया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और प्रेम के साथ भगवान को झूला झुलाया। इस दौरान मंदिर परिसर में कृष्ण भक्ति से जुड़े जयकारे और धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत वातावरण बना रहा। भक्तों ने भगवान के बाल स्वरूप को वात्सल्य भाव से निहारा और अपने जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा मंगल की कामना की। झूलन उत्सव ने पूरे कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक और भावनात्मक रंग प्रदान किया। “Krishna Chhathi Mahotsav”

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई विधिवत पूजा-अर्चना

मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री राधा-कृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना कराई। धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने भी पूरे भक्तिभाव से भाग लिया। मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। पूजा के दौरान भगवान श्री राधा-कृष्ण को विभिन्न प्रकार के दिव्य एवं स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। भक्तों ने भोग को भगवान की प्रसन्नता और आशीर्वाद से जोड़ते हुए श्रद्धापूर्वक पूजा में सहभागिता की। “Krishna Chhathi Mahotsav”

केसरिया खीर और माखन-मिश्री का लगाया गया भोग

भगवान श्रीकृष्ण को छठी महोत्सव के अवसर पर विशेष भोग अर्पित किया गया। भोग में केसरिया खीर, पेड़ा, माखन-मिश्री, पंजीरी, फल और नारियल सहित विभिन्न प्रसाद शामिल रहे। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप से जुड़े माखन-मिश्री के भोग ने आयोजन में विशेष आकर्षण पैदा किया। पूजा के बाद इन प्रसादों को श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को सौभाग्यशाली माना और भगवान श्रीकृष्ण से परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगल की प्रार्थना की। “Krishna Chhathi Mahotsav”

‘अच्युतं केशवं’ से गूंज उठा पूरा मंदिर

पूजा-अर्चना के बाद आयोजित भजन-जागरण ने महोत्सव को भक्तिमय चरम पर पहुंचा दिया। ट्रस्ट के भजन गायक मनीष सोनी और प्रणामी महिला समिति की सदस्यों ने भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में मधुर एवं भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी। ‘अच्युतं केशवं कृष्ण दामोदरम्’, ‘राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी’ और ‘गोविंद बोलो, हरि गोपाल बोलो’ जैसे भजनों की मधुर धुनों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। भजनों की प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में झूमते नजर आए। कई श्रद्धालु हाथ उठाकर भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए भजन-कीर्तन में शामिल हुए और देखते ही देखते पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। “Krishna Chhathi Mahotsav”

भक्ति संगीत पर झूमते नजर आए श्रद्धालु

भजन-कीर्तन के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। भगवान श्रीकृष्ण के भजनों के साथ भक्तों ने तालियां बजाईं और भक्ति भाव में झूमते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की। ‘राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी’ जैसे भजनों ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिक भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का अवसर भी रहा। भजन-जागरण के दौरान मंदिर परिसर में राधे-कृष्ण के जयकारे लगातार गूंजते रहे।

बाल श्रीकृष्ण के सजीव चित्रण ने मोहा मन

महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की वेशभूषा में सजीव चित्रण भी प्रस्तुत किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बाल श्रीकृष्ण के रूप में प्रस्तुत मनमोहक झांकी और सजीव चित्रण को देखकर मंदिर में उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। बच्चों और महिलाओं के बीच इस प्रस्तुति को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। बाल कृष्ण के मनोहारी स्वरूप ने श्रद्धालुओं को वात्सल्य और भक्ति की भावना से भर दिया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा और धार्मिक उत्सव का वातावरण और भी जीवंत हो गया। “Krishna Chhathi Mahotsav”

सामूहिक महाआरती में एक स्वर में गूंजे जयकारे

कार्यक्रम के समापन पर भगवान श्री राधा-कृष्ण की विशेष सामूहिक महाआरती की गई। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ भाग लिया। आरती की लौ के साथ मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण और गहरा हो गया। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और आरती के दौरान भगवान से परिवार, समाज और समस्त मानवता के कल्याण की प्रार्थना की। सामूहिक आरती के दृश्य ने पूरे आयोजन को भावपूर्ण समापन प्रदान किया। “Krishna Chhathi Mahotsav”

हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन में शामिल हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण के दौरान भी श्रद्धालुओं में उत्साह और अनुशासन दिखाई दिया। भक्तों ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन करने के बाद प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन के सफल एवं शांतिपूर्ण संपन्न होने पर ट्रस्ट के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। “Krishna Chhathi Mahotsav”

सनातन परंपरा में छठी महोत्सव का विशेष महत्व

ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का छठी महोत्सव सनातन परंपरा में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि भगवान के बाल स्वरूप की आराधना मनुष्य के भीतर वात्सल्य, प्रेम, श्रद्धा और समर्पण की भावना को जागृत करती है। उनके अनुसार ऐसे धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी बनते हैं। सामूहिक धार्मिक आयोजन समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारा और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। “Krishna Chhathi Mahotsav”

श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता

छठी महोत्सव में ट्रस्ट के सदस्यों, प्रणामी महिला समिति की सदस्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन में डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, सुरेश चौधरी, पवन पोद्दार, मनीष सोनी, संजय सर्राफ, विद्या देवी अग्रवाल, शोभा जालान, सुनीता अग्रवाल, उर्मिला पाड़िया, विमला जालान, संतोष देवी अग्रवाल, मंगला मोदी, आशा मुंजाल, पूनम अग्रवाल, ललिता अग्रवाल और अनीता जालान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति गहरी आस्था और भक्ति का भाव देखने को मिला। “Krishna Chhathi Mahotsav”

भक्ति, संस्कृति और सद्भाव का संदेश दे गया कृष्ण छठी महोत्सव

श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में आयोजित छठी महोत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी दिया। बाल गोपाल के श्रृंगार से लेकर झूलन उत्सव, वैदिक पूजा, भजन-जागरण, कृष्ण रूप के सजीव चित्रण, महाआरती और प्रसाद वितरण तक पूरा आयोजन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओतप्रोत रहा। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आध्यात्मिक शांति और सामूहिक आनंद का अवसर बना। भक्ति गीतों और कृष्ण जयकारों के बीच संपन्न हुआ यह महोत्सव लंबे समय तक श्रद्धालुओं के बीच स्मरणीय बना रहेगा। “Krishna Chhathi Mahotsav”

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