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04/11/2026 7:23 pm

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Train Cancelled-गोरखपुर रेल रूट पर बड़ा बदलाव, 3 सितंबर तक कई ट्रेनें रद्द

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गोरखपुर रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर

उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण खबर है। वाराणसी मंडल में गोरखपुर कैंट और उनौला स्टेशनों के बीच पैच दोहरीकरण के कमीशनिंग कार्य के कारण रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन में बड़ा बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों का रूट बदलकर चलाया जाएगा। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को निर्धारित समय से देरी से रवाना किया जाएगा और कुछ ट्रेनों को रास्ते में नियंत्रित करके चलाने का निर्णय लिया गया है।

रेलवे के अनुसार गोरखपुर कैंट-पनियहवा रेलखंड पर आधारभूत संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से गोरखपुर कैंट और उनौला के बीच पैच दोहरीकरण का काम किया जा रहा है। इस कार्य की कमीशनिंग के लिए एनआई यानी नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही 3 सितंबर 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा प्रस्तावित निरीक्षण को देखते हुए यह परिचालनिक बदलाव किए गए हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का नया रूट और समय जरूर जांच लेना चाहिए। “Train Cancelled”

गोरखपुर कैंट-उनौला के बीच दोहरीकरण का काम

रेलवे नेटवर्क पर सिंगल लाइन की क्षमता बढ़ाने और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम बनाने के लिए दोहरीकरण का काम लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी मंडल के गोरखपुर कैंट-पनियहवा खंड में गोरखपुर कैंट और उनौला स्टेशनों के बीच पैच दोहरीकरण किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद इस हिस्से में ट्रेनों के संचालन की क्षमता और परिचालनिक सुविधा बढ़ने की उम्मीद है।

इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण चरण कमीशनिंग और एनआई कार्य है। इसी दौरान नई या दोहरी की गई रेल लाइन को परिचालन व्यवस्था से जोड़ा जाता है और सिग्नलिंग तथा अन्य तकनीकी प्रणालियों की जांच की जाती है। सुरक्षा की दृष्टि से इस अवधि में ट्रेनों का सामान्य परिचालन प्रभावित होना स्वाभाविक है। इसी वजह से रेलवे ने पहले से ट्रेनों को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था जारी की है। “Train Cancelled”

तीन सवारी ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्द

इस कार्य के कारण नरकटियागंज और गोरखपुर कैंट के बीच चलने वाली तीन सवारी ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। नरकटियागंज से 31 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक चलने वाली गाड़ी संख्या 55095 नरकटियागंज-गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी निरस्त रहेगी। इसी अवधि में गोरखपुर कैंट से चलने वाली गाड़ी संख्या 55098 गोरखपुर कैंट-नरकटियागंज सवारी गाड़ी भी रद्द रहेगी।

इसके अलावा नरकटियागंज से 1 सितंबर से 4 सितंबर 2026 तक चलने वाली गाड़ी संख्या 55097 नरकटियागंज-गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी भी निरस्त रहेगी। इन ट्रेनों से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को इस अवधि में वैकल्पिक साधनों या दूसरी उपलब्ध रेल सेवाओं की जानकारी पहले से लेनी होगी। “Train Cancelled”

कई लंबी दूरी की ट्रेनों का बदलेगा रूट

एनआई कार्य का असर केवल स्थानीय सवारी ट्रेनों तक सीमित नहीं रहेगा। कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों को भी परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। रेलवे ने कुल 13 ट्रेनों के रूट में बदलाव की जानकारी दी है। इन ट्रेनों में जननायक एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस और क्लोन स्पेशल जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं।

रूट बदलने का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जिनकी यात्रा गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, सीवान, देवरिया सदर, खलीलाबाद और इन रेलखंडों के अन्य स्टेशनों से जुड़ी है। कई ट्रेनों को ऐसे वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा जिनसे इनके नियमित स्टॉपेज छूट जाएंगे। “Train Cancelled”

जननायक एक्सप्रेस अब अयोध्या-वाराणसी होकर चलेगी

अमृतसर से 1 और 2 सितंबर 2026 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15212 अमृतसर-दरभंगा जननायक एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से चलेगी। यह ट्रेन रोजा, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या कैंट, वाराणसी जंक्शन, छपरा ग्रामीण और मुजफ्फरपुर के रास्ते संचालित की जाएगी।

