
Digital Sunset-क्या रात में मोबाइल की रोशनी चुरा रही है आपकी नींद?
स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट ने हमारी जिंदगी को पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है। ऑफिस का काम, ऑनलाइन पढ़ाई, मनोरंजन, बैंकिंग और सोशल मीडिया—सब कुछ एक छोटी-सी स्क्रीन पर उपलब्ध है। लेकिन इसी सुविधा ने एक नई चुनौती भी पैदा कर दी है। लाखों लोग रात को बिस्तर पर जाने के बाद भी … Read more

Fitness After 40-केवल वॉक नहीं, एक्सरसाइज भी क्यों है ज़रूरी?
Fitness After 40 की उम्र पार करते ही अधिकांश लोग यह महसूस करने लगते हैं कि पहले जैसी फुर्ती नहीं रही। सीढ़ियां चढ़ने में अधिक थकान, भारी सामान उठाने में कठिनाई या लंबे समय तक सक्रिय रहने में कमी जैसे बदलाव धीरे-धीरे दिखाई देने लगते हैं। वैज्ञानिक इसे उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा … Read more

Early Dinner- रात का खाना कब खाया जाए यह जानना भी है ज़रूरी?
भोजन की घड़ी पर बढ़ता वैज्ञानिक ध्यान स्वास्थ्य की चर्चा होते ही हमारा ध्यान भोजन की गुणवत्ता पर जाता है—क्या खाएं, कितना खाएं और किन चीज़ों से बचें। लेकिन अब पोषण विज्ञान में एक नया प्रश्न तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है—भोजन कब खाया जाए?(Early Dinner) पिछले कुछ वर्षों में वैज्ञानिकों ने पाया है … Read more

Social Prescribing- दोस्त, बगीचा और समाज भी बन सकते हैं इलाज?
दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है बढ़ता तनाव, अकेलापन, अवसाद, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां और सामाजिक अलगाव। लंबे समय तक माना जाता रहा कि इन समस्याओं का समाधान मुख्य रूप से दवाओं और चिकित्सकीय उपचार में ही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सा विज्ञान एक नई … Read more

Millets Indian Food- जिसे कभी गरीबों का भोजन कहा गया, वही आज सुपरफूड
कुछ दशक पहले तक भारत के अनेक ग्रामीण इलाकों में बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो और सांवा जैसे मोटे अनाज रोज़मर्रा के भोजन का हिस्सा थे। बाद में चावल और गेहूं का प्रभुत्व बढ़ने से इनका उपयोग कम होता गया। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, पोषण वैज्ञानिकों और उपभोक्ताओं का ध्यान फिर इन अनाजों … Read more

Healthy Snacks- कैसे बिहार का पारंपरिक भोजन बन गया दुनिया का हेल्दी स्नैक?
बिहार के मिथिला क्षेत्र का नाम लेते ही मखाना याद आता है। सदियों से तालाबों में उगने वाला यह पारंपरिक खाद्य पदार्थ पहले मुख्य रूप

Intentional Boredom-क्या बोर होना भी है दिमाग के लिए ज़रूरी?
कुछ दशक पहले तक बस का इंतज़ार करना, ट्रेन की खिड़की से बाहर देखना, छत पर बैठकर आसमान निहारना या बिना किसी उद्देश्य के टहलना सामान्य बात थी। आज स्थिति बदल चुकी है। जैसे ही कुछ मिनट का खाली समय मिलता है, हाथ अपने-आप मोबाइल की ओर बढ़ जाता है। सोशल मीडिया, छोटे वीडियो, गेम … Read more

BIT Mesra Steps In to Eliminate the Arsenic Crisis: Transforming Safe Drinking Water for Thousands of Students in Jharkhand
A Silent Crisis Hidden Beneath the Ground For generations, the people of Sahebganj in Jharkhand lived with a problem they could neither see nor fully

उत्तराखंड का ‘भट्ट की चुड़कानी’: पहाड़ों का पारंपरिक सुपरफूड जिसे अब पोषण विज्ञान भी समझ रहा है
भारत की क्षेत्रीय खाद्य परंपराएं केवल स्वाद की नहीं, बल्कि स्थानीय जलवायु, कृषि और पोषण विज्ञान की भी कहानी कहती हैं। उत्तराखंड का प्रसिद्ध व्यंजन

Friendship Recession: क्या हम दोस्त खोते जा रहे हैं? अकेलेपन की बढ़ती महामारी
दोस्ती का बदलता दौर: क्या रिश्तों में आ गया है सूखा? आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक जुड़ी हुई दिखाई देती है। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, वीडियो कॉल और मैसेजिंग ऐप्स ने लोगों को एक क्लिक की दूरी पर ला दिया है। फिर भी एक अजीब विरोधाभास सामने आ रहा है—लोग पहले से ज्यादा … Read more


Prediabetes In Rural-प्रीडायबिटीज का खतरा बढ़ रहा, गांवों में इसकी पहचान कम

Obesity India-सिर्फ वजन नहीं, कमर का घेरा भी दे रहा है चेतावनी !



Rural Women Empowerment Workshop Held at BIT Mesra with Focus on Livelihood
