
विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026: झारखंड में हेपेटाइटिस से जंग तेज, ‘बचाव ही एकमात्र उपाय’—एनएचएम अभियान निदेशक
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड द्वारा रांची के बीएनआर चाणक्या होटल में “हेपेटाइटिस: लेट्स ब्रेक इट डाउन” थीम पर

Guru Purnima 2026: Finding Inner Peace and Stability Through the Timeless Wisdom of Paramhansa Yogananda
In today’s rapidly changing world, uncertainty has become one of the defining characteristics of modern life. People face continuous challenges related to health, careers, financial

5 मिनट की जर्नलिंग का कमाल: क्या रोज़ लिखने की आदत तनाव कम कर सकती है?
एक समय था जब लोग अपनी भावनाएं डायरी के पन्नों पर लिखते थे। फिर मोबाइल, सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग के दौर में यह आदत धीरे-धीरे कम होती गई। लेकिन अब दुनिया के कई मनोवैज्ञानिक और व्यवहार वैज्ञानिक फिर से जर्नलिंग की बात कर रहे हैं। जर्नलिंग का मतलब केवल दिनभर की घटनाएं लिखना नहीं … Read more

अच्छी नींद से भी ज़्यादा ज़रूरी है रोज़ एक ही समय पर सोना? ‘स्लीप रेगुलैरिटी’ का बड़ा सच
कई वर्षों तक स्वास्थ्य विशेषज्ञ यही कहते रहे कि एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन सात से नौ घंटे की नींद लेनी चाहिए। यह सलाह आज भी सही मानी जाती है, लेकिन अब नींद के विज्ञान में एक नया पहलू तेजी से चर्चा में है—स्लीप रेगुलैरिटी यानी रोज़ लगभग एक ही समय पर सोना और जागना। … Read more

‘ऑ’ (Awe) का विज्ञान: क्या प्रकृति में 20 मिनट बिताने से तनाव कम और जीवन में खुशी बढ़ सकती है?
डिजिटल युग ने हमें दुनिया से जोड़ दिया है, लेकिन प्रकृति से दूर भी कर दिया है। सुबह उठते ही मोबाइल स्क्रीन, दिनभर कंप्यूटर और रात तक सोशल मीडिया—यह दिनचर्या धीरे-धीरे हमारे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। ऐसे समय में मनोविज्ञान और न्यूरोसाइंस की दुनिया में एक दिलचस्प शब्द तेजी से चर्चा में … Read more

Mahavatar Babaji: The Deathless Master Who Continues to Inspire Millions Through Kriya Yoga
For countless seekers across the world, Mahavatar Babaji is not merely a spiritual figure but an eternal presence whose divine grace continues to transform lives.

पवनमुक्तासन के फायदे: गैस, कब्ज और कमर दर्द से राहत दिलाने वाला आसान योगासन
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोग घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। अनियमित भोजन, जंक फूड, तनाव, पर्याप्त पानी न पीना और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण गैस, कब्ज, अपच और कमर दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विश्व स्तर पर किए गए अनेक अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ … Read more

पूर्वोत्तर भारत के फर्मेंटेड बांस की कोपलें: सदियों पुरानी फूड कल्चर
पूर्वोत्तर भारत की भोजन संस्कृति देश के अन्य हिस्सों से काफी अलग और समृद्ध है। यहां बांस केवल निर्माण सामग्री नहीं, बल्कि भोजन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। नागालैंड, मिजोरम, सिक्किम, मेघालय, मणिपुर और असम के कई क्षेत्रों में बांस की कोपलों (Bamboo Shoots) का उपयोग ताजा और फर्मेंटेड दोनों रूपों में किया जाता है। … Read more

क्या भारतीय फर्मेंटेड फूड्स हैं भविष्य का सुपरफूड? विज्ञान ने फिर से पहचानना शुरू किया
दुनिया भर में आजकल “गट हेल्थ” यानी आंतों की सेहत सबसे चर्चित स्वास्थ्य विषयों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि जिस दिशा में आधुनिक विज्ञान तेजी से आगे बढ़ रहा है, भारत के कई हिस्सों में उसकी झलक सदियों पुरानी भोजन परंपराओं में पहले से मौजूद रही है। दक्षिण भारत की इडली और … Read more

मणिपुर का काला चावल ‘चाक-हाओ’: भारत की प्राचीन फूड कल्चर का सुपरफूड जिसे दुनिया भी पहचान रही है
भारत की खाद्य संस्कृति केवल मसालों और मिठाइयों तक सीमित नहीं है। पूर्वोत्तर भारत में ऐसे अनेक पारंपरिक खाद्य पदार्थ हैं जो अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उनमें सबसे चर्चित नाम है मणिपुर का चाक-हाओ, जिसे ब्लैक राइस भी कहा जाता है। वर्ष 2020 में इसे भौगोलिक संकेतक (GI) का दर्जा मिला, … Read more


Prediabetes In Rural-प्रीडायबिटीज का खतरा बढ़ रहा, गांवों में इसकी पहचान कम

Obesity India-सिर्फ वजन नहीं, कमर का घेरा भी दे रहा है चेतावनी !



Rural Women Empowerment Workshop Held at BIT Mesra with Focus on Livelihood