इस मार्ग परिवर्तन के कारण ट्रेन का ठहराव मैंगलगंज, सीतापुर सिटी, सीतापुर, बुढ़वल, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, कप्तानगंज, घुघली, सिसवाबाजार, खड्डा, बगहा, हरिनगर, नरकटियागंज, चनपटिया, बेतिया, सगौली, बापूधाम मोतिहारी, पिपरा, चकिया, मेहसी और मोतीपुर में नहीं रहेगा। ऐसे यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी जिनकी बुकिंग इन स्टेशनों के लिए है। “Train Cancelled”

शहीद एक्सप्रेस के यात्रियों को भी झटका

अमृतसर से 1 सितंबर 2026 को चलने वाली गाड़ी संख्या 14674 अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग से चलेगी। ट्रेन बाराबंकी, अयोध्या कैंट, वाराणसी जंक्शन, वाराणसी सिटी, मऊ और भटनी होकर अपने गंतव्य की ओर जाएगी।

रूट बदलने के कारण जरवल रोड, गोंडा, मनकापुर, बभनान, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर और देवरिया सदर स्टेशनों पर इस ट्रेन का ठहराव नहीं होगा। इसी तरह जयनगर से 2 और 3 सितंबर को चलने वाली गाड़ी संख्या 14673 जयनगर-अमृतसर शहीद एक्सप्रेस भी भटनी, मऊ, वाराणसी जंक्शन, अयोध्या कैंट और बाराबंकी के रास्ते चलेगी। वापसी दिशा में भी देवरिया सदर, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, बभनान, मनकापुर, गोंडा और जरवल रोड के यात्रियों को सामान्य स्टॉपेज की सुविधा नहीं मिलेगी।

बाघ एक्सप्रेस भी बदले हुए रूट से चलेगी

काठगोदाम से 1 सितंबर 2026 को चलने वाली गाड़ी संख्या 13020 काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस को भी परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। यह ट्रेन बाराबंकी, अयोध्या कैंट, वाराणसी जंक्शन, वाराणसी सिटी, मऊ और भटनी के रास्ते संचालित होगी।

मार्ग परिवर्तन के कारण जरवल रोड, गोंडा, मनकापुर, बभनान, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, चौरीचौरा और देवरिया सदर में इसका ठहराव नहीं रहेगा। वहीं हावड़ा से 2 सितंबर को चलने वाली गाड़ी संख्या 13019 हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस भी छपरा, वाराणसी जंक्शन, अयोध्या कैंट और बाराबंकी के रास्ते चलेगी। इस ट्रेन के भी कई नियमित स्टॉपेज समाप्त रहेंगे।

जनसेवा और वैशाली एक्सप्रेस भी प्रभावित

पूर्णिया कोर्ट से 2 और 3 सितंबर 2026 को चलने वाली गाड़ी संख्या 14617 पूर्णिया कोर्ट-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस को भी परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। यह ट्रेन छपरा, वाराणसी जंक्शन, अयोध्या कैंट, बाराबंकी, लखनऊ और रोजा होकर चलेगी। इसके कारण एकमा, दुरौंधा, सीवान, मैरवा, भटनी, देवरिया सदर, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर और मैंगलगंज में इसका ठहराव नहीं रहेगा।

ललितग्राम से 3 सितंबर को चलने वाली गाड़ी संख्या 15565 ललितग्राम-नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस भी छपरा, वाराणसी जंक्शन, अयोध्या कैंट और बाराबंकी के रास्ते चलेगी। इस ट्रेन के यात्रियों को सीवान, देवरिया सदर, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती और गोंडा में ठहराव की सुविधा नहीं मिलेगी।

कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस का भी बदलेगा मार्ग

कटिहार से 1 और 2 सितंबर 2026 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15707 कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस भी प्रभावित रहेगी। रेलवे के अनुसार इसे छपरा, औंड़िहार, जौनपुर, अयोध्या कैंट और बाराबंकी के रास्ते चलाया जाएगा।

इस बदलाव के कारण एकमा, सीवान, मैरवा, देवरिया सदर, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, मनकापुर, गोंडा और करनैलगंज स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव नहीं रहेगा। इन स्टेशनों के यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए वैकल्पिक स्टेशन या दूसरी ट्रेन की व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

