
पैकेट वाला खाना सिर्फ पेट नहीं, दिमाग पर भी डाल सकता है असर? नई रिसर्च ने बढ़ाई चिंता?
भारत में पिछले एक दशक में खाने की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। घर का बना भोजन अब धीरे-धीरे इंस्टेंट नूडल्स, पैकेट वाले स्नैक्स, शक्करयुक्त पेय, फ्रोजन फूड और रेडी-टू-ईट उत्पादों से प्रतिस्पर्धा कर रहा है। तेज़ जीवनशैली और सुविधा की चाह ने इन खाद्य पदार्थों की लोकप्रियता बढ़ाई है। लेकिन अब वैज्ञानिकों का … Read more

क्या दूसरों की मदद करने से बढ़ सकती है आपकी उम्र? क्या है नई ‘हेल्थ थेरेपी’?
आज की दुनिया में सफलता को अक्सर अच्छी नौकरी, बड़ा घर, ऊंची आय और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है। लेकिन आधुनिक मनोविज्ञान और स्वास्थ्य विज्ञान एक अलग सवाल पूछ रहे हैं—यदि किसी व्यक्ति के पास सब कुछ हो, लेकिन उसके जीवन में कोई स्पष्ट उद्देश्य न हो, तो क्या वह वास्तव में स्वस्थ और … Read more

क्या डॉक्टर भविष्य में दवा के साथ ‘दोस्ती’ भी लिखेंगे? नई रिसर्च में खुलासा
आधुनिक चिकित्सा ने संक्रामक रोगों से लेकर जटिल सर्जरी तक अद्भुत उपलब्धियां हासिल की हैं। फिर भी तनाव, अकेलापन, चिंता, अवसाद और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सामने अब एक नया सवाल है—क्या हर समस्या का समाधान केवल दवा हो सकती है? इसी प्रश्न ने दुनिया … Read more

क्या नाश्ते का समय तय कर सकता है आपकी सेहत?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सबसे पहले जिस आदत की अनदेखी होती है, वह है समय पर भोजन करना। कई लोग सुबह नाश्ता छोड़ देते हैं, कुछ लोग दोपहर तक केवल चाय या कॉफी के सहारे रहते हैं, जबकि कुछ देर रात भारी भोजन करके सो जाते हैं। आधुनिक जीवनशैली में भोजन का समय … Read more

कैसे ‘ग्रीन एक्सरसाइज’ बदल सकती है आपका दिमाग और शरीर?
आज का जीवन पहले से कहीं अधिक तेज़, डिजिटल और तनावपूर्ण हो गया है। सुबह मोबाइल की स्क्रीन से दिन की शुरुआत होती है और रात भी उसी स्क्रीन पर खत्म होती है। ऑफिस, ट्रैफिक, सोशल मीडिया और लगातार काम के दबाव के बीच लोगों के पास खुली हवा में समय बिताने का अवसर कम … Read more

क्या हर दिन एक ही समय पर खाना है बेहतर? भोजन की टाइमिंग और सेहत के बीच बताया गहरा संबंध
आधुनिक जीवनशैली में भोजन का समय लगातार अनियमित होता जा रहा है। कभी नाश्ता छोड़ देना, कभी देर रात खाना खाना और कभी पूरे दिन कुछ न खाकर शाम को भारी भोजन कर लेना अब सामान्य बात बन गई है। घर से काम करने की संस्कृति, देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग तथा … Read more

क्या धीरे-धीरे खाना खाने से कम हो सकता है ब्लड शुगर? नई रिसर्च का क्या कहना है?
आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि लोगों के पास भोजन खरीदने का समय है, लेकिन उसे आराम से खाने का समय नहीं। ऑफिस की मीटिंग के बीच जल्दी-जल्दी खाना, मोबाइल देखते हुए भोजन करना, कार में स्नैक्स खा लेना या टीवी के सामने डिनर करना लाखों लोगों की दिनचर्या बन चुका है। … Read more

क्या मोटे अनाज सिर्फ मधुमेह के लिए हैं? नई रिसर्च बताती है रागी का दिमाग, नींद और स्वस्थ उम्र बढ़ने से भी है गहरा संबंध
कुछ दशक पहले तक भारत के कई राज्यों में रागी, बाजरा, ज्वार, कोदो और सांवा जैसे मोटे अनाज रोज़मर्रा की थाली का हिस्सा थे। हरित क्रांति के बाद गेहूं और चावल का उत्पादन बढ़ा और धीरे-धीरे मोटे अनाज पीछे छूटने लगे। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ती मधुमेह की समस्या और जीवनशैली … Read more

क्या आपकी सुबह की कॉफी बदल रही है दिमाग और आंतों की दुनिया? नई रिसर्च ने खोले चौंकाने वाले राज
दुनिया भर में करोड़ों लोगों की सुबह कॉफी से शुरू होती है। भारत में भी पिछले एक दशक में कॉफी पीने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले इसे केवल ऊर्जा देने वाला पेय माना जाता था, लेकिन अब वैज्ञानिक इसे एक जटिल जैविक पेय के रूप में देख रहे हैं। वर्ष 2026 में … Read more

पानी पीने का भी है सही तरीका? नई रिसर्च बता रही है कि सिर्फ मात्रा नहीं, समय और आदत भी है उतनी ही महत्वपूर्ण
आज फिटनेस और हेल्थ को लेकर जागरूकता पहले से कहीं अधिक बढ़ी है। अधिकांश लोग अपने साथ पानी की बोतल रखते हैं और दिनभर पानी पीने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया पर भी रोज़ाना तीन से चार लीटर पानी पीने जैसी सलाहें आम दिखाई देती हैं। लेकिन हाल के वैज्ञानिक अध्ययनों ने यह स्पष्ट … Read more

Mental Wellness Convention Inspires India’s Security Forces

राम मंदिर भूमि पूजन: सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक


Fermented Foods- क्या दही, इडली, कांजी और ढोकला सचमुच आंतों के लिए फायदेमंद हैं?

Slow Living- क्या तेज़ रफ्तार जीवन ही सफलता की पहचान है?

Laughter therapy-हंसी कैसे बन सकती है तनाव कम करने और बेहतर उपाय?
