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05/08/2026 7:00 pm

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घरेलू उपचार

क्या ‘ग्रैटिट्यूड जर्नल’ सचमुच बदल सकता है आपका दिमाग? नई रिसर्च ने कृतज्ञता की शक्ति पर खोले कई राज

आज की दुनिया उपलब्धियों, प्रतिस्पर्धा और लगातार बेहतर बनने की दौड़ में आगे बढ़ रही है। लोग पहले से अधिक कमा रहे हैं, बेहतर तकनीक का उपयोग कर रहे हैं और सुविधाओं से घिरे हुए हैं, फिर भी तनाव, चिंता और मानसिक थकान के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इसका … Read more

नींद की गुणवत्ता क्यों बन गई है नई हेल्थ करेंसी? नई रिसर्च बताती है सिर्फ घंटे नहीं, नियमित समय भी है जरूरी

आज का इंसान पहले से कहीं अधिक व्यस्त है। देर रात तक मोबाइल चलाना, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज देखना, देर तक ऑफिस का काम करना और सप्ताहांत में देर तक सोकर नींद पूरी करने की कोशिश करना आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बन गया है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान अब यह मानने लगा है कि नींद … Read more

सुबह की धूप क्यों बन रही है नई ‘नेचुरल मेडिसिन’? जानिए ताज़ा रिसर्च क्या कहती है

आधुनिक जीवनशैली ने इंसान को पहले से कहीं अधिक घरों और दफ्तरों के भीतर सीमित कर दिया है। सुबह उठते ही मोबाइल फोन, लैपटॉप और कृत्रिम रोशनी से दिन की शुरुआत होना अब सामान्य बात है। कई लोग ऑफिस पहुंचने तक प्राकृतिक धूप देख ही नहीं पाते। लेकिन पिछले दो वर्षों में प्रकाशित अनेक वैज्ञानिक … Read more

क्या अच्छे रिश्ते बढ़ा सकते हैं आपकी उम्र? 88 साल की रिसर्च ने खोला स्वस्थ और खुशहाल जीवन का सबसे बड़ा रहस्य

जब स्वास्थ्य की बात होती है तो सबसे पहले हमारे मन में संतुलित भोजन, व्यायाम, योग और दवाओं का ख्याल आता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वैज्ञानिकों का ध्यान एक ऐसे विषय पर गया है, जिस पर पहले अपेक्षाकृत कम चर्चा होती थी—सामाजिक रिश्ते। क्या परिवार, दोस्त और भरोसेमंद संबंध हमारे शरीर और दिमाग … Read more

कुर्सी पर लगातार बैठना बन सकता है नई उम्र का सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा? जानिए ‘माइक्रो मूवमेंट’ का नया विज्ञान

डिजिटल युग ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। कभी खेतों, फैक्ट्रियों और खुले मैदानों में सक्रिय रहने वाली बड़ी आबादी अब कंप्यूटर स्क्रीन के सामने घंटों बैठकर काम करती है। पत्रकार, आईटी प्रोफेशनल, बैंक कर्मचारी, शिक्षक, डिज़ाइनर और कॉर्पोरेट कर्मचारियों से लेकर घर से काम करने वाले लाखों लोग दिन का … Read more

क्या अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड धीरे-धीरे कमजोर कर रहे हैं दिमाग? नई रिसर्च ने बढ़ाई चिंता, लेकिन पूरी तस्वीर जानना भी जरूरी

पिछले दो दशकों में भारतीय रसोई तेजी से बदली है। जहां पहले घरों में दाल, सब्जी, ताजा रोटी, मौसमी फल और पारंपरिक नाश्ते का महत्व था, वहीं आज व्यस्त जीवनशैली ने पैकेटबंद और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ा दी है। चिप्स, मीठे पेय, इंस्टेंट नूडल्स, प्रोसेस्ड मीट, फ्रोजन स्नैक्स और कई तरह के तैयार … Read more

सिर्फ 20 मिनट प्रकृति के बीच बिताइए: नई रिसर्च बताती है कैसे हरियाली बदल सकती है आपका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य

आज का शहर पहले से कहीं अधिक आधुनिक है। ऊंची इमारतें, चौड़ी सड़कें, मेट्रो, मॉल और चौबीसों घंटे चलने वाली जिंदगी ने सुविधाएं तो बढ़ाई हैं, लेकिन इसी तेज़ रफ्तार ने इंसान को प्रकृति से दूर भी कर दिया है। सुबह उठते ही मोबाइल स्क्रीन, दिनभर कंप्यूटर और शाम को फिर डिजिटल दुनिया—यह दिनचर्या लाखों … Read more

100 साल तक स्वस्थ जीवन का रहस्य: दुनिया के ‘ब्लू ज़ोन’ से भारत क्या सीख सकता है?

दुनिया में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें वैज्ञानिक और जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ “ब्लू ज़ोन” के नाम से जानते हैं। ये वे इलाके हैं जहां सामान्य आबादी की तुलना में 90 और 100 वर्ष से अधिक आयु तक पहुंचने वाले लोगों की संख्या अधिक पाई गई है। इनमें जापान का ओकिनावा, इटली का सार्डिनिया, ग्रीस का इकारिया, … Read more

क्या भोजन का समय भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना भोजन? जानिए ‘क्रोनोन्यूट्रिशन’ का नया विज्ञान

आज का शहरी जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यस्त हो गया है। देर रात तक काम करना, मोबाइल और लैपटॉप के सामने घंटों बिताना, अनियमित नींद और रात में देर से भोजन करना अब सामान्य बात बन चुकी है। लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि स्वास्थ्य केवल इस बात पर निर्भर … Read more

रसोई में छिपा भविष्य: जब दादी की रेसिपी को विज्ञान ने दिया नया सम्मान

कुछ दशक पहले तक भारत के अधिकांश घरों में दही जमाना, इडली या डोसा का घोल रातभर खमीर उठने के लिए रखना, कांजी बनाना या प्राकृतिक तरीके से अचार तैयार करना सामान्य घरेलू परंपरा थी। आधुनिक जीवनशैली और पैकेज्ड फूड के बढ़ते चलन के बीच ये आदतें धीरे-धीरे कम होती गईं। लेकिन अब दुनिया भर … Read more