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02/11/2026 2:30 pm

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Chhath Ghat Cleaning : रांची में युवा दस्ता का सफाई अभियान शुरू, बड़ा तालाब से शुरुआत

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रांची | 1 नवंबर 2026 | छठ पूजा विशेष

लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर राजधानी रांची में तैयारियां शुरू हो गई हैं। छठ पूजा के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर के विभिन्न तालाबों और छठ घाटों की साफ-सफाई को लेकर सामाजिक संगठनों ने भी पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में 1 नवंबर 2026 को युवा दस्ता रांची की ओर से राजधानी के विभिन्न छठ घाटों की सफाई के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की गई। अभियान का शुभारंभ शहर के प्रमुख छठ घाट बड़ा तालाब से किया गया। इस दौरान युवा दस्ता के संस्थापक राजीव रंजन मिश्रा सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। संगठन ने छठ महापर्व तक शहर के अलग-अलग छठ घाटों पर सफाई अभियान चलाने का संकल्प लिया है। “Chhath Ghat Cleaning”

बड़ा तालाब से शुरू हुआ युवा दस्ता का सफाई अभियान

छठ महापर्व से पहले राजधानी रांची के तालाबों और घाटों को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से युवा दस्ता ने रविवार को सफाई अभियान की शुरुआत की। अभियान का नेतृत्व संगठन के संस्थापक राजीव रंजन मिश्रा ने किया। उन्होंने बड़ा तालाब छठ घाट पहुंचकर अभियान की शुरुआत की और संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से छठ पूजा तक लगातार विभिन्न घाटों की सफाई में सहयोग करने की अपील की। इस पहल का उद्देश्य छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहर के जलाशयों की साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

बड़ा तालाब रांची के प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों में शामिल है। छठ महापर्व के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों की स्वच्छता, जलाशयों के आसपास साफ-सफाई और पूजा सामग्री के उचित निस्तारण की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। युवा दस्ता की ओर से शुरू किया गया यह अभियान इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। “Chhath Ghat Cleaning”

छठ महापर्व तक शहर के अलग-अलग घाटों पर चलेगा सफाई अभियान

युवा दस्ता के संस्थापक राजीव रंजन मिश्रा ने संगठन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से अपील की कि वे छठ महापर्व तक राजधानी के विभिन्न छठ घाटों पर सफाई अभियान जारी रखें। उन्होंने कहा कि छठ पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि स्वच्छता, अनुशासन, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक सहभागिता का भी संदेश देता है। इसलिए इस महापर्व की तैयारियों में घाटों की सफाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने संगठन के सदस्यों से आग्रह किया कि वे अलग-अलग क्षेत्रों के छठ घाटों पर जाकर साफ-सफाई में सहयोग करें और स्थानीय लोगों को भी इस अभियान से जोड़ें। उनका मानना है कि यदि सामाजिक संगठन, स्थानीय नागरिक और प्रशासन मिलकर काम करें तो छठ महापर्व से पहले शहर के प्रमुख तालाबों और घाटों को स्वच्छ बनाया जा सकता है। इस अभियान के माध्यम से युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। “Chhath Ghat Cleaning”

राजीव रंजन मिश्रा ने रांचीवासियों से की घाटों को स्वच्छ रखने की अपील

सफाई अभियान के दौरान राजीव रंजन मिश्रा ने राजधानी के नागरिकों से भी छठ घाटों और तालाबों को साफ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल सफाई अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। पूजा के दौरान इस्तेमाल होने वाली सामग्री और अन्य कचरे को तालाबों या जलाशयों में फेंकने से बचना चाहिए। श्रद्धालुओं को पूजा के बाद घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने में भी सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि पूजा सामग्री का विसर्जन नगर निगम की ओर से बनाए गए निर्धारित विसर्जन स्थलों पर ही किया जाए। फूल, माला, कपड़े, प्लास्टिक और अन्य पूजन सामग्री को सीधे तालाबों में डालने से जलाशयों की स्वच्छता प्रभावित हो सकती है। इसलिए धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखना भी जरूरी है। छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग घाटों पर पहुंचते हैं, ऐसे में हर श्रद्धालु की छोटी-सी सावधानी भी शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। “Chhath Ghat Cleaning”