बिहार संपर्क क्रांति का रूट भी बदलेगा

दरभंगा से 3 सितंबर 2026 को चलने वाली गाड़ी संख्या 12565 दरभंगा-नई दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को भी परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। यह ट्रेन छपरा, वाराणसी जंक्शन, बनारस, प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल के रास्ते आगे जाएगी।

इस मार्ग परिवर्तन के कारण सीवान, देवरिया सदर, गोरखपुर, गोंडा, बादशाहनगर, ऐशबाग और उन्नाव स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव नहीं होगा। बिहार संपर्क क्रांति से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि गोरखपुर और गोंडा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर सामान्य ठहराव उपलब्ध नहीं रहेगा।

डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस भी प्रभावित

चंडीगढ़ से 2 सितंबर 2026 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15904 चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग से चलेगी। यह ट्रेन लखनऊ, सुलतानपुर, वाराणसी जंक्शन और छपरा के रास्ते संचालित की जाएगी।

इस दौरान गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया सदर और सीवान स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव नहीं रहेगा। पूर्वोत्तर भारत की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को इस बदलाव की जानकारी पहले से रखना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि गोरखपुर और सीवान जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

अमृत भारत एक्सप्रेस भी बदले मार्ग से चलेगी

खातीपुरा से 1 और 2 सितंबर 2026 को चलने वाली गाड़ी संख्या 19725 खातीपुरा-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित मार्ग के बजाय बाराबंकी, अयोध्या कैंट, शाहगंज, मऊ, भटनी, सीवान, थावे और कप्तानगंज के रास्ते चलेगी।

मार्ग परिवर्तन के कारण इस ट्रेन का गोंडा और गोरखपुर में ठहराव नहीं रहेगा। ऐसे में इन दोनों प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को इस अवधि में ट्रेन यात्रा की योजना बनाते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।

क्लोन स्पेशल ट्रेनों का भी रूट बदलेगा

बरौनी से 3 सितंबर को चलने वाली गाड़ी संख्या 02563 बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल और दरभंगा से 3 सितंबर को चलने वाली गाड़ी संख्या 02569 दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल भी परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। दोनों ट्रेनों को छपरा, औंड़िहार, वाराणसी जंक्शन, बनारस, प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल के रास्ते संचालित किया जाएगा।

इन ट्रेनों के परिवर्तित परिचालन के कारण सीवान, देवरिया सदर, गोरखपुर, बस्ती और ऐशबाग स्टेशनों पर ठहराव नहीं रहेगा। दिल्ली जाने वाले यात्रियों को यात्रा से पहले यह जरूर जांच लेना चाहिए कि उनकी ट्रेन निर्धारित स्टेशन से होकर जा रही है या नहीं।

सात ट्रेनों को किया गया पुनर्निर्धारित

रेलवे ने कुछ ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट करने के बजाय उनके प्रस्थान समय में बदलाव किया है। बढ़नी से 30 अगस्त से 3 सितंबर तक चलने वाली गाड़ी संख्या 55040 बढ़नी-नरकटियागंज सवारी गाड़ी को 240 मिनट यानी चार घंटे पुनर्निर्धारित कर चलाया जाएगा।

आनंद विहार टर्मिनल से 31 अगस्त को चलने वाली 15274 आनंद विहार टर्मिनल-रक्सौल सत्याग्रह एक्सप्रेस को 60 मिनट, संबलपुर से 2 सितंबर को चलने वाली 15027 संबलपुर-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस को 300 मिनट और बरौनी से 3 सितंबर को चलने वाली 19038 बरौनी-बांद्रा टर्मिनस अवध एक्सप्रेस को 300 मिनट पुनर्निर्धारित किया गया है।

मुजफ्फरपुर से 3 सितंबर को चलने वाली 12557 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस 240 मिनट की देरी से रवाना होगी। वहीं बांद्रा टर्मिनस से 31 अगस्त को चलने वाली 19037 बांद्रा टर्मिनस-बरौनी अवध एक्सप्रेस 120 मिनट पुनर्निर्धारित होगी। कटिहार से 3 सितंबर को चलने वाली 15705 कटिहार-दिल्ली चंपारण हमसफर एक्सप्रेस को भी 75 मिनट पुनर्निर्धारित किया गया है।

