
पवनमुक्तासन के फायदे: गैस, कब्ज और कमर दर्द से राहत दिलाने वाला आसान योगासन
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोग घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। अनियमित भोजन, जंक फूड, तनाव, पर्याप्त पानी न पीना और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण गैस, कब्ज, अपच और कमर दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विश्व स्तर पर किए गए अनेक अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ … Read more

पूर्वोत्तर भारत के फर्मेंटेड बांस की कोपलें: सदियों पुरानी फूड कल्चर
पूर्वोत्तर भारत की भोजन संस्कृति देश के अन्य हिस्सों से काफी अलग और समृद्ध है। यहां बांस केवल निर्माण सामग्री नहीं, बल्कि भोजन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। नागालैंड, मिजोरम, सिक्किम, मेघालय, मणिपुर और असम के कई क्षेत्रों में बांस की कोपलों (Bamboo Shoots) का उपयोग ताजा और फर्मेंटेड दोनों रूपों में किया जाता है। … Read more

क्या भारतीय फर्मेंटेड फूड्स हैं भविष्य का सुपरफूड? विज्ञान ने फिर से पहचानना शुरू किया
दुनिया भर में आजकल “गट हेल्थ” यानी आंतों की सेहत सबसे चर्चित स्वास्थ्य विषयों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि जिस दिशा में आधुनिक विज्ञान तेजी से आगे बढ़ रहा है, भारत के कई हिस्सों में उसकी झलक सदियों पुरानी भोजन परंपराओं में पहले से मौजूद रही है। दक्षिण भारत की इडली और … Read more

मणिपुर का काला चावल ‘चाक-हाओ’: भारत की प्राचीन फूड कल्चर का सुपरफूड जिसे दुनिया भी पहचान रही है
भारत की खाद्य संस्कृति केवल मसालों और मिठाइयों तक सीमित नहीं है। पूर्वोत्तर भारत में ऐसे अनेक पारंपरिक खाद्य पदार्थ हैं जो अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उनमें सबसे चर्चित नाम है मणिपुर का चाक-हाओ, जिसे ब्लैक राइस भी कहा जाता है। वर्ष 2020 में इसे भौगोलिक संकेतक (GI) का दर्जा मिला, … Read more

लगातार बैठकर काम करना कितना खतरनाक? हर 30 मिनट बाद उठना आसान मंत्र
डिजिटल युग ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। आज लाखों लोग दिन के आठ से दस घंटे कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन के सामने बैठकर काम करते हैं। घर से काम करने की संस्कृति ने यह समय कई लोगों के लिए और बढ़ा दिया है। पहले जहां काम के दौरान स्वाभाविक … Read more

सिर्फ व्यायाम नहीं, सही समय भी है जरूरी: नई रिसर्च बता रही है क्यों सुबह की दिनचर्या बदल सकती है आपकी सेहत
कुछ वर्ष पहले तक स्वस्थ जीवन का अर्थ केवल संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम माना जाता था। अब वैज्ञानिकों का ध्यान इस बात पर भी है कि हम कब खाते हैं, कब सोते हैं और किस समय व्यायाम करते हैं। इसे “सर्कैडियन हेल्थ” कहा जाता है। नई रिसर्च बताती है कि यदि हमारी दिनचर्या शरीर … Read more

क्या सप्ताह में एक दिन ‘डिजिटल उपवास’ बदल सकता है आपकी जिंदगी?
आज का दिन मोबाइल के अलार्म से शुरू होता है और रात की आखिरी नज़र भी अक्सर स्मार्टफोन की स्क्रीन पर ही जाती है। ऑफिस का काम, बैंकिंग, खरीदारी, मनोरंजन, पढ़ाई और दोस्तों से बातचीत—लगभग हर काम मोबाइल से जुड़ चुका है। ऐसे में यह कहना कि तकनीक छोड़ दें, व्यावहारिक नहीं है। लेकिन वैज्ञानिक … Read more

बड़ी सफलता का राज 5 मिनट की छोटी आदतों में छिपा है? ‘माइक्रो हैबिट्स’ का नया मंत्र
हर नया साल आते ही लाखों लोग संकल्प लेते हैं कि अब रोज़ एक घंटा व्यायाम करेंगे, चीनी छोड़ देंगे, सुबह पांच बजे उठेंगे या हर दिन दस हजार कदम चलेंगे। लेकिन कुछ ही सप्ताह बाद अधिकांश लोग अपनी पुरानी दिनचर्या में लौट आते हैं। सवाल यह है कि ऐसा क्यों होता है? व्यवहार विज्ञान … Read more

दोस्ती के लिए नींद की कुर्बानी पड़ सकती है भारी! युवाओं की आदत पर चिंता
जब भी नींद खराब होने की बात होती है तो सबसे पहले मोबाइल फोन, सोशल मीडिया या वेब सीरीज़ को दोष दिया जाता है। लेकिन 2026 में प्रकाशित एक नई वैज्ञानिक रिसर्च ने एक अलग कारण की ओर ध्यान दिलाया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कई युवा मोबाइल की वजह से नहीं, बल्कि दोस्तों के … Read more

क्या खुलकर हंसना भी है एक तरह की थेरेपी? नई रिसर्च बता रही है हंसी का विज्ञान
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास काम के लिए समय है, लेकिन मुस्कुराने और खुलकर हंसने के लिए समय कम होता जा रहा है। दफ्तर का दबाव, आर्थिक चिंताएं, सोशल मीडिया की तुलना और लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने तनाव को जीवन का सामान्य हिस्सा बना दिया है। यही कारण है कि मानसिक … Read more


Prediabetes In Rural-प्रीडायबिटीज का खतरा बढ़ रहा, गांवों में इसकी पहचान कम

Obesity India-सिर्फ वजन नहीं, कमर का घेरा भी दे रहा है चेतावनी !



Rural Women Empowerment Workshop Held at BIT Mesra with Focus on Livelihood