नगर निगम से तालाबों और छठ घाटों की नियमित सफाई की मांग

युवा दस्ता के संस्थापक ने रांची नगर निगम प्रशासन से भी शहर के तालाबों और छठ घाटों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में केवल पर्व से एक-दो दिन पहले सफाई करने के बजाय पहले से व्यवस्थित अभियान चलाने की जरूरत है।

तालाबों के आसपास जमा कचरे को हटाने, घाटों की सफाई, जलाशयों के किनारे स्वच्छता बनाए रखने और पूजा सामग्री के उचित निस्तारण की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही घाटों पर पर्याप्त कूड़ेदान और निर्धारित विसर्जन स्थल की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए। नगर निगम और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं। “Chhath Ghat Cleaning”

छठ पूजा और स्वच्छता का है गहरा संबंध

छठ महापर्व भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जिसमें प्रकृति, जल और सूर्य की उपासना को विशेष महत्व दिया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में व्रती नदी, तालाब और अन्य जलाशयों के किनारे पूजा-अर्चना करते हैं। खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य जैसे अनुष्ठानों में स्वच्छता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसीलिए छठ पूजा की तैयारियों में घाटों की सफाई का महत्व और बढ़ जाता है।

छठ महापर्व हमें जल स्रोतों के संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है। जिस तालाब या नदी के किनारे श्रद्धालु सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं, उसकी स्वच्छता बनाए रखना भी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि लोग पूजा सामग्री को निर्धारित स्थान पर विसर्जित करें, प्लास्टिक और अन्य कचरे को जलाशयों में डालने से बचें तथा घाटों पर गंदगी न फैलाएं, तो धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य भी पूरा हो सकता है।

सफाई अभियान में युवा दस्ता के पदाधिकारी और सदस्य हुए शामिल

युवा दस्ता की ओर से आयोजित इस सफाई अभियान में संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्यों ने भाग लिया। अभियान में राज किशोर प्रसाद, अशोक पुरोहित, गोपाल पारीक, मदन साहू, सुनील शर्मा, लंकेश सिंह, राहुल सिन्हा चंकी, अनिल तिवारी, राजीव सिंह, ज्योति शंकर साहू, अरविंद जैस्वाल, कैलाश पारीक, रंजीत उरांव, मो. परवेज, विकास राज, संदीप रजक और राहुल कुमार ठाकुर सहित दर्जनों सदस्य शामिल हुए।

संगठन के सदस्यों ने छठ महापर्व तक विभिन्न घाटों पर सफाई अभियान चलाने और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की पहल की है। युवा दस्ता की इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि धार्मिक पर्वों की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी भी जरूरी है।

स्वच्छ घाट और स्वच्छ तालाब के साथ छठ महापर्व मनाने की अपील

छठ महापर्व से पहले रांची में शुरू हुआ युवा दस्ता का सफाई अभियान शहर के नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की पहल है। बड़ा तालाब से शुरू हुए इस अभियान के जरिए संगठन ने लोगों से अपील की है कि वे छठ घाटों को साफ रखने में सहयोग करें और पूजा सामग्री का विसर्जन निर्धारित स्थलों पर ही करें।

छठ पूजा की वास्तविक भावना आस्था, अनुशासन, प्रकृति के सम्मान और सामूहिक सहयोग में निहित है। ऐसे में यदि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए और नगर निगम नियमित सफाई की व्यवस्था करे, तो राजधानी के छठ घाटों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा सकता है। स्वच्छ घाट, स्वच्छ जलाशय और जागरूक नागरिक ही छठ महापर्व की तैयारियों को सार्थक बना सकते हैं।

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