कुछ ट्रेनें रास्ते में नियंत्रित होंगी

रेलवे ने चार ट्रेनों को नियंत्रित करके चलाने का भी निर्णय लिया है। दरभंगा से 3 सितंबर को चलने वाली 19726 दरभंगा-खातीपुरा अमृत भारत एक्सप्रेस को वाराणसी मंडल में 45 मिनट नियंत्रित किया जाएगा।

कामाख्या से 31 अगस्त को चलने वाली 15655 कामाख्या-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस भी वाराणसी मंडल में 45 मिनट नियंत्रित होगी। आनंद विहार टर्मिनल से 31 अगस्त और 4 सितंबर को चलने वाली 15274 सत्याग्रह एक्सप्रेस को लखनऊ मंडल में 60 मिनट नियंत्रित किया जाएगा।

बांद्रा टर्मिनस से 30 अगस्त को चलने वाली 19037 बांद्रा टर्मिनस-बरौनी अवध एक्सप्रेस को उत्तर रेलवे में 30 मिनट और लखनऊ मंडल में 45 मिनट नियंत्रित किया जाएगा। इसका मतलब है कि इन ट्रेनों की यात्रा के दौरान निर्धारित समय की तुलना में अतिरिक्त विलंब हो सकता है।

यात्रियों के लिए क्यों जरूरी है यह अपडेट

रेलवे के इस परिचालन बदलाव का सबसे ज्यादा असर गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, खलीलाबाद, गोंडा, सीवान, नरकटियागंज और आसपास के स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। कई ट्रेनों का सामान्य रूट बदलने के साथ ही उनके नियमित ठहराव भी समाप्त किए गए हैं। ऐसे में केवल ट्रेन नंबर देखकर स्टेशन पहुंचना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

खासकर जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर रखा है, उन्हें यात्रा की तारीख के अनुसार ट्रेन की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए। यदि ट्रेन का रूट बदल गया है या संबंधित स्टेशन पर उसका ठहराव समाप्त कर दिया गया है तो समय रहते वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करना बेहतर होगा।

रेलवे के बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण काम

गोरखपुर कैंट-उनौला के बीच पैच दोहरीकरण का कार्य लंबे समय में यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। रेल लाइन का दोहरीकरण होने से भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाने, क्रॉसिंग और परिचालन संबंधी दबाव कम करने तथा रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल निर्माण और कमीशनिंग के दौरान यात्रियों को कुछ परेशानी उठानी पड़ सकती है, लेकिन आधारभूत संरचना के मजबूत होने के बाद इसका लाभ लंबे समय तक मिलने की उम्मीद है। रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण भी इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि नई या दोहरीकृत लाइन को नियमित परिचालन में शामिल करने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच आवश्यक होती है।

3 सितंबर के आसपास सबसे ज्यादा असर

इस पूरे बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण समय 31 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच रहेगा। इसी अवधि में कई ट्रेनें रद्द रहेंगी, जबकि 1, 2 और 3 सितंबर को बड़ी संख्या में लंबी दूरी की ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। 3 सितंबर को रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के कारण परिचालन में विशेष बदलाव देखने को मिलेगा।

यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी यात्रा की तारीख के अनुसार रेलवे की ताजा जानकारी देखें। किसी ट्रेन का सामान्य समय या रूट याद होने के आधार पर यात्रा करना इस अवधि में जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि ट्रेन के रूट, स्टॉपेज और प्रस्थान समय में बदलाव किया गया है।

यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने की सलाह

रेलवे के इस बदलाव के कारण यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस, निर्धारित रूट, ठहराव और प्रस्थान समय जरूर जांच लें। विशेष रूप से गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, सीवान, देवरिया सदर और नरकटियागंज से यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

कुल मिलाकर गोरखपुर कैंट-उनौला पैच दोहरीकरण के एनआई कार्य के कारण 31 अगस्त से 4 सितंबर के बीच रेल परिचालन में व्यापक बदलाव किया गया है। तीन सवारी ट्रेनें रद्द रहेंगी, 13 महत्वपूर्ण ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी, सात ट्रेनों को पुनर्निर्धारित किया गया है और चार ट्रेनों को नियंत्रित करके चलाया जाएगा। रेलवे का यह कदम अस्थायी परेशानी के बावजूद रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, लेकिन यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें।

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