
क्या सप्ताह में एक दिन ‘डिजिटल उपवास’ बदल सकता है आपकी जिंदगी?
आज का दिन मोबाइल के अलार्म से शुरू होता है और रात की आखिरी नज़र भी अक्सर स्मार्टफोन की स्क्रीन पर ही जाती है। ऑफिस का काम, बैंकिंग, खरीदारी, मनोरंजन, पढ़ाई और दोस्तों से बातचीत—लगभग हर काम मोबाइल से जुड़ चुका है। ऐसे में यह कहना कि तकनीक छोड़ दें, व्यावहारिक नहीं है। लेकिन वैज्ञानिक … Read more

बड़ी सफलता का राज 5 मिनट की छोटी आदतों में छिपा है? ‘माइक्रो हैबिट्स’ का नया मंत्र
हर नया साल आते ही लाखों लोग संकल्प लेते हैं कि अब रोज़ एक घंटा व्यायाम करेंगे, चीनी छोड़ देंगे, सुबह पांच बजे उठेंगे या हर दिन दस हजार कदम चलेंगे। लेकिन कुछ ही सप्ताह बाद अधिकांश लोग अपनी पुरानी दिनचर्या में लौट आते हैं। सवाल यह है कि ऐसा क्यों होता है? व्यवहार विज्ञान … Read more

दोस्ती के लिए नींद की कुर्बानी पड़ सकती है भारी! युवाओं की आदत पर चिंता
जब भी नींद खराब होने की बात होती है तो सबसे पहले मोबाइल फोन, सोशल मीडिया या वेब सीरीज़ को दोष दिया जाता है। लेकिन 2026 में प्रकाशित एक नई वैज्ञानिक रिसर्च ने एक अलग कारण की ओर ध्यान दिलाया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कई युवा मोबाइल की वजह से नहीं, बल्कि दोस्तों के … Read more

क्या खुलकर हंसना भी है एक तरह की थेरेपी? नई रिसर्च बता रही है हंसी का विज्ञान
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास काम के लिए समय है, लेकिन मुस्कुराने और खुलकर हंसने के लिए समय कम होता जा रहा है। दफ्तर का दबाव, आर्थिक चिंताएं, सोशल मीडिया की तुलना और लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने तनाव को जीवन का सामान्य हिस्सा बना दिया है। यही कारण है कि मानसिक … Read more

From Karmacharis to Karma Yogis: Brahma Kumaris’ Spiritual Call for an Empowered India
In an era where stress, competition, and professional pressures have become an inseparable part of daily life, the Brahma Kumaris have launched a transformative movement

पैकेट वाला खाना सिर्फ पेट नहीं, दिमाग पर भी डाल सकता है असर? नई रिसर्च ने बढ़ाई चिंता?
भारत में पिछले एक दशक में खाने की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। घर का बना भोजन अब धीरे-धीरे इंस्टेंट नूडल्स, पैकेट वाले स्नैक्स, शक्करयुक्त पेय, फ्रोजन फूड और रेडी-टू-ईट उत्पादों से प्रतिस्पर्धा कर रहा है। तेज़ जीवनशैली और सुविधा की चाह ने इन खाद्य पदार्थों की लोकप्रियता बढ़ाई है। लेकिन अब वैज्ञानिकों का … Read more

क्या दूसरों की मदद करने से बढ़ सकती है आपकी उम्र? क्या है नई ‘हेल्थ थेरेपी’?
आज की दुनिया में सफलता को अक्सर अच्छी नौकरी, बड़ा घर, ऊंची आय और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है। लेकिन आधुनिक मनोविज्ञान और स्वास्थ्य विज्ञान एक अलग सवाल पूछ रहे हैं—यदि किसी व्यक्ति के पास सब कुछ हो, लेकिन उसके जीवन में कोई स्पष्ट उद्देश्य न हो, तो क्या वह वास्तव में स्वस्थ और … Read more

क्या डॉक्टर भविष्य में दवा के साथ ‘दोस्ती’ भी लिखेंगे? नई रिसर्च में खुलासा
आधुनिक चिकित्सा ने संक्रामक रोगों से लेकर जटिल सर्जरी तक अद्भुत उपलब्धियां हासिल की हैं। फिर भी तनाव, अकेलापन, चिंता, अवसाद और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सामने अब एक नया सवाल है—क्या हर समस्या का समाधान केवल दवा हो सकती है? इसी प्रश्न ने दुनिया … Read more

क्या नाश्ते का समय तय कर सकता है आपकी सेहत?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सबसे पहले जिस आदत की अनदेखी होती है, वह है समय पर भोजन करना। कई लोग सुबह नाश्ता छोड़ देते हैं, कुछ लोग दोपहर तक केवल चाय या कॉफी के सहारे रहते हैं, जबकि कुछ देर रात भारी भोजन करके सो जाते हैं। आधुनिक जीवनशैली में भोजन का समय … Read more

कैसे ‘ग्रीन एक्सरसाइज’ बदल सकती है आपका दिमाग और शरीर?
आज का जीवन पहले से कहीं अधिक तेज़, डिजिटल और तनावपूर्ण हो गया है। सुबह मोबाइल की स्क्रीन से दिन की शुरुआत होती है और रात भी उसी स्क्रीन पर खत्म होती है। ऑफिस, ट्रैफिक, सोशल मीडिया और लगातार काम के दबाव के बीच लोगों के पास खुली हवा में समय बिताने का अवसर कम … Read more


बार-बार आते हैं Negative Thoughts? जानिए मन को शांत रखने के आसान उपाय




BIT Mesra Lit Night 2026, पुस्तक प्रदर्शनी और कविता-नाटक ने मोहा मन
