
Millets Indian Food- जिसे कभी गरीबों का भोजन कहा गया, वही आज सुपरफूड
कुछ दशक पहले तक भारत के अनेक ग्रामीण इलाकों में बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो और सांवा जैसे मोटे अनाज रोज़मर्रा के भोजन का हिस्सा थे। बाद में चावल और गेहूं का प्रभुत्व बढ़ने से इनका उपयोग कम होता गया। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, पोषण वैज्ञानिकों और उपभोक्ताओं का ध्यान फिर इन अनाजों … Read more

Healthy Snacks- कैसे बिहार का पारंपरिक भोजन बन गया दुनिया का हेल्दी स्नैक?
बिहार के मिथिला क्षेत्र का नाम लेते ही मखाना याद आता है। सदियों से तालाबों में उगने वाला यह पारंपरिक खाद्य पदार्थ पहले मुख्य रूप

Intentional Boredom-क्या बोर होना भी है दिमाग के लिए ज़रूरी?
कुछ दशक पहले तक बस का इंतज़ार करना, ट्रेन की खिड़की से बाहर देखना, छत पर बैठकर आसमान निहारना या बिना किसी उद्देश्य के टहलना सामान्य बात थी। आज स्थिति बदल चुकी है। जैसे ही कुछ मिनट का खाली समय मिलता है, हाथ अपने-आप मोबाइल की ओर बढ़ जाता है। सोशल मीडिया, छोटे वीडियो, गेम … Read more

उत्तराखंड का ‘भट्ट की चुड़कानी’: पहाड़ों का पारंपरिक सुपरफूड जिसे अब पोषण विज्ञान भी समझ रहा है
भारत की क्षेत्रीय खाद्य परंपराएं केवल स्वाद की नहीं, बल्कि स्थानीय जलवायु, कृषि और पोषण विज्ञान की भी कहानी कहती हैं। उत्तराखंड का प्रसिद्ध व्यंजन

उष्ट्रासन (Camel Pose) के फायदे: क्या सच में थायराइड कंट्रोल और वजन घटाने में मदद करता है?
योग केवल शरीर को लचीला बनाने की कला नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और सांस के बीच संतुलन स्थापित करने का विज्ञान भी है। आधुनिक जीवनशैली में घंटों कुर्सी पर बैठना, मोबाइल और लैपटॉप पर लगातार झुके रहना, तनावपूर्ण दिनचर्या और शारीरिक निष्क्रियता ने गर्दन, पीठ, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं को बढ़ा … Read more

5 मिनट की जर्नलिंग का कमाल: क्या रोज़ लिखने की आदत तनाव कम कर सकती है?
एक समय था जब लोग अपनी भावनाएं डायरी के पन्नों पर लिखते थे। फिर मोबाइल, सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग के दौर में यह आदत धीरे-धीरे कम होती गई। लेकिन अब दुनिया के कई मनोवैज्ञानिक और व्यवहार वैज्ञानिक फिर से जर्नलिंग की बात कर रहे हैं। जर्नलिंग का मतलब केवल दिनभर की घटनाएं लिखना नहीं … Read more

अच्छी नींद से भी ज़्यादा ज़रूरी है रोज़ एक ही समय पर सोना? ‘स्लीप रेगुलैरिटी’ का बड़ा सच
कई वर्षों तक स्वास्थ्य विशेषज्ञ यही कहते रहे कि एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन सात से नौ घंटे की नींद लेनी चाहिए। यह सलाह आज भी सही मानी जाती है, लेकिन अब नींद के विज्ञान में एक नया पहलू तेजी से चर्चा में है—स्लीप रेगुलैरिटी यानी रोज़ लगभग एक ही समय पर सोना और जागना। … Read more

‘ऑ’ (Awe) का विज्ञान: क्या प्रकृति में 20 मिनट बिताने से तनाव कम और जीवन में खुशी बढ़ सकती है?
डिजिटल युग ने हमें दुनिया से जोड़ दिया है, लेकिन प्रकृति से दूर भी कर दिया है। सुबह उठते ही मोबाइल स्क्रीन, दिनभर कंप्यूटर और रात तक सोशल मीडिया—यह दिनचर्या धीरे-धीरे हमारे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। ऐसे समय में मनोविज्ञान और न्यूरोसाइंस की दुनिया में एक दिलचस्प शब्द तेजी से चर्चा में … Read more

पवनमुक्तासन के फायदे: गैस, कब्ज और कमर दर्द से राहत दिलाने वाला आसान योगासन
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोग घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। अनियमित भोजन, जंक फूड, तनाव, पर्याप्त पानी न पीना और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण गैस, कब्ज, अपच और कमर दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विश्व स्तर पर किए गए अनेक अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ … Read more

मणिपुर का काला चावल ‘चाक-हाओ’: भारत की प्राचीन फूड कल्चर का सुपरफूड जिसे दुनिया भी पहचान रही है
भारत की खाद्य संस्कृति केवल मसालों और मिठाइयों तक सीमित नहीं है। पूर्वोत्तर भारत में ऐसे अनेक पारंपरिक खाद्य पदार्थ हैं जो अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उनमें सबसे चर्चित नाम है मणिपुर का चाक-हाओ, जिसे ब्लैक राइस भी कहा जाता है। वर्ष 2020 में इसे भौगोलिक संकेतक (GI) का दर्जा मिला, … Read more


Prediabetes In Rural-प्रीडायबिटीज का खतरा बढ़ रहा, गांवों में इसकी पहचान कम

Obesity India-सिर्फ वजन नहीं, कमर का घेरा भी दे रहा है चेतावनी !



Rural Women Empowerment Workshop Held at BIT Mesra with Focus on Livelihood
