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04/11/2026 8:34 pm

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आयुष

कैसे ‘ग्रीन एक्सरसाइज’ बदल सकती है आपका दिमाग और शरीर?

आज का जीवन पहले से कहीं अधिक तेज़, डिजिटल और तनावपूर्ण हो गया है। सुबह मोबाइल की स्क्रीन से दिन की शुरुआत होती है और रात भी उसी स्क्रीन पर खत्म होती है। ऑफिस, ट्रैफिक, सोशल मीडिया और लगातार काम के दबाव के बीच लोगों के पास खुली हवा में समय बिताने का अवसर कम … Read more

क्या हर दिन एक ही समय पर खाना है बेहतर? भोजन की टाइमिंग और सेहत के बीच बताया गहरा संबंध

आधुनिक जीवनशैली में भोजन का समय लगातार अनियमित होता जा रहा है। कभी नाश्ता छोड़ देना, कभी देर रात खाना खाना और कभी पूरे दिन कुछ न खाकर शाम को भारी भोजन कर लेना अब सामान्य बात बन गई है। घर से काम करने की संस्कृति, देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग तथा … Read more

क्या धीरे-धीरे खाना खाने से कम हो सकता है ब्लड शुगर? नई रिसर्च का क्या कहना है?

आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि लोगों के पास भोजन खरीदने का समय है, लेकिन उसे आराम से खाने का समय नहीं। ऑफिस की मीटिंग के बीच जल्दी-जल्दी खाना, मोबाइल देखते हुए भोजन करना, कार में स्नैक्स खा लेना या टीवी के सामने डिनर करना लाखों लोगों की दिनचर्या बन चुका है। … Read more

क्या आपकी सुबह की कॉफी बदल रही है दिमाग और आंतों की दुनिया? नई रिसर्च ने खोले चौंकाने वाले राज

दुनिया भर में करोड़ों लोगों की सुबह कॉफी से शुरू होती है। भारत में भी पिछले एक दशक में कॉफी पीने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले इसे केवल ऊर्जा देने वाला पेय माना जाता था, लेकिन अब वैज्ञानिक इसे एक जटिल जैविक पेय के रूप में देख रहे हैं। वर्ष 2026 में … Read more

पानी पीने का भी है सही तरीका? नई रिसर्च बता रही है कि सिर्फ मात्रा नहीं, समय और आदत भी है उतनी ही महत्वपूर्ण

आज फिटनेस और हेल्थ को लेकर जागरूकता पहले से कहीं अधिक बढ़ी है। अधिकांश लोग अपने साथ पानी की बोतल रखते हैं और दिनभर पानी पीने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया पर भी रोज़ाना तीन से चार लीटर पानी पीने जैसी सलाहें आम दिखाई देती हैं। लेकिन हाल के वैज्ञानिक अध्ययनों ने यह स्पष्ट … Read more

क्या ‘ग्रैटिट्यूड जर्नल’ सचमुच बदल सकता है आपका दिमाग? नई रिसर्च ने कृतज्ञता की शक्ति पर खोले कई राज

आज की दुनिया उपलब्धियों, प्रतिस्पर्धा और लगातार बेहतर बनने की दौड़ में आगे बढ़ रही है। लोग पहले से अधिक कमा रहे हैं, बेहतर तकनीक का उपयोग कर रहे हैं और सुविधाओं से घिरे हुए हैं, फिर भी तनाव, चिंता और मानसिक थकान के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इसका … Read more

नींद की गुणवत्ता क्यों बन गई है नई हेल्थ करेंसी? नई रिसर्च बताती है सिर्फ घंटे नहीं, नियमित समय भी है जरूरी

आज का इंसान पहले से कहीं अधिक व्यस्त है। देर रात तक मोबाइल चलाना, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज देखना, देर तक ऑफिस का काम करना और सप्ताहांत में देर तक सोकर नींद पूरी करने की कोशिश करना आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बन गया है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान अब यह मानने लगा है कि नींद … Read more

सुबह की धूप क्यों बन रही है नई ‘नेचुरल मेडिसिन’? जानिए ताज़ा रिसर्च क्या कहती है

आधुनिक जीवनशैली ने इंसान को पहले से कहीं अधिक घरों और दफ्तरों के भीतर सीमित कर दिया है। सुबह उठते ही मोबाइल फोन, लैपटॉप और कृत्रिम रोशनी से दिन की शुरुआत होना अब सामान्य बात है। कई लोग ऑफिस पहुंचने तक प्राकृतिक धूप देख ही नहीं पाते। लेकिन पिछले दो वर्षों में प्रकाशित अनेक वैज्ञानिक … Read more

कुर्सी पर लगातार बैठना बन सकता है नई उम्र का सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा? जानिए ‘माइक्रो मूवमेंट’ का नया विज्ञान

डिजिटल युग ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। कभी खेतों, फैक्ट्रियों और खुले मैदानों में सक्रिय रहने वाली बड़ी आबादी अब कंप्यूटर स्क्रीन के सामने घंटों बैठकर काम करती है। पत्रकार, आईटी प्रोफेशनल, बैंक कर्मचारी, शिक्षक, डिज़ाइनर और कॉर्पोरेट कर्मचारियों से लेकर घर से काम करने वाले लाखों लोग दिन का … Read more

क्या अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड धीरे-धीरे कमजोर कर रहे हैं दिमाग? नई रिसर्च ने बढ़ाई चिंता, लेकिन पूरी तस्वीर जानना भी जरूरी

पिछले दो दशकों में भारतीय रसोई तेजी से बदली है। जहां पहले घरों में दाल, सब्जी, ताजा रोटी, मौसमी फल और पारंपरिक नाश्ते का महत्व था, वहीं आज व्यस्त जीवनशैली ने पैकेटबंद और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ा दी है। चिप्स, मीठे पेय, इंस्टेंट नूडल्स, प्रोसेस्ड मीट, फ्रोजन स्नैक्स और कई तरह के तैयार … Read